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निशा 6 बार हुई असफल, नहीं हारी हिम्मत बनी आइएएस -

Thursday, December 11, 2025

उत्तराखंड : छोटे-छोटे अपराधों में कारावास की सजा के बजाए अब सिर्फ अर्थ दंड का प्रावधान -

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मोनाल कप : सेमीफाइनल में पहुंची सचिवालय ए और सचिवालय डेंजर्स की टीम -

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इनसे सीखे : गरीबी से लड़कर पवन बने आइएएस -

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मोनाल कप 2025 : हरिकेन और सचिवालय ईगल्स टीम की बड़ी जीत -

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रॉयल स्ट्राइकर्स और सचिवालय ए की टीम मोनाल कप प्रतियोगिता के अगले दौर में पहुंची -

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Saturday, December 6, 2025

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Saturday, December 6, 2025

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Friday, December 5, 2025



निशा 6 बार हुई असफल, नहीं हारी हिम्मत बनी आइएएस

 

देहरादून | आज हम आपको एक ऐसी ही आइएएस उम्मीदवार के बारे में बताएंगे, जिन्होंने 35 की उम्र में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की और 6 बार असफल होने के बाद IAS का पद हासिल किया |
दरअसल, हम बात कर रहे हैं केरल की निशा उन्नीराजन की, जिन्होंने यह साबित कर दिया कि सच्चे सपनों की कोई उम्र नहीं होती | हालांकि, उनका रास्ता आसान नहीं था | जब उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की, तब वह दो छोटी बेटियों की मां थीं | साथ ही वह नौकरी भी करती थीं और अपने घर को भी संभालती थीं | वह रोजाना सुबह जल्दी उठकर अपनी बेटियों को स्कूल के लिए तैयार करती, घर का काम संभालती और फिर अपनी नौकरी पर जाती | लेकिन जब सूरज ढल जाता, तब उनकी एक नई शिफ्ट शुरू होती | रात के सन्नाटे में वह अपनी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करती थीं | निशा का सफर काफी लंबा था | उन्हें सफलता रातोंरात नहीं मिली. इसके लिए उन्हें 7 प्रयास करने पड़े | लेकिन उनकी लगन कभी कम नहीं हुई और अंतत: उनकी मेहनत रंग लाई, जब उन्होंने 2024 में यूपीएससी सीएसई परीक्षा पास की और ऑल इंडिया 1000वीं रैंक हासिल की | ​जब उन्होंने परीक्षा पास की और आइएएस अधिकारी बनीं तब वह 40 साल की थीं | आज आईएएस निशा उन्नीराजन तिरुवनंतपुरम में सहायक लेखा परीक्षा अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं |

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