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Monday, December 22, 2025

उत्तराखंड : सचिवालय ए ने जीता मोनाल कप 2025 का खिताब -

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पहचान : जहां करते थे चपरासी की नौकरी, अब हैं असिस्टेंट कमिश्नर -

Thursday, December 11, 2025

निशा 6 बार हुई असफल, नहीं हारी हिम्मत बनी आइएएस -

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उत्तराखंड : छोटे-छोटे अपराधों में कारावास की सजा के बजाए अब सिर्फ अर्थ दंड का प्रावधान -

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अंकित तिवारी ने अपने जन्मदिन पर दिया रक्तदान का संदेश, जानिए खबर -

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मोनाल कप : सेमीफाइनल में पहुंची सचिवालय ए और सचिवालय डेंजर्स की टीम -

Wednesday, December 10, 2025

इनसे सीखे : गरीबी से लड़कर पवन बने आइएएस -

Wednesday, December 10, 2025

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Tuesday, December 9, 2025

मोनाल कप 2025 : हरिकेन और सचिवालय ईगल्स टीम की बड़ी जीत -

Tuesday, December 9, 2025

रॉयल स्ट्राइकर्स और सचिवालय ए की टीम मोनाल कप प्रतियोगिता के अगले दौर में पहुंची -

Monday, December 8, 2025

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Saturday, December 6, 2025

दुःखद : ट्रैक्टर-ट्रॉली व बाइक की जोरदार भिड़ंत से गई दो लोगों की जान -

Saturday, December 6, 2025

मोनाल कप : मैच के अगले दौर में पहुँचे सचिवालय रॉयल स्ट्राइकर, सचिवालय ए , सचिवालय वॉरियर्स और सचिवालय पैंथर -

Saturday, December 6, 2025

नौसेना दिवस-2025 : राज्यपाल ने किया डॉक्यूमेंट्री का विमोचन, नौसेना की भूमिका की सराहना की -

Friday, December 5, 2025

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Friday, December 5, 2025



मेहनत से हारी गरीबी , सिक्योरिटी गार्ड की बेटी बनी जज

 

मोहाली | मोहाली के खरड़ कैरो गांव की रहने वाली परमिंदर कौर ने वह कर दिखाया है जिससे ना सिर्फ परिवार को बल्कि पूरे गांव को बेटी पर गर्व है | परमिंदर कौर पंजाब में ज्यूडिशरी एग्जाम पास कर जज बन गई हैं | परमिंदर कौर बहुत ही गरीब परिवार से आती हैं | उनके पिता सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करते हैं जबकि माता मनरेगा में मजदूरी करती हैं | परमिंदर ने एक न्यूज़ पत्रकार से कहा कि उन्होंने भी कभी ऐसा सपना नहीं देखा था कि वह एक दिन जज बन जाएंगी हालांकि वह शुरू से ही पढ़ाई में अव्वल रही है लेकिन घर के हालात कमजोर होने के चलते उन्हें काफी कुछ सहना पड़ा | स्कूल में सरकारी स्कूल होने की वजह से उनकी पढ़ाई पूरी हो गई | बारहवीं करने के बाद ग्रेजुएशन करने की सोची उस वक्त उनके पास इतने पैसे नहीं थे कि कहीं किसी कॉलेज में एडमिशन करवा दे | इसलिए उन्होंने प्राइवेट ग्रेजुएशन करने की ठानी | परमिंदर ने बताया कि उन्होंने लॉ की तैयारी करनी शुरू की थी और वह वकील बनना चाहती थी उन्होंने तैयारी शुरू की थी | परमिंदर कौर ने बाद में सेक्टर 20 स्थित कोचिंग सेंटर में कोचिंग लेनी शुरू की लेकिन उसके लिए भी उनके पास पैसे नहीं थे | वहां के डायरेक्टर गुरिंदर पाल सिंह ने उनकी सहायता की | उन्हें केवल फ्री कोचिंग ही उपलब्ध नहीं करवाई बल्कि उनके रहने,पीने-खाने सभी का पूरा खर्च भी उठाया | एक दिन दोस्तों के फोन आए और उन्होंने उनको बताया कि वह बहुत अच्छे नंबर लेकर जज बन गई है | घरवालों की खुशी का कोई ठिकाना ना रहा और सभी माता-पिता से लेकर सभी लोग भावुक थे परमिंदर कौर ने कहा कि मैं सभी लड़कियों को यही कहना चाहूंगी कि वह सपने देखें और उन सपनों को पूरा करने के लिए मेहनत करें | कोई भी लड़की अपने सपने को पूरा कर सकती है |

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