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उत्तराखंड : छोटे-छोटे अपराधों में कारावास की सजा के बजाए अब सिर्फ अर्थ दंड का प्रावधान -

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कमलेश कर रही है 18 सालों से पशु-पक्षियों की मदद , जानिये खबर

pehchan pahal

दिल में जब समाज के प्रति कुछ अलग करने की चाहत हो तो भगवान् भी आप का साथ देता है जी हां ऐसा ही कुछ ख़ास किया है जो उम्र 57 साल, शरीर स्लिप डिस्क के दर्द से परेशान लेकिन बेजुबानों के लिए यह कमलेश का प्यार ही है 17 सालों से लगातार उनकी सेवा में लगी हैं। कमलेश चौधरी अब तक दो हजार से ज्यादा पशु-पक्षियों का इलाज करा चुकी हैं। यही नहीं, वह रोजाना इन्हें खाने से लेकर दवाइयां तक अपने हाथों से खिलाती हैं। इनके जुनून और जज्बे को हर कोई सलाम करता है। बचपन से पशु और पक्षियों को पालने का शौक रखने वाली कमलेश चौधरी (57) अपने परिवार के साथ मॉडल टाऊन स्थित गुजरावालां टाउन-2 में रहती हैं। पति ऋषिपाल चौधरी दिल्ली जलबोर्ड के डायरेक्टर पद से रिटायर्ड हैं। परिवार में बेटा वरुण, बेटी पूजा के अलावा बहू शामभवी हैं। कमलेश बताती हैं कि बेटा, बेटी और बहू तीनों डॉक्टर हैं। घर में भगवान का दिया सबकुछ है। बचपन से पशु और पक्षियों का शौक कब जुनून में बदल गया पता ही नहीं चला। कमलेश ने इसकी शुरुआत साल 2001 से पहाड़गंज स्थित आरामबाग से की थी। यहां 14 साल सेवा करने के बाद सिविल लाइन स्थित कैंप में रहने चली गईं। अब दो सालों से मॉडल टाउन इलाके में पशु-पक्षियों की सेवा में जुटी हैं।

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