Breaking News:

देहरादून : ठाकुरपुर बस्ती में निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन -

Monday, December 22, 2025

उत्तराखंड : सचिवालय ए ने जीता मोनाल कप 2025 का खिताब -

Sunday, December 14, 2025

उत्तराखंड ब्लाइंड क्रिकेट : “NIEPVD” के 11 खिलाड़ियों का हुआ चयन -

Saturday, December 13, 2025

मोनाल कप के लिए सचिवालय ए और पैंथर्स के बीच होगा फाइनल मुकाबला -

Friday, December 12, 2025

पहचान : जहां करते थे चपरासी की नौकरी, अब हैं असिस्टेंट कमिश्नर -

Thursday, December 11, 2025

निशा 6 बार हुई असफल, नहीं हारी हिम्मत बनी आइएएस -

Thursday, December 11, 2025

उत्तराखंड : छोटे-छोटे अपराधों में कारावास की सजा के बजाए अब सिर्फ अर्थ दंड का प्रावधान -

Thursday, December 11, 2025

अंकित तिवारी ने अपने जन्मदिन पर दिया रक्तदान का संदेश, जानिए खबर -

Thursday, December 11, 2025

मोनाल कप : सेमीफाइनल में पहुंची सचिवालय ए और सचिवालय डेंजर्स की टीम -

Wednesday, December 10, 2025

इनसे सीखे : गरीबी से लड़कर पवन बने आइएएस -

Wednesday, December 10, 2025

राहुल की धूप, मिट्टी से सोशल मीडिया तक का सफर -

Wednesday, December 10, 2025

डॉ विरेन्द्र सिंह रावत को मिला लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड 2025 -

Tuesday, December 9, 2025

मोनाल कप 2025 : हरिकेन और सचिवालय ईगल्स टीम की बड़ी जीत -

Tuesday, December 9, 2025

रॉयल स्ट्राइकर्स और सचिवालय ए की टीम मोनाल कप प्रतियोगिता के अगले दौर में पहुंची -

Monday, December 8, 2025

पुष्प वर्षा योग समिति के द्वारा यूनीफॉर्म का हुआ वितरण -

Monday, December 8, 2025

इंडिगो फ्लाइट्स रद्द होने से शहर-शहर परेशान यात्री -

Saturday, December 6, 2025

दुःखद : ट्रैक्टर-ट्रॉली व बाइक की जोरदार भिड़ंत से गई दो लोगों की जान -

Saturday, December 6, 2025

मोनाल कप : मैच के अगले दौर में पहुँचे सचिवालय रॉयल स्ट्राइकर, सचिवालय ए , सचिवालय वॉरियर्स और सचिवालय पैंथर -

Saturday, December 6, 2025

नौसेना दिवस-2025 : राज्यपाल ने किया डॉक्यूमेंट्री का विमोचन, नौसेना की भूमिका की सराहना की -

Friday, December 5, 2025

मोनाल कप : सचिवालय ए और सचिवालय पैंथर की जीत -

Friday, December 5, 2025



जज्बा : पति‍ के धोखे ने बनाया IAS अध‍िकारी

गुजरात | हम में से ज्‍यादातर लोग ये सोचते हैं कि शादी हमारी जिन्‍दगी को परिपूर्ण बनाती है | जब तक शादी नहीं हुई थी, तब तक कोमल का भी ये ही मानना था | कोमल की शादी एक एनआरआई से हुई, जो शादी के 15 दिनों बाद ही उन्‍हें छोड़कर चला गया | इसके बाद कोमल ने यूपीएससी की तैयारी की और पांच साल की कड़ी मेहनत के बाद उसमें सफल रहीं | आज हम आपको कोमल गणात्रा के सफलता की कहानी बता रहे हैं, जो रक्षा मंत्रलालय में एडमिनिस्‍ट्रेट‍िव ऑफिसर की हैसियत से काम कर रही हैं | कोमल ने यूपीएससी की तैयारी के ल‍िये ना तो इंटरनेट की मदद ली और ही कोई कोच‍िंग की | यहां तक क‍ि ज‍िस गांव में वह रहती थीं, वहां अंग्रेजी अखबार भी नहीं म‍िलते थे | शादी के 15 द‍िनों बाद ही पति ने उन्‍हें छोड़ द‍िया था | ऊपर से समाज का दबाव भी था क‍ि पति को तलाक देकर दूसरी शादी लो | ऐसे व‍िपरीत हालात में उन्‍होंने यूपीएससी की परीक्षा कैसे पास की आप जरूर जानें | कोमल की पढ़ाई गुजरात में हुई | उनकी बचपन की शिक्षा भी गुजराती भाषा में ही हुई |:कोमल कहती हैं कि मातृ भाषा में पढ़ाई करने का उन्‍हें गर्व है और उनकी सफलता में मातृभाषा का गहरा रोल रहा है. उन्‍होंने अपनी पूरी यूपीएससी परीक्षा गुजराती मीडियम में दी और जिस साल कोमल ने यूपीएससी क्‍ल‍ियर किया, उस साल वह गुजराती लिटरेचर की टॉपर थीं. शादी से पहले ही कोमल ने गुजरात पब्‍ल‍िक सर्व‍िस कमिशन का मेन्‍स क्‍ल‍ियर कर लिया था | लेकिन उनके पति नहीं चाहते थे कि वह इंटरव्‍यू दें | उनके पति एनआरआई थे और न्‍यूजीलैंड में रहते थे | कोमल ने हालात के साथ समझौता कर लिया और अपने प्‍यार की खातिर इंटरव्‍यू में शाम‍िल नहीं हुईं | लेकिन शादी के महज 15 दिनों बाद ही उनका पति उन्‍हें छोड़ कर न्‍यूजीलैंड चला गया | वहां जाकर, कोमल से उसने कभी कोई संपर्क नहीं किया | कुछ द‍िनों तक पति का इंतजार करने के बाद कोमल को ये बात समझ आ गया था क‍ि किसी इंसान के पीछे भागना, आपकी जिन्‍दगी का मकसद नहीं हो सकता |वह अब अंदर से और मजबूत हो गई थीं | कोमल के अनुसार हर इंसान किसी खास उद्देश्‍य के लिये बना होता है | बस उसे अपनी क्षमता को पहचानना है | थ्‍योरिटिकल जानकारी नहीं | वह आपकी व्‍यवहारिक जानकारी को जांचती है | लेकिन तैयारी के दौरान अपना धैर्य बनाए रखना जरूरी है| तैयारी के वो पांच साल कोमल के सबसे ज्‍यादा संघर्ष वाले थे | लेकिन कोमल कहती हैं कि जीवन में जब भी मुश्‍किल दौर आते हैं , वह आपको आगे ले जाने के लिये ही आते हैं | आपका संघर्ष कभी आपको पीछे नहीं ले जाता. बल्‍क‍ि वह आपको हमेशा आगे ही ले जाता है |

Leave A Comment