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जरा हटके : उत्तराखंड के सांसदों की केवल 18 प्रतिशत सांसद निधि हुई खर्च -

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उत्तराखंड : हरिद्वार-वेरावल एसी एक्सप्रेस और हरिद्वार-ओखा एसी एक्सप्रेस के संचालन को स्वीकृति प्रदान -

Monday, October 5, 2026

उत्तराखंड : प्रदेश कैबिनेट की बैठक में लिए गए कई महत्वपूर्ण निर्णय -

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जरा हटके : आध्यात्मिक क्रिकेट महामहोत्सव का आयोजन -

Saturday, October 3, 2026

दिल्ली में खेलो मास्टर्स नेशनल गेम्स 2026 का आयोजन 20 नवंबर से, जानिए खबर -

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सौरभ व भूमिका डोईवाला कॉलेज के एनएसएस साईं सृजन पुरस्कार 2026 से हुए सम्मानित -

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Wednesday, September 30, 2026

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Tuesday, September 29, 2026

‘चिता’ 23 अक्टूबर को होगी रिलीज -

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Tuesday, September 29, 2026

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Monday, September 28, 2026

हरिद्वार : सड़क पर पड़ा मिला युवक का शव, हत्या की आशंका -

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उत्तराखण्ड में भूस्खलन व बारिश से 57 मार्ग बंद -

Monday, September 28, 2026

भारी मुनाफे का झांसा देकर 69.90 लाख की साइबर ठगी, एक गिरफ्तार -

Monday, September 28, 2026

क्षमा वाणी केवल वाणी से आत्मसात ना होकर हृदय से आत्मसात होने वाला पर्व है : पूर्णमति माताजी -

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Monday, September 28, 2026



पहचान : गुंजन गरीब बच्चों के पढाने के सपने से बनी आईएएस

कानपुर | मूलरूप से कानपुर, उत्तर प्रदेश की रहने वाली गुंजन उनकी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई कानपुर में ही हुई | चूंकि इस समय गुंजन के दिमाग में यूपीएससी दूर-दूर तक नहीं था इसलिए उन्होंने अपने पुराने प्लान के हिसाब से जेईई का एंट्रेंस दिया और सेलेक्ट होकर आईआईटी रुड़की चली गईं | यहां से गुंजन ने ग्रेजुएशन पूरा किया | इसी दौरान वे इंटर्नशिप के लिए पास के गांव गईं और बच्चों को पढ़ाया | यही वो वक्त था जब गुंजन को ऐसे किसी क्षेत्र को ज्वॉइन करने का ख्याल आया जिससे समाज के गरीब तबके की मदद की जा सके | तभी उन्हें लगा कि यूपीएससी के माध्यम से यह ख्वाहिश पूरी की जा सकती है | इस विचार के साथ गुंजन ने यूपीएससी की तैयारी आरंभ कर दी | इसके पहले उन्होंने एक कंपनी में एक साल नौकरी भी की लेकिन तैयारी के पहले गुंजन ने जॉब छोड़ना उचित समझा | गुंजन सिंह उन उम्मीदवारों में से नहीं आती जो हमेशा से यूपीएससी के क्षेत्र में आने का सपना देखते हैं | जीवन के कुछ अनुभव उन्हें इस ओर रुख करने के लिए प्रेरित करते हैं और इरादे की पक्की गुंजन कई असफलताओं के बावजूद हिम्मत नहीं हारती और लगी रहती हैं | अंततः अपने दृढ़ निश्चय से वे मंजिल तक पहुंच ही जाती हैं. गुंजन को यह सफलता अपने तीसरे प्रयास में मिली | साल 2019 में गुंजन ने ऑल इंडिया रैंक 16 के साथ यह परीक्षा पास की | इसी के साथ उनका आईएएस बनने का लक्ष्य पूरा हुआ |

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