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Thursday, February 19, 2026

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Tuesday, February 17, 2026

देहरादून : कांग्रेस का प्रदेश की भाजपा सरकार के खिलाफ हल्ला बोल -

Tuesday, February 17, 2026

शेफाली ,अनुष्का और शीतल के संघर्ष ने पहुंचाया मुकाम तक -

Monday, February 16, 2026

वसूली एजेंटो के दुर्व्यवहार पर शिकंजा कसने के कदम स्वागत योग्य, जानिए खबर -

Friday, February 13, 2026

देहरादून : सिल्वर सिटी मॉल राजपुर रोड के पास बदमाशों ने एक को गोलियों से भूना, मौत -

Friday, February 13, 2026

निःशुल्क हेल्थ चैकअप कैम्प का आयोजन, जानिए खबर -

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उद्घाटन समारोह : वित्तीय साक्षरता सप्ताह 2026 -

Wednesday, February 11, 2026

डिजिटल धोखाधड़ी से ग्राहकों को बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट के सुझाव स्वागत योग्य : जितेंद्र कुमार डंडोना -

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पहचान : नरेश सिंह नयाल को नेशनल ब्लाइंड फुटबॉल टीम का चयनकर्ता और ट्रेनर का मिला जिम्मा -

Friday, February 6, 2026

रिजर्व बैंक ने ग्राहकों को दी बड़ी राहत, जानिए खबर -

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क्लेमेंट टाउन सुभाष नगर में भव्य वार्षिक रथयात्रा का बैंडबाजे के साथ आयोजन -

Monday, February 2, 2026

बजट विश्लेषण 2026, जितेंद्र कुमार डंडोना पूर्व निवेश सलाहकार भारतीय स्टेट बैंक द्वारा, जानिए खबर -

Monday, February 2, 2026

देहरादून : पलटन बाजार में युवती की चापड़ से गला रेतकर हत्या, आरोपी गिरफ्तार -

Monday, February 2, 2026

जौनपुर : पिंकी माली के शोक में केराकत तहसील का भैंसा गांव, जानिए खबर -

Thursday, January 29, 2026

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Wednesday, January 21, 2026



पहचान : गुंजन गरीब बच्चों के पढाने के सपने से बनी आईएएस

कानपुर | मूलरूप से कानपुर, उत्तर प्रदेश की रहने वाली गुंजन उनकी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई कानपुर में ही हुई | चूंकि इस समय गुंजन के दिमाग में यूपीएससी दूर-दूर तक नहीं था इसलिए उन्होंने अपने पुराने प्लान के हिसाब से जेईई का एंट्रेंस दिया और सेलेक्ट होकर आईआईटी रुड़की चली गईं | यहां से गुंजन ने ग्रेजुएशन पूरा किया | इसी दौरान वे इंटर्नशिप के लिए पास के गांव गईं और बच्चों को पढ़ाया | यही वो वक्त था जब गुंजन को ऐसे किसी क्षेत्र को ज्वॉइन करने का ख्याल आया जिससे समाज के गरीब तबके की मदद की जा सके | तभी उन्हें लगा कि यूपीएससी के माध्यम से यह ख्वाहिश पूरी की जा सकती है | इस विचार के साथ गुंजन ने यूपीएससी की तैयारी आरंभ कर दी | इसके पहले उन्होंने एक कंपनी में एक साल नौकरी भी की लेकिन तैयारी के पहले गुंजन ने जॉब छोड़ना उचित समझा | गुंजन सिंह उन उम्मीदवारों में से नहीं आती जो हमेशा से यूपीएससी के क्षेत्र में आने का सपना देखते हैं | जीवन के कुछ अनुभव उन्हें इस ओर रुख करने के लिए प्रेरित करते हैं और इरादे की पक्की गुंजन कई असफलताओं के बावजूद हिम्मत नहीं हारती और लगी रहती हैं | अंततः अपने दृढ़ निश्चय से वे मंजिल तक पहुंच ही जाती हैं. गुंजन को यह सफलता अपने तीसरे प्रयास में मिली | साल 2019 में गुंजन ने ऑल इंडिया रैंक 16 के साथ यह परीक्षा पास की | इसी के साथ उनका आईएएस बनने का लक्ष्य पूरा हुआ |

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