उत्तराखंड ने तमिलनाडु को शिकस्त देकर तीसरा स्थान किया अर्जित
गंभीर सिंह चौहान ने पूरे टूर्नामेंट में कुल 14 गोल कर “टॉप स्कोरर” की ट्रॉफी की अपने नाम
देहरादून /मध्यप्रदेश | मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में स्थित सेंटर फॉर डिसेबिलिटी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में 24 से 26 मार्च तक आयोजित हुआ पहला आई बी एफ एफ पार्शियली साइडेड नेशनल ब्लाइंड फुटबॉल चैंपियनशिप 2025. इसमें कुल आठ टीमों ने प्रतिभाग किया।केरल,तमिलनाडु, ओडिशा,मध्य प्रदेश,हरियाणा,आंध्र प्रदेश, उत्तराखंड और दिल्ली।इसमें अल्प दृष्टि दिव्यांग ही प्रतिभाग कर सकते हैं।जो कि बी 2 और बी 3 कैटेगरी में आते हैं।इसका आयोजन ब्लाइंड स्पोर्ट्स एसोसिएशन मध्य प्रदेश ने किया था। केरल ने फाइनल में ओडिशा को 2- 0 से हराकर चैंपियनशिप जीती तथा उत्तराखंड ने तमिलनाडु को पेनल्टी शूट आउट में 5- 3 से शिकस्त देकर तीसरा स्थान अर्जित किया। उत्तराखंड की टीम को नेशनल में प्रतिभाग करने के लिए उत्तराखंड ब्लाइंड स्पोर्ट्स एसोसिएशन ने भेजा था।बोर्ड के अध्यक्ष अन्नत मेहरा ने टीम के तृतीय स्थान पर आने पर खुशी जताते हुए कोच नरेश सिंह नयाल के अथक प्रयासों को सराहते हुए उनको और पूरी टीम को बधाई दी। टीम में कप्तान दीपक सिंह रावत के संग,गंभीर सिंह चौहान,सतेंद्र, दीपांशु पालीवाल,कृष्ण कांत,आयुष सोनी तथा गोलकीपर विपिन राणा और सागर आर्य थे।
गंभीर सिंह चौहान ने पूरे टूर्नामेंट में कुल 14 गोल किए तथा “टॉप स्कोरर ” की ट्रॉफी अपने नाम की। उत्तराखंड टीम का कोचिंग कैंप राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान में लगाया गया था और टीम के सभी खिलाड़ी संस्थान में ही शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। सभी खिलाड़ी अपने कोच नरेश सिंह नयाल के संग लगातार ट्रेनिंग करते रहते हैं और राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तरों पर अच्छा प्रदर्शन करते रहते हैं।