धोनी का हित , क्रिकेट के लिए अहित
खेल के मैदान में सबसे सर्वपरी देश होता है इसमें अपने हित की बात नहीं होती है.आज कल देश में क्रिकेट को बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट जो फैसला लिया है उससे उमीद बची हुई है. देश में धर्म की तरह पूजे जाने वाले क्रिकेट खेल को कलंकित करने वाले देश के कुछ खिलाड़ियों और बोर्ड के कुछ अधिकारियो को सुप्रीम कोर्ट के फटकार से एक रोशनी जगी है जो क्रिकेट को खेल भावना से अलग रुपयो पर पड़ी है . इस प्रकरण में कप्तान धोनी का हित भी सामने आ रहा है जो एक शुभ संकेत…
मुक्केबाज सरिता देवी के साथ सचिन
सचिन तेंदुलकर जितने खेल के मैदान में संजीदा रहते है उतने ही मैदान के बाहार . सचिन के लिए हर खेल खेल की भावना से प्रेरित लगती है. हाल ही में कॉमनवेल्थ खेल में महिला मुक्केबाज सरिता ने अपने खेल में अंपायर के निर्णय को गलत मानते हुए पदक लेने से इंकार कर दिया था. वर्त्तमान में इससे उलट सरिता देवी को ही सजा का पात्र बनाया गया . हाल ही में सचिन तेंदुलकर सरिता देवी के बचाव में कहा ही उनके साथ जो हुआ वह गलत हुआ.






















