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Thursday, January 15, 2026

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Friday, December 12, 2025

पहचान : जहां करते थे चपरासी की नौकरी, अब हैं असिस्टेंट कमिश्नर -

Thursday, December 11, 2025

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Thursday, December 11, 2025

उत्तराखंड : छोटे-छोटे अपराधों में कारावास की सजा के बजाए अब सिर्फ अर्थ दंड का प्रावधान -

Thursday, December 11, 2025



पहचान : जहां करते थे चपरासी की नौकरी, अब हैं असिस्टेंट कमिश्नर

 

छत्तीसगढ़ | छत्तीसगढ़ के 29 वर्षीय शैलेन्द्र कुमार बंधे की कहानी संघर्ष और सफलता की एक अद्भुत मिसाल है | शैलेन्द्र ने अपनी कड़ी मेहनत और अदम्य साहस से यह साबित कर दिया कि किसी भी परिस्थिति में अपने सपनों को पूरा किया जा सकता है | एनआईटी रायपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बावजूद शैलेन्द्र ने सरकारी सेवा का सपना देखा | इस सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की परीक्षा पास की और सहायक आयुक्त (राज्य कर) का पद हासिल किया |
शैलेन्द्र ने रायपुर के CGPSC कार्यालय में चपरासी के रूप में काम करते हुए अपनी पढ़ाई जारी रखी | उन्होंने साबित किया कि कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता | नौकरी के साथ-साथ उन्होंने मेंस और इंटरव्यू की तैयारी जारी रखी | उनका मानना है कि हर काम की अपनी गरिमा होती है | बिलासपुर, छत्तीसगढ़ के शैलेन्द्र ने रायपुर से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की और फिर एनआईटी रायपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की | उनकी सफलता का संदेश है “असफलताओं से सीखें और कभी हार न मानें ” शैलेन्द्र को सरकारी सेवा में जाने की प्रेरणा उनके एक सीनियर से मिली, जिन्होंने CGPSC-2015 में सफलता पाई थी. उन्होंने निजी क्षेत्र में आकर्षक नौकरी के अवसरों को ठुकराकर सरकारी सेवा को चुना.शैलेन्द्र की सफलता उन सभी लोगों के लिए प्रेरणा है जो कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प से अपने सपनों को साकार करना चाहते हैं | उनकी कहानी यह सिखाती है कि यदि आप अपने लक्ष्य को लेकर समर्पित हैं, तो कोई भी बाधा आपको रोक नहीं सकती |

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