अपने सपने संस्था ने ठंड में फुटपाथ पर सो रहे जरुरतमंदो को उढ़ाये कम्बल
देहरादून। अपने सपने के वोलेंटियर्स ने देहरादून के अलग-अलग स्थानों पर सडक फुटपाथ पर सोये लोगों को कम्बल दे कर अपना नववर्ष मनाया। संस्था ने अपने क्लेमेंट टाउन स्थित कार्यलय से घंटाघर और फिर चकराता रोड़ से बल्लूपुर चैक तक 31 दिसम्बर की मध्य रात यह अभियान जारी रखा। गौरतलब है कि पिछले वर्ष भी संस्था के वोलेंटियर्स ने अपना नववर्ष इसी अंदाज में मनाया था। यह कम्बल संस्था ने देहरादून के आम नागरिको से एकत्रित किये थे। इस अभियान को करने का उद्देश्य यही था की सभी लोगों को जीने का हक है एवं इस ठिठुरती सर्दी में एक भी व्यक्ति की ठंड से…
एक पैर नहीं, नेशनल बॉडी बिल्डिंग चैम्पियनशिप है मोहित
गुड़गांव | हौसला हो तो हर मुमकिन को सफलता में बदल सकते है | यह सत्य किया है सोनीपत के मोहित ने | 11 साल की उम्र में बोन कैंसर होने के कारण एक पैर गंवा दिया। इसके बावजूद सोनीपत के मोहित ने बचपन की अपनी ख्वाहिश को पूरा करने की ठानी और पहले एक पैर पर चलने की प्रैक्टिस किया और बॉडी बिल्डिंग में हिस्सा ले रहा है। पिछले एक साल में ही मोहित ने नेशनल बॉडी बिल्डिंग चैम्पियनशिप में तीन गोल्ड, दो सिल्वर और दो ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किए हैं। 11 साल की उम्र में वर्ष 2009-10…
दूसरो के लिए कैसे जीया जाता है सीखे सपना उपाध्याय से….
दूसरों के लिए कैसे जीया जाता है यह आशियाना कॉलोनी सेक्टर-एच में रहने वाली सपना उपाध्याय से बखूबी सीखा जा सकता है। सपना कैंसर से जूझ रहे गरीब परिवार के बच्चों के इलाज के दौरान खून की जरूरत पर घरवालों को इधर-उधर न भटकना पड़े, इसके लिए हर महीने रक्तदान शिविर भी लगवाती है | सपना के पति बिजनेसमैन हैं और बेटी एमिटी यूनिवर्सिटी में पढ़ रही है। उन्हें दूसरों की मदद का खयाल 16 साल पहले आया, जब बेटी को अचानक एक दिन बुखार आ गया। तब वह लखनऊ विवि के बॉटनी विभाग में माइक्रोबायोलॉजी में रिसर्च कर रही…
कुली से सुपरस्टार तक रजनीकांत, जानिए खबर
आज साउथ के सुपरस्टार रजनीकांत का जन्मदिन है। उनका जन्मदिन उनके प्रशंसक के लिए किसी त्यौहार से कम नहीं है। रजनीकांत एक ऐसे अभिनेता हैं जो उम्र के इस पड़ाव पर आने के बाद भी फिल्मों में काफी ऐक्टिव हैं। वह असल में जिस तरह दिखते हैं, स्क्रीन पर उसके बिल्कुल उलट नजर आते हैं। यही नहीं, साउथ में तो फैन्स उनकी पूजा तक करते हैं।रजनीकांत का जन्म 12 दिसंबर 1950 को बेंगलुरु में हुआ था। उनके माता-पिता ने उनका नाम शिवाजी राव गायकवाड़ रखा था लेकिन फिल्मों में वह रजनीकांत के नाम से ही हिट हुए। मां की मौत…
जज्बा हो तो सब मुमकिन है, जानिये खबर
दादाबाड़ी | अब वह समय नहीं रहा जब महिलाएं घर की दहलीज तक सीमित थी वर्तमान समय में अब घर से बाहर निकलकर महिलाये जाॅब और बिजनेस तक कर रही है। अब महिलाओं का जज्बा इतना है कि वो अपने हौसलों और हिम्मत से घर-परिवार और महिलाओं की संबल बनी हुई हैं। ऐसी महिलाओं ने अपने जीवन में चुनौतियां स्वीकारी और स्वयं के अलावा अपने समूहों से जुड़ी महिलाओं को भी आर्थिक मजबूती प्रदान कर मुकाम हासिल किया। महिला अधिकारिता विभाग की ओर से गवर्नमेंट म्यूजियम के पास ग्रामीण हाट में लगाई एग्जीबिशन में ऐसी ही महिलाओं की कामयाबी देखने…
मां नहीं बन सकी पर 51 बेसहारा बच्चों की है माँ
मुजफ्फरनगर | जीना इसी का नाम है हर पल किसी शब्द को लेकर अचम्भित रहने वाले एक दंपती की कहानी कुछ ऐसी है जी हां ऐसा ही कुछ हुआ मुजफ्फरनगर के एक दंपती के साथ। शामली के कुदाना गांव की मीना राणा की शादी 1981 में बाघपत के वीरेंद्र राणा से हुई थी। शादी के 10 साल बाद भी उनको कोई संतान नहीं हुई। बाद में पता चला कि मीणा कभी मां नहीं बन सकतीं। किसान पति-पत्नी को जब कोई संतान नहीं हुई तो उन्होंने 1990 में एक दिव्यांग बच्चे को गोद लेने का फैसला किया। लगभग तीन दशक के…
भीख मांगते मिली थी मेजर की बेटी, जानिए खबर
एक मेजर की बेटी अंजना माता पिता के मौत के सदमे में सालों तक खुद को घर में ही कैद रखने के बाद सड़कों पर भीख मांगते मिली थी। आर्मी ने उसे अपने यहां कैंटीन में नौकरी भी दे दी है। अंजना के भाई अरुण का इलाज अभी चल रहा है। अंजना और उसका इलाज करने वाले लखनऊ के निर्वाण हॉस्पिटल के डॉ. सुरेश धपोला से बात चीत पर बताया की 22 साल की उम्र में उठ गया था परिवार का साया अंजना के मुताबिक लखनऊ के इंदिरा नगर में उनका अपना घर है। साल 2004 में रोड एक्सीडेंट में…
इसरो का बना बैज्ञानिक झोपड़-पट्टी में रहने वाला यह लड़का , जानिए खबर
25 साल के प्रथमेश हिरवे उस जगह पर जाने वाले हैं जहां आज तक कोई मुंबईवासी नहीं पहुंच सका। पवई के स्लम इलाके में स्थित अपने छोटे से घर में दिन रात मेहनत से पढ़ाई करने वाले प्रथमेश ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की परीक्षा पास कर ली है। अब वे वहां पर वैज्ञानिक के तौर पर काम करेंगे। उनकी कहानी जितनी संघर्षों भरी है उतनी ही दिलचस्प भी है। फिल्टरपाड़ा स्लम एरिया काफी घनी आबादी वाला इलाका है, जहां सुकून से पढ़ाई कर ले जाना ही किसी संघर्ष से कम नहीं है। प्रथमेश के दोस्त और पड़ोसी उन्हें…
यह स्टार अब दिखती है ऐसे , जानिये खबर
एड्स बीमारी के प्रति लोगों में अभी भी जागरूकता की कमी है। यहां तक कि कई बार इस बीमारी का पता मरीज को तब चलता है जब इलाज होना संभव नहीं होता। एड्स के प्रति भारत में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से हर साल 1 दिसंबर को वर्ल्ड एड्स डे मनाया जाता है। एक ऐसी जानलेवा बीमारी है जिससे ग्रस्त होने पर व्यक्ति अंदर से खोखला हो जाता है। तमिल एक्ट्रेस निशा नूर ने साउथ इंडिया की मशहूर फिल्मों जैसे कल्याण अगाथिकल और अय्यर दि ग्रेट में अभिनय किया। निशा ने तमिल, मलयालम, तेलुगू और कन्नड़ फिल्मों में काम किया।…
चिकन पॉक्स को क्यों कहा जाता है माता,जरा जानिए
वैसे तो हम सारी चीजों को भगवान की मर्जी से जोड़ते हैं, लेकिन चिकन पॉक्स को खासकर शीतला माता से जोड़ा जाता है। शीतला माता को मां दुर्गा का रूप माना जाता है। ऐसा कहते हैं कि उनकी पूजा करने से चेचक, फोड़े-फूंसी और घाव ठीक हो जाते हैं। दरअसल, शीतला का अर्थ होता है ठंडक। चिकन पॉक्स होने पर बॉडी में काफी इरिटेशन होती है और उस वक्त सिर्फ बॉडी को ठंडक चाहिए होती है। इसलिए कहा जाता है कि शीतला माता की पूजा करने से वो खुश हो जाती हैं, जिससे मरीज की बॉडी को ठंडक पहुंचती है।…






























