गरीबी नहीं रोक सकी अंतरराष्ट्रीय स्तर की पहलवान बनाना, जानिए खबर ..
जब आप किसी चीज को यदि पूरी शिद्दत से चाहो तो पूरी दुनिया उसे तुम्हें मिलाने की कोशिश करने लगती है.यह फिल्ली भाषा लग सकती है लेकिन इसको साकार की है नीतू सरकार ने | हरियाणा के रोहतक जिले की रहने वाली नीतू को उसके पूरे इलाके के लोग बड़ी सम्मान की दृष्टि से देखते हैं, मगर हमेशा से ऐसा नहीं था. नीतू की शादी 13 साल की उम्र में कर दी गई थी और उनका पति उनसे 30 साल बड़ा और मानसिक रूप से विकलांग था. वे अपने ससुराल से तब भाग निकलीं जब उनके ससुर ने उनसे बलात्कार की कोशिश की. हालांकि, नीतू की शादी फिर से किसी और शख्स के साथ कर दी गई. यह शख्स नीतू के प्रति प्रेम का भाव रखता था और महज 14 साल की उम्र में नीतू जुड़वा बच्चों की मां बन गई थी. नीतू का पति एक बेरोजगार शख्स था और बच्चों के बड़े होने पर उनके पास इतने भी पैसे नहीं थे वे बच्चों की प्राथमिक जरूरतों को पूरा कर सकें. इसी दौरान एक दिन टेलीविजन पर कुश्ती देखते हुए उनके मन में खयाल आया कि क्यों न वह इसे सीखें. उनकी सास इस बात को लेकर अनमनी थीं. लोगों ने उनके पति से भी उन्हें रोकने को कहा लेकिन वह अपने फैसले पर टिकी रहीं.





















