मैड ने मसूरी डाइवर्जन के पास चलाया अपना 18वां कायापलट अभियान|
देहरादून के शिक्षित छात्रों के संगठन मेकिंग ए दिफरंस बाए बीईंग द दिफरंस (मैड) संस्था ने अपना 18वां कायापलट अभियान चलाया| नैश्विल्ला रोड, ओल्ड सर्वे रोड, जाखन, भंडारी बाघ, रेलवे स्टेशन, इत्यादि के बाद मैड ने बीते रविवार के दिन को डाइवर्जन के पास कि लम्बी दीवार का कायापलट करने के लिए निर्धारित किया था|
जैसे जैसे कार्यक्रम शुरू हुआ ही था तभी मूसलाधार वर्षा ने एक्टिविटी पर ब्रेक लगा दिया| लेकिन सभी छात्र पानी से तर बत्तर होने तक काम करते रहे और कई और पोस्टर से सनी दीवार को साफ़ करने में कामयाब रहे|
गौरतलब है कि मैड के सभी सदस्य स्कूल या कालेज के छात्र हैं और आम तौर से यह संगठन अपनी सारी एक्टिविटीज रविवार को ही रखता है| औसतन एक दीवार के कायाकल्प में संगठन के 20 सदस्यों को 4 घंटे लगते है| मंगलवार और ब्रहिस्पतिवार को दोपहर कि तपती गर्मी के बीच किसी तरह समय निकाल-निकाल कर मैड इस दीवार का कायाकल्प करने में सफल रहा|
अभियान के दौरान मैड के प्रयासों को कई राह चलते लोगों ने सराहा| क्योंकि दीवार बहुत लम्बी और ऊंची थी, छात्रो को सीढ़ी कि भी ज़रुरत महसूस हुई और स्थानीय लोगों ने तुरंत हाज़िर करदी| मैड के अध्यक्ष अभिजय नेगी और समन्वयक शार्दुल सिंह राणा ने इस एक्टिविटी के लिए ज़रूरी इजाज़त पहले ही ले ली थी| तीन दिन चले इस मैराथन प्रयास में मुख्य तौर से हितेश, विश्वास पाण्डेय, साक्षी जिंदल, दीक्षा रावत, स्वाति सिंह, मानवेन्द्र रावत, इत्यादि शामिल हुए|




















