आचार्य श्री 108 सौरभ सागर का 55वां जन्मदिवस “परोपकार दिवस” के रूप में मनाया गया
Posted by Pehchanexpress Admin on Wednesday, October 22, 2025 · Leave a Comment

देहरादून। परम पूज्य संस्कार प्रणेता, ज्ञानयोगी, जीवन आशा हॉस्पिटल प्रेरणा स्तोत्र, उत्तराखंड के राजकीय अतिथि आचार्य श्री 108 सौरभ सागर जी महामुनिराज का 55वां जन्मदिवस “परोपकार दिवस” के रूप में श्री दिगंबर जैन पंचायती मंदिर एवं जैन भवन, गांधी रोड में बड़े ही धूमधाम, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया।प्रातः 5:30 बजे गुरु भक्तों द्वारा गुरु भक्ति कार्यक्रम संपन्न हुआ। तत्पश्चात प्रातः 8:30 बजे जैन भवन प्रांगण में मुख्य जन्मदिवस कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।
*मीडिया कोऑर्डिनेटर मधु जैन* ने जानकारी देते हुए बताया कि जैन समाज के बच्चों और महिलाओं ने पूज्य गुरुदेव के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में सुंदर भक्ति गीतों एवं नृत्यों की प्रस्तुतियाँ दीं। इस अवसर पर 31वीं पुष्प वर्षायोग समिति द्वारा विभिन्न परोपकार कार्यों का आयोजन किया गया, जिनमें
मुख्यतः — दून हॉस्पिटल, ग्राफिक एरा हॉस्पिटल एवं सुभारती हॉस्पिटल में मरीजों को फल वितरण
जेल में कैदियों को फल वितरण,
असहाय महिलाओं को कंबल वितरण,
कुष्ठ आश्रम में अनाज एवं फल वितरण,
दून हॉस्पिटल में आज जन्मी कन्याओं के लिए एफडीआर योजना,
पक्षियों के लिए दाना वितरण एवं 55 पक्षियों को मुक्त कर जीव दया का कार्य,
ग्राफिक एरा हॉस्पिटल के सहयोग से निःशुल्क स्वास्थ्य एवं रक्तदान शिविर — जिसमें नेत्र, स्त्री, हड्डी, जनरल फिजिशियन और सर्जन विशेषज्ञों ने सेवा प्रदान की।शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने स्वास्थ्य लाभ प्राप्त किया।कार्यक्रम के दौरान श्री 1008 श्री मज्जिनेंद्र पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव में भगवान के माता-पिता बनने का सौभाग्य प्राप्त करने वाले श्री अनिल जैन–शशि जैन (रोहिणी, दिल्ली) का पुष्प वर्षायोग समिति, पंचकल्याणक समिति एवं जैन समाज देहरादून द्वारा सम्मान व मंगल तिलक किया गया। अपने मंगल आशीर्वचन में पूज्य आचार्य श्री सौरभ सागर जी महाराज ने कहा “प्रत्येक व्यक्ति को अपने जन्मदिवस को परोपकार दिवस के रूप में मनाना चाहिए। आजकल लोग होटल या भौतिक साधनों में खुशी खोजते हैं, परंतु जो सच्चा सुकून सेवा और परोपकार में है, वह कहीं और नहीं। सेवा के अनेक माध्यम हैं, हर व्यक्ति अपने सामर्थ्य के अनुसार कर सकता है।” इस अवसर पर पूज्य गुरुदेव के भक्त दिल्ली, मेरठ, गाजियाबाद, सरधना, बीनगंज सहित अनेक नगरों से पधारे और आचार्य श्री से मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया।