Breaking News:

विदेशी शिक्षा का भरोसेमंद ब्रांड बना TIG, जानिए खबर -

Wednesday, April 1, 2026

विधिक जागरूकता रूपी कार्यशाला का आयोजन -

Wednesday, March 25, 2026

विज्ञान प्रतियोगिता के छात्रों को पुरस्कृत किया गया, जानिए खबर -

Wednesday, March 25, 2026

देहरादून में समिट फिनसर्व ने नए कार्यालय का किया शुभारंभ, जानिए खबर -

Tuesday, March 24, 2026

नन्हे-मुन्नों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने बांधा समां, जानिए खबर -

Tuesday, March 24, 2026

‘मिस टैलेंटेड’ बनीं उत्तराखंड की बेटी वैष्णवी लोहनी, जानिए खबर -

Monday, March 23, 2026

कालिख पोते जाने के विरोध में पुतला दहन, जानिए खबर -

Monday, March 23, 2026

समाजसेवी जितेंद्र कुमार डंडोना को मिला “राष्ट्रीय प्रतिष्ठा पुरस्कार” -

Monday, March 23, 2026

19 अप्रैल को दौड़ेगा उत्तराखंड, विजेताओं पर होगी 10 लाख की धनवर्षा -

Thursday, March 19, 2026

मालाबार गोल्ड एंड डायमंड्स द्वारा उत्तराखंड में ब्रांड का दूसरा शोरूम खुला -

Wednesday, March 18, 2026

“वैश्य एकता दिवस” पर हर्ष उल्लास, जानिए खबर -

Tuesday, March 17, 2026

सांख्य योग फाउंडेशन द्वारा देहरादून के विभिन्न विद्यालयों में अलमारी का किया वितरण -

Saturday, March 7, 2026

देहरादून : ओगल भट्टा में प्रेमी प्रेमिका ने एक दूसरे को चाकू मार किया घायल, जानिए खबर -

Saturday, March 7, 2026

अनिल नेगी बने सचिवालय क्रिकेट क्लब के नए अध्यक्ष -

Thursday, February 26, 2026

एक मार्च को अंतर्राष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन उत्तराखंड द्वारा होली मिलन कार्यक्रम होगा आयोजन -

Thursday, February 26, 2026

गर्व : उत्तराखंड के सोवेंद्र भंडारी और साहिल हुए भारतीय ब्लाइंड फुटबॉल टीम में शामिल -

Thursday, February 19, 2026

मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय संगठन ने जरुरतमंद बच्चों के चेहरे पर लाई मुस्कान, जानिए खबर -

Wednesday, February 18, 2026

चारधाम यात्रा की तैयारियाँ तेज, जानिए खबर -

Tuesday, February 17, 2026

बुजर्ग दम्पति को पुत्रों ने घर निकाला बाहर, डीएम देहरादून ने थामा हाथ, जानिए खबर -

Tuesday, February 17, 2026

देहरादून : कांग्रेस का प्रदेश की भाजपा सरकार के खिलाफ हल्ला बोल -

Tuesday, February 17, 2026



एक खतरनाक वायरस जो चमगादड़ से फैलता है जानिए ख़बर

nipah-virus (3)

एक खतरनाक वायरस जो बेहद घातक है केरल के कोझिकोड जिले में इस वायरस से अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है और 6 लोगों की हालत नाजुक बनी हुई है। इस खतरनाक वायरस का नाम  निपाह वायरस है, इस से पीड़ित 25 मरीजों को निगरानी में रखा गया है। इस वायरस से जुड़ी और जानकारियां हासिल करने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग ने भी प्रभावित जिले में एक टीम भेज दी है। हम आपको बता रहे हैं निपाह वायरस को NiV इंफेक्शन भी कहा जाता है। इस बीमारी के लक्षणों की बात करें तो सांस लेने में तकलीफ, तेज बुखार, सिरदर्द, जलन, चक्कर आना, भटकाव और बेहोशी शामिल है। चमगादड़ से फैलता है यह वायरस, डॉक्टरों की मानें तो यह वायरस बढ़ी ही तेजी से फैलता है और ज्यादातर केसेज में जानलेवा साबित होता है। एक खास तरह का चमगादड़ जिसे फ्रूट बैट कहते हैं जो मुख्य रूप से फल या फल के रस का सेवन करता है, वही निपाह वायरस का मुख्य वाहक है। यह दुर्लभ और खतरनाक वायरस संक्रमित सूअर, चमगादड़ से इंसानों में फैलता है। इसके अलावा NiV इंफेक्टेड व्यक्ति के संपर्क में आने से भी यह वायरस फैलता है। डॉक्टरों की मानें तो फ्रूट बैट्स की वजह से यह बीमारी मुख्य रूप से फैलती है। जब इंसान या कोई जानवर चमगादड़ों द्वारा झूठे किए फल या सब्जियों को खाते हैं तो उनमें भी यह वायरस फैल जाता है। लिहाजा सुरक्षा के लिहाज से बेहद जरूरी है कि जमीन पर गिरे फल न खाए जाएं। पहली बार मलयेशिया में फैला था निपाह वायरस, WHO की मानें तो 1998 में मलयेशिया के काम्पुंग सुंगई में पहली बार NiV इंफेक्शन का पता चला था। इस वायरस का नाम भी उस सुंगई निपाह गांव के नाम पर ही पड़ा जहां पहली बार इस वायरस का पता चला था। मलयेशिया में यह बीमारी संक्रमित सूअरों की चपेट में आने की वजह से किसानों में फैली थी। निपाह वायरस की मौजूदगी भारत में पहली बार नहीं देखा जा रही है बल्कि 2001 और 2007 में सबसे पहले पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस की वजह से 2 बार बड़ी संख्या में बीमारी फैली थी। बंगाल में दोनों ही बार में इस दुर्लभ वायरस के 71 केस सामने आए थे जिसमें से 50 लोगों की मौत हो गई थी। दोनों ही बार इस बीमारी के ज्यादातर केस पश्चिम बंगाल के उन इलाकों में पाए गए जो बांग्लादेश से सटे हुए थे।

 

 

Leave A Comment