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उत्तराखंड : सचिवालय ए ने जीता मोनाल कप 2025 का खिताब -

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मोनाल कप के लिए सचिवालय ए और पैंथर्स के बीच होगा फाइनल मुकाबला -

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पहचान : जहां करते थे चपरासी की नौकरी, अब हैं असिस्टेंट कमिश्नर -

Thursday, December 11, 2025

निशा 6 बार हुई असफल, नहीं हारी हिम्मत बनी आइएएस -

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उत्तराखंड : छोटे-छोटे अपराधों में कारावास की सजा के बजाए अब सिर्फ अर्थ दंड का प्रावधान -

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अंकित तिवारी ने अपने जन्मदिन पर दिया रक्तदान का संदेश, जानिए खबर -

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इनसे सीखे : गरीबी से लड़कर पवन बने आइएएस -

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रॉयल स्ट्राइकर्स और सचिवालय ए की टीम मोनाल कप प्रतियोगिता के अगले दौर में पहुंची -

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Saturday, December 6, 2025

दुःखद : ट्रैक्टर-ट्रॉली व बाइक की जोरदार भिड़ंत से गई दो लोगों की जान -

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मोनाल कप : मैच के अगले दौर में पहुँचे सचिवालय रॉयल स्ट्राइकर, सचिवालय ए , सचिवालय वॉरियर्स और सचिवालय पैंथर -

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नौसेना दिवस-2025 : राज्यपाल ने किया डॉक्यूमेंट्री का विमोचन, नौसेना की भूमिका की सराहना की -

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IT कंपनी बंद कर हिरेशा ‘खेती’ में जुटी

hiresha

उत्तराखंड में कई किसान खेती को घाटे का सौदा बताते हुए छोड़ रहे हैं तो युवा नौकरी के लिए पलायन कर रहे हैं। ऐसे में उत्तराखंड की बेटी ने नजीर पेश की है।एक दशक से भी अधिक समय तक आईटी कंपनी चलाने वाली शिमला बाईपास रोड निवासी हिरेशा वर्मा ने मशरूम उत्पादन को करियर बनाया है। मेहनत, लगन के बूते हर माह करीब 9 लाख रुपए कमाई के साथ 25 युवाओं को रोजगार भी दे रखा है।प्रदेश में खासकर पहाड़ों से किसान खेती छोड़कर पलायन करते जा रहे हैं। गांव के गांव खाली हो गए हैं तो पुश्तैनी भवन खंडहर में तब्दील हो चुके हैं। ऐसे में दून की हिरेशा उनके लिए तरक्की की मिसाल हैं, जो खेती को घाटे का सौदा बताते हुए मुंह फेर रहे हैं।12 साल तक आईटी कंपनी चलाने वाली हिरेशा ने शौकिया तौर पर वर्ष 2010 में दून के सर्वेंट क्वार्टर में 25 बैग कंपोस्ट से मशरूम उत्पादन शुरू किया। आज उनका अपर छरबा (देहरादून) में एक करोड़ रुपए का प्लांट है। इसे रोजाना 300 किलोग्राम मशरूम निकलता है।

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