देहरादून : उत्तराखंड समग्र जैन समाज सम्मेलन संपन्न
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी रहे मुख्य अतिथि
देहरादून | देहरादून स्थित गांधी रोड, जैन धर्मशाला जैन भवन में पूज्य आचार्य श्री 108 सौरभ सागर जी महाराज एवं परम पूज्य उपाध्याय श्री रविंद्र मुनि जी महाराज जोयोतिष दिवाकर राजेश मुनि जी के पावन सानिध्य में उत्तराखंड समग्र जैन समाज सम्मेलन का भव्य आयोजन *31 व पुष्प वर्षा योग समिति के सहयोग* से किया गया। इस अवसर पर माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन विपिन जैन ने किया। सम्मेलन में उत्तराखंड सहित देशभर के 31 शहरों से धर्मप्रेमी अनुयायी उपस्थित रहे। इस अवसर पर जैन मिलन महिला एकता की वीरांगनाओं द्वारा स्वागत गीत गाकर स्वागत किया गया।जैन समाज के वरिष्ठ पदाधिकारियों द्वारा मुख्यमंत्री जी का स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत एवं सम्मान किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से राजीव जैन फार्म हाउस, लोकेश जैन महामंत्री जैन समाज उत्तराखंड, पदम श्री डॉक्टर आरके जैन, जैन समाज के अध्यक्ष सुखमाल जैन, सतीश जैन, प्रवीण जैन, अमित जैन, टर्नर रोड सचिन जैन, श्रवण जैन ,ओम जैन, साधुराम जैन रुड़की विशाल गुप्ता , सतीश जैन, सुरेंद्र जैन अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य मीडिया कोऑर्डिनेटर मधु सचिन जैन रही। मुख्यमंत्री धामी जी ने अपने संबोधन में जैन समाज को पर्यूषण पर्व एवं चातुर्मास की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि जैन समाज ने सदैव शांति, अहिंसा एवं सह-अस्तित्व का संदेश दिया है। “जियो और जीने दो” की भावना को आत्मसात करने वाला यह समाज हर संकट व आपदा में राष्ट्र एवं समाज के साथ खड़ा रहता है। उन्होंने जैन समाज द्वारा समाज कल्याण एवं राष्ट्र निर्माण में दिए गए योगदान की सराहना की। इस अवसर पर पूज्य आचार्य श्री सौरभ सागर जी महाराज ने मुख्यमंत्री के ऐतिहासिक निर्णयों की सराहना करते हुए कहा कि उनका नेतृत्व तनावमुक्त भारत, तनावमुक्त उत्तराखंड और समरस समाज की दिशा में अग्रसर है।
परम पूज्य उपाध्याय रविंद्र मुनि ज्योतिष दिवाकर राजेश मुनि ने अपने संबोधन में कहा कि जैन समाज एक शांतिप्रिय समाज है, जो सदैव राष्ट्र हित, शिक्षा, संस्कृति और सद्भावना के कार्यों में अग्रणी रहा है। उन्होंने “जीतो”, “भारतीय जैन संघटना”, “भारतीय जैन मिलन” एवं “भारत जैन महामंडल” जैसी संस्थाओं द्वारा समाज के उत्थान हेतु किए गए कार्यों की चर्चा की। उन्होंने बताया कि आज जैन समाज के लगभग 500 युवक-युवतियां IAS, IPS, IFS जैसे पदों पर राष्ट्र सेवा में कार्यरत हैं।उन्होंने यह भी आग्रह किया कि उत्तराखंड में जैन कल्याण बोर्ड का गठन शीघ्र किया जाए, जिससे समाज के उत्थान के प्रयासों को और गति मिल सके।
संतों ने बताया कि जैन समाज की जनसंख्या भले ही सीमित हो (लगभग 50 लाख, जनगणना 2011 के अनुसार), परंतु समाज का योगदान शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार एवं सेवा के क्षेत्र में अत्यंत प्रभावशाली रहा है। जैन समाज द्वारा संचालित 2500+ शिक्षण संस्थाएं देशभर में ज्ञान का प्रकाश फैला रही हैं मुख्यमंत्री ने जैन समाज के प्रति अपने स्नेह को दोहराते हुए कहा कि वे जैन समाज की हर उचित मांग व कल्याणकारी प्रस्ताव पर विचार करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि “जैन समाज मेरे हृदय में बसता है”। इस कार्यक्रम में समस्त उत्तराखंड जैन समाज, जैन संतवृंद, विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि, महिला एवं युवा मंडल के सदस्यगण, बीना जैन बबीता जैन समाजसेवी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।






















