अपने सपने संस्था ने मनीषा को “साहस” नामक पुरस्कार से किया सम्मानित
आज अपने सपने संस्था सुभाषनगर स्थित अपने प्रांगण में राष्ट्रीय बालिका दिवस पर ‘साहस ‘ नामक कार्यक्रम का आयोजन किया गया | आयोजित कार्यक्रम में अपने सपने संस्था के सदस्यों द्वारा संस्था की बालिकाओ को शिक्षा के साथ साथ अन्य क्षेत्रो में कुछ ऐसा कर गुजरने का पाठ पढ़ाया गया जिससे समाज में लड़कियो के प्रति यह शब्द गूँजे “अगले जन्म मोहे बिटिया ही कीजो ” | कार्यक्रम में संस्था के प्रोजेक्ट प्रबन्धक अभिजीत सावन ने कहा की लड़कियो के प्रति समाज को अपनी सोच बदलनी होगी तभी एक अच्छे समाज का निर्माण हो सकता है वही संस्था सचिव विकास…
दिल्ली के नमन और देहरादून के सुमित समेत 25 बच्चो को मिला वीरता सम्मान
नरेंद्र मोदी आज बच्चों राष्ट्रीय बाल वीरता सम्मान दिया | सम्मान पाने वालों में 13 लड़के और 12 लड़कियां हैं। 4 बच्चों को मरणोपरांत ये पुरस्कार दिया गया। जहां नमन 7 साल के बच्चे को बचाने के लिए 12 फीट गहरे पानी में कूद गए वही सुमित ममगई भाई को बचाने के लिए तेंदुए से भिड़ गया | अमन दिल्ली के पीतमपुरा में रहते हैं। क्या हुआ था उस दिन: घटना हरियाणा के सोनीपत की है। नमन अपनी रिश्तेदारी में गया हुआ था। नमन के मुताबिक, ” उस दिन काफी गर्मी थी मैं अपने भाई के साथ नहर में नहाने…
29 बार लड़े चुनाव, जीत मिली नही, राष्ट्रपति का चुनाव नहीं लड़ पाने का मलाल
जिले के झसियापुरा निवासी चमन लाल बाबरा ग्राम प्रधान, नगरपालिका से लेकर विधानसभा और लोकसभा सहित कुल 29 बार चुनाव लड़े, लेकिन एक में भी उन्हें जीत नसीब नहीं हुई। हालांकि, खास बात ये है कि जिले के लोग इनकी भाषण के दीवाने थे। आलम ये था कि स्पीच सुनने के लिए लोग चंदा वसूलकर सभा करते थे। ऐसे में अभी भी इलाके में ‘भाषण वाले बाबरा’ के नाम से मशहूर हैं।ललितपुर लौटने के बाद उन्होंने यहां चुनाव लड़ना शुरू कर दिया। सबसे पहले उन्होंने नगर पालिका का चुनाव लड़ा। इसमें वह हार गए, लेकिन अच्छा भाषण देने वाले नेता…
आज भी यह विधायक करती है खेती-किसानी
विधायक देवती कर्मा जनप्रतिनिधि होने के साथ-साथ कृषक और घरेलू महिला हैं। जनसमस्या को सड़क से सदन तक पहुंचाने के साथ ही वह खेती-किसानी में भी बखूबी जुटी रहती हैं। चाहे मानसून के पहले खेत जुताई का समय हो या फिर धान कटाई और मिंजाई का दौर। हर मौके पर देवती कर्मा मजदूरों के साथ खुद काम में जुट जाती हैं। वह कहती हैं कि आदिवासी किसान की बेटी और बहू हूं।मेरी जिम्मेदारी क्षेत्र की जनता की भलाई के लिए कार्य करना है चाहे वह राजनीति हो या खेती-किसानी। परिवार के खेत में शुरु से काम करती रही हूं और…
जब ठेले वाले का पैसा नहीं देने पर दरोगा पर भड़की थीं यह लड़की
नाशी न सिर्फ सबसे युवा चेहरा, बल्कि अपने कामों की वजह से भी चर्चा में रह चुकी हैं। इन्हें यंग अचीवर लीडर्स का सम्मान भी मिल चुका है।एक अखबार से बातचीत में नाशी अपनी लाइफ से जुड़े रोचक तथ्य शेयर किए। नाशी ने कहा- चुनाव लड़कर वह जनता की सेवा करना चहती है। जब ठेले वाले का पैसा नहीं देने पर दरोगा पर भड़की थीं नाशी सिर्फ युवा चेहरा ही नहीं, बल्कि अपने तेवर को लेकर भी चर्चा में रहती हैं। अगस्त 2015 में वो मीडिया की सुर्खियां बनी। दरअसल, पटियाली कोतवाली में तैनात दरोगा सुशील कुमार कई दिन से…
मजदूर का बेटा गूगल में कर रहा नाम रोशन
करिअर में ऊंची छलांग लगाने में 26 साल के राम चंद्रा ने सफलता हासिल की है. जहा एक समय पढ़ाई के लिए पैसे नहीं थे, लेकिन आज वह अमेरिका में गूगल के दफ्तर में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं. सॉफ्टवेयर इंजीनियर राम को शुरू में गूगल के इंडिया ऑफिस में नौकरी मिली और बाद में उसे अमेरिका बुला लिया गया. राम के पिता तेजाराम संखला राजस्थान के सोजत में रहते हैं और आज भी मजदूरी करते हैं. बेटे के बार-बार कहने के बावजूद उन्होंने अपना काम नहीं छोड़ा है. हिन्दी मीडियम स्कूल में पढ़ाई करने वाले राम को…
महज 1000 रुपये में महिला पुलिस ने रचाई शादी
छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा की सहायक आरक्षक नोटबंदी के बीच गीता और जगदलपुर के नर्सिंग छात्र अमित धुर्व ने स्थानीय गायत्री मंदिर में सादगी के साथ विवाह किया, इस विवाह में एक हजार रुपये से भी कम खर्च हुए. विवाह में शामिल लोगों ने भी केवल चाय-नाश्ता कर नवदंपति को आशीर्वाद दिया. दंतेवाड़ा की सहायक आरक्षक गीता बिहारी का विवाह हैदराबाद में नर्सिंग की कोर्स कर रहे जगदलपुर निवासी अमित ध्रुव से हुआ. नवदंपति का कहना है कि वे भी धूमधाम से शादी रचाना चाहते थे लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कैशलेस निर्णय और बैंक से अधिक राशि न मिलने से…
टीन शेड में रहने वाले तीन बार से सपा के विधायक बिना मांगे मिलता है टिकट और वोट,जानें कौन है ये विधायक
ईमानदार नेताओ में जिनका नाम उनके जिले में ईमानदारी के लिए प्रसिद्ध है उनमे से एक नाम है आलमबदी जो आजमगढ जिले की निजामाबाद विधान सभा सीट से वर्तमान में सपा विधायक है। तीन बार विधायक होने के बाद भी इन्हें कोई अभिमान नहीं है। अभी भी टिनशेड के नीचे रहते हैं। अपनी फर्निचर की पुरानी दुकान पर अभी भी बैठते हैं। आलंबाड़ी आजमगढ़ में सादगी का पर्याय है आलमबदी आजमगढ़ के मूलतः निवासी है। राजनीति में आने से पहले बिजली विभाग में जूनियर इंजीनियर थे। इन्होंने नौकरी छोड़कर सिविल लाइन में एक वेल्डिंग की दुकान खोल ली और वहीं…
एंबुलेंस नहीं मिली, शव को हाथ ठेले पर लेकर निकल पड़ा
तेलंगाना। ओडिशा के दाना मांझी का मामला अभी लोग भूले भी नहीं की इस तरह की एक और घटना सामने आ गई है। इस तरह का एक मामला तेलंगाना में सामने आया है जहां एक बुजुर्ग के साथ ऐसा कुछ हुआ जो इंसानियत को शर्मसार करने के लिए कापफी है। दरअसल यहां एक बुजुर्ग भिखारी की पत्नी का निधन हो गया लेकिन उसके शव को ले जाने की व्घ्यवस्घ्था नहीं हो पाई। पैसों की कमी के चलते यह भिखारी एंबुलेंस का इंतजाम नहीं कर पाया। इसके बाद वो हैदराबाद से 60 किमी दूर स्थित अपने गांव पहुंचने के लिए हाथठेले…
91 साल की डॉक्टर मरीज़ों से नहीं लेती फीस
वर्तमान समय में चेहरे पर झुर्रियां साफ दिखाई देती है है, हाथ भी कांपते हैं, अब उम्र की वजह से चलने-फिरने में भी दिक्कत होती है, लेकिन आज भी उनके हौसले में कोई कमी नहीं आई है। वो हम सबके लिए आदर्श हैं और मानवता का पाठ हम सभी को पढ़ा रही है। शायद ही कोई होगा जो उन्हें सलाम करे बिना रह जाए। आज हम आपको एक ऐसी हस्ती के बारे में बताने जा रहे है जो अपने जीवन के उस पड़ाव पर हैं जहाँ इंसान अपने हौसलों को खो देता है मगर 91 वर्षीय डॉ. भक्ति यादव इन…






























