जो हमारे मन में है,वही वाणी में होना चाहिए और वही कर्म में उतरना चाहिए : आचार्य सौरभ सागर
देहरादून | उत्तम आर्जव धर्म पर आधारित नाटिका “सर्वज्ञ के वचन सदा जयवंत रहेंगे” का प्रभावशाली मंचन क़ा आयोजन महिला जैन मिलन एकता एवं वीतराग विज्ञान पाठशाला श्री दिगंबर जैन पंचायती मंदिर एवं जैन भवन, गांधी रोड, देहरादून में परम पूज्य संस्कार प्रणेता, ज्ञानयोगी, आचार्य श्री 108 सौरभ सागर जी महाराज जो वर्तमान में उत्तराखंड के राजकीय अतिथि हैं के मंगल सान्निध्य में श्री स्वयंभू चौबीसी महामंडल विधान का शुभारंभ श्री दिगंबर जैन पंचायती मंदिर एवं जैन भवन, गांधी रोड में किया गया। दशलक्षण धर्म पर्व के तीसरे दिन, जिसे उत्तम आर्जव धर्म दिवस के रूप में मनाया जाता है, पूज्य आचार्य श्री ने अपने दिव्य प्रवचनों में कहा “गुमराह करना, भ्रमित करना और धोखा देना तब होता है जब हमारे विचार, वाणी और कर्म में सामंजस्य नहीं होता। आर्जव धर्म हमें सिखाता है कि जो हमारे मन में है, वही वाणी में होना चाहिए और वही कर्म में उतरना चाहिए — परन्तु यह भी आवश्यक है कि हमारे विचार सन्मार्ग पर हों।”सध्यकालीन कार्यक्रम में महिला जैन मिलन एकता एवं वीतराग विज्ञान पाठशाला द्वारा भव्य नाटिका “सर्वज्ञ के वचन सदा जयवंत रहेंगे, इस काल में सदा ही जैन संत रहेंगे” का मंचन किया गया।इस सांस्कृतिक प्रस्तुति का उद्देश्य तीर्थंकरों के केवलज्ञान से प्राप्त जिन धर्म के मूल सिद्धांतों को जन-जन तक पहुँचाना रहा। वीतराग विज्ञान पाठशाला द्वारा निरंतर तत्वज्ञान व आध्यात्मिक शिक्षा की प्रेरणा दी जाती रही है, और इसी कड़ी में यह आयोजन उल्लेखनीय रहा।कार्यक्रम का शुभारंभ वीतराग विज्ञान पाठशाला की अध्यक्षा वीरांगना वीणा जैन के नेतृत्व में महावीर प्रार्थना एवं पंच परमेष्ठी वंदना से हुआ। इसके पश्चात महिला जैन मिलन की वीरांगनाओं ने नाट्य प्रस्तुति दी, जिसमें नन्हें-मुन्ने बच्चों द्वारा कविताओं एवं प्रश्नोत्तर शैली के माध्यम से जैन धर्म के आदर्शों को सहजता से प्रस्तुत किया गया।
“अपनापन” नामक नाटक के माध्यम से यह दिखाया गया कि जहाँ आत्मिक संबंध होते हैं, वहाँ मनुष्य अपना सर्वस्व अर्पित करने को तत्पर रहता है। कार्यक्रम के अंतिम चरण में आत्मज्ञान की महत्ता को रेखांकित करती हुई “भव्यजन कव्वाली” एवं “जिया कब तक उलझेगा” तथा “देह जाए तो भले, जिन धर्म रहना चाहिए” जैसे भक्ति गीतों ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम का संचालन एकता के अध्यक्षता वंदना जैन ने सफलतापूर्वक किया | इस कार्यक्रम में वीरांगना प्रीति जैन अनुभा बबीता संध्या संगीता दीपशिखा हर्षिता मीनू सारिका शिखा का विशेष सहयोग रहा पाठशाला के बच्चों में कुमारी दृषि जैन रोनित रिमिषा आगम अरिहंत अरनव अनन्या श्रेया आदि बच्चों ने पार्टिसिपेट किया।





















