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सीएम धामी ने कांवड़ यात्रा मे उत्तराखण्ड आये शिव भक्तों के चरण धोकर किया स्वागत

 

हरिद्वार | मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को हरिद्वार में डामकोठी के निकट गंगा घाट पर शिव भक्तों का स्वागत किया। उन्होंने कांवड़ यात्रा में देवभूमि उत्तराखण्ड आये शिव भक्तों के चरण धोकर एवं गंगाजली देकर स्वागत किया। उन्होंने कहा कि मां गंगा की कृपा सभी पर बनी रहे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने डामकोठी में वृक्षारोपण भी किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड आये शिव भक्तों में भगवान शिव का अंश दिखता है। उन्होंने कहा कि कांवड़ की सभी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से चले, इसके लिए सरकार द्वारा कांवड़ यात्रा के लिए पहली बार अलग से बजट की व्यवस्था की गई। सभी कांवड़ श्रद्धालु गंगा जल लेकर भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे। श्रद्धालुओं को राज्य में कोई भी परेशानी न हो, इसके लिए राज्य सरकार द्वारा हर सम्भव सुविधा उपलब्ध कराने के प्रयास किये गये हैं। कांवड़ मेले के सुचारू प्रबंधन के लिए मुख्यमंत्री ने सामाजिक संस्थाओं, स्वयं सेवी संस्थाओं, शासन एवं जिला प्रशासन के कार्यों की भी सराहना की। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड में इस वर्ष चारधाम एवं कांवड़ में रिकॉर्ड श्रद्धालु आ रहे हैं। अभी तक 27 लाख से अधिक रजिस्टर्ड श्रद्धालु चारधाम दर्शन के लिए आ चुके हैं। आज 28 लाख से अधिक कांवड़ यात्री देवभूमि उत्तराखण्ड में हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ यात्रा में श्रद्धालुओं को किसी भी परेशानी का सामना न करने पड़े, इसके लिए उच्च स्तर पर एक वाट्सप ग्रुप भी बनाया गया है, इस ग्रुप के माध्यम से सभी व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग की जा रही है, मुख्यमंत्री स्वयं इस ग्रुप से जुड़े हैं। इस अवसर पर विधायक आदेश चौहान, प्रदीप बत्रा, पूर्व विधायक संजय गुप्ता, गढ़वाल कमिश्नर सुशील कुमार, डीआईजी गढ़वाल श्री के. एस. नगन्याल, जिलाधिकारी हरिद्वार विनय शंकर पाण्डेय, एस.एस.पी डॉ. योगेन्द्र सिंह रावत, मुख्य विकास अधिकारी प्रतीक जैन एवं शिवभक्त मौजूद थे राज्य में भारी बरसात के अलर्ट के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय स्थित आपदा कंट्रोल रूम जाकर राज्य की स्थिति का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारी बारिश की सम्भावना को देखते हुए लगातार अलर्ट रहने की जरूरत है। आपदा को लेकर की गयी तैयारियों का नियमित रूप से परीक्षण किया जाए। कोई भी कमी पाए जाने पर तुरंत सुधार किया जाए। किसी भी अधिकारी का मोबाईल स्विच ऑफ न हो। इसमे कोई बहाना नहीं चलेगा। अपनी ड्यूटी में लापरवाही करने पर संबंधित के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही की जाए। जिलाधिकारी अपने जिलों की स्थिति के अनुसार स्कूलों में छुट्टी के संबंध में निर्णय लें। किसी तरह की असावधानी न बरती जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि खाद्यान्न, दवाइयां, ईंधन आदि आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई को एक बार फिर से चेक कर लिया जाए। संचार नेटवर्क में कोई समस्या न आए इसके लिये मोबाईल आपरेटर कम्पनियों से लगातार समन्वय रखा जाए। मुख्यमंत्री ने ऐसा सिस्टम बनाने को कहा कि राज्य मुख्यालय से प्रसारित सूचना गांव गांव तक अविलंब पहुंच जाए। सभी विभागीय सचिव और विभागाध्यक्ष आपदा की दृष्टि से अपने-अपने विभागों की नियमित रूप से माॅनिटरिंग करे। आपदा की स्थिति में प्रभावितो के रहने के लिये चिन्हित भवनों और स्थानों का फिर से सुरक्षा की दृष्टि से परीक्षण किया जाए। नये व युवा अधिकारियों की ड्यूटी लगाई जाए। बताया गया कि पर्याप्त संख्या में एसडीआरएफ व एनडीआरएफ की टीमें तैनात हैं। रियल टाईम मानिटरिंग की जा रही हैं। भूस्खलन से रास्ते बंद होने पर तुरंत खोलने के लिए विभिन्न स्थानों पर जेसीबी आदि लगाई गयी हैं। अधिकारियों व कर्मचारियों की दीर्घकालिक अवकाश पर रोक है। इस अवसर पर मुख्य सचिव डाॅ एस एस संधु, सचिव डाॅ रंजीत सिन्हा व अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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