प्रार्थना और कामना में बहुत अंतर होता है : आचार्य सौरभ सागर
देहरादून | परम पूज्य संस्कार प्रणेता ज्ञानयोगी जीवन आशा हॉस्पिटल प्रेरणा स्तोत्र उत्तराखंड के राजकीय अतिथि आचार्य श्री÷ 108 सौरभ सागर जी महामुनिराज के मंगल सानिध्य में रविवार दिनांक 24.08.25को श्री दिगंबर जैन पंचायती मंदिर गाँधी रोड में माँ जिनवाणी महामंडल विधान का आयोजन सानंद किया गया। आज प्रातः 6.15 बजे जिनेन्द्र भगवान् का अभिषेक शांतिधारा का उच्चारण पूज्य आचार्य श्री के मुखरविन्द से किया गया। उसके पश्चात विधान प्रारम्भ हुआ।
विधान में पानीपत, दिल्ली रोहिणी, बाराबंकी से पधारे गुरुभक्तो ने भी सम्मिलित होकर धर्मलाभ लिया। पूज्य आचार्य श्री ने प्रवचन में कहा कि प्रार्थना और कामना में बहुत अंतर होता है। प्रार्थना में केवल इच्छा जाहिर होती है लेकिन कामना में उसकी इच्छा कि पूर्ति के सभी साधन और संकल्प जुटाने पढ़ते है। प्रार्थना बहुत सरल इर सहज चीज़ है।






















