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नौसेना दिवस-2025 : राज्यपाल ने किया डॉक्यूमेंट्री का विमोचन, नौसेना की भूमिका की सराहना की

देहरादून। भारतीय नौसेना के प्रतिष्ठित संस्थान नेशनल हाइड्रोग्राफिक ऑफिस (एन एच ओ) में इस वर्ष नौसेना दिवस-2025 विविध कार्यक्रमों के साथ अत्यंत गरिमामय वातावरण में मनाया गया। वर्ष 1954 में देहरादून में स्थापित यह कार्यालय भारतीय नौसेना का प्रमुख केंद्र है, जहाँ से इलेक्ट्रॉनिक नेविगेशन चार्ट, पेपर चार्ट और समुद्री जहाजों के लिए आवश्यक सभी नौवहन प्रकाशनों का निर्माण होता है। वर्तमान में इसका नेतृत्व चीफ हाइड्रोग्राफर वाइस एडमिरल लोचन सिंह पठानिया, एवीएसएम, मुख्य हाइड्रोग्राफर, भारत सरकार कर रहे हैं। हर वर्ष 4 दिसंबर को भारतीय नौसेना, 1971 के युद्ध में पाकिस्तान पर भारत की ऐतिहासिक विजय की स्मृति में नौसेना दिवस मनाती है। इस वर्ष के नौसेना दिवस की थीम है : “Combat Ready, Cohesive, Atmanirbhar – Safeguarding Seas for a Viksit Samriddha Bharat”, जो नौसेना की तैयारी, तकनीकी क्षमता और आत्मनिर्भरता को रेखांकित करता है।नौसेना दिवस 2025 की श्रृंखला में 2 दिसंबर को देहरादून के विभिन्न स्कूलों के छात्रों ने एनएचओ का भ्रमण किया,जहाँ उन्हें भारतीय नौसेना की कार्यप्रणाली और हाइड्रोग्राफी के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। 3 दिसंबर को ‘संबंध’ कार्यक्रम के तहत बड़ी संख्या में वेटरन्स ने मुख्य हाइड्रोग्राफर और स्टाफ से मुलाक़ात की। 4 दिसंबर को ‘स्मृति स्थल’ पर शहीदों के सम्मान में भावपूर्ण पुष्पांजलि अर्पित की गई।

राज्यपाल ने किया नौसेना की भूमिका की सराहना 

कार्यक्रम के मुख्य समारोह में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) ने राजपुर रोड स्थित नेशनल हाइड्रोग्राफिक ऑफिस (NHO) पहुँचकर नौसेना दिवस समारोह में भाग लिया। राज्यपाल ने भारतीय नौसेना के हाइड्रोग्राफिक विभाग पर आधारित एक विशेष डॉक्यूमेंट्री का विमोचन किया, जिसका उद्देश्य आमजन को नौसेना की तकनीकी दक्षता और हाइड्रोग्राफी के महत्व से अवगत कराना है। इस अवसर पर राज्यपाल ने सेवारत एवं सेवानिवृत्त नौसैनिकों से मुलाक़ात कर उन्हें नौसेना दिवस की शुभकामनायें दीं। उन्होंने वीर शहीदों और वेटरन्स को नमन करते हुए कहा कि उनके साहस, समर्पण और बेजोड़ नेतृत्व ने भारत के समुद्री हितों और सुरक्षा को हमेशा मजबूत आधार दिया है।राज्यपाल ने कहा कि भारतीय नौसेना ने आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को अपनाते हुए अपनी क्षमताओं को आधुनिक तकनीकों के साथ लगातार सुदृढ़ किया है। उन्होंने एआई, स्वायत्त प्रणालियों, उपग्रह दूरसंवेदन और अत्याधुनिक समुद्री सर्वेक्षण तकनीकों के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि एनएचओ द्वारा इन तकनीकों को अपनाने से भारतीय नौसेना समुद्री शक्ति के क्षेत्र में अग्रणी बनी हुई है।
राज्यपाल ने एनएचओ की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह कार्यालय भारतीय नौसेना का एक अहम अंग है, जो समुद्रों और जलमार्गों का सटीक मानचित्रण कर तटरक्षक बल, युद्धपोतों, पनडुब्बियों, बंदरगाह विकास तथा ब्लू इकॉनमी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण डेटा उपलब्ध कराता है। मुख्य समारोह में चीफ हाइड्रोग्राफर वाइस एडमिरल लोचन सिंह पठानिया, ज्वाइंट चीफ हाइड्रोग्राफर रियर एडमिरल पीयूष पावसी सहित बड़ी संख्या में सेवारत और पूर्व नौसेना अधिकारी उपस्थित रहे।

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