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निशा 6 बार हुई असफल, नहीं हारी हिम्मत बनी आइएएस -

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उत्तराखंड : छोटे-छोटे अपराधों में कारावास की सजा के बजाए अब सिर्फ अर्थ दंड का प्रावधान -

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अंकित तिवारी ने अपने जन्मदिन पर दिया रक्तदान का संदेश, जानिए खबर -

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मोनाल कप : सेमीफाइनल में पहुंची सचिवालय ए और सचिवालय डेंजर्स की टीम -

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Wednesday, December 10, 2025

राहुल की धूप, मिट्टी से सोशल मीडिया तक का सफर -

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डॉ विरेन्द्र सिंह रावत को मिला लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड 2025 -

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मोनाल कप 2025 : हरिकेन और सचिवालय ईगल्स टीम की बड़ी जीत -

Tuesday, December 9, 2025

रॉयल स्ट्राइकर्स और सचिवालय ए की टीम मोनाल कप प्रतियोगिता के अगले दौर में पहुंची -

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Saturday, December 6, 2025

दुःखद : ट्रैक्टर-ट्रॉली व बाइक की जोरदार भिड़ंत से गई दो लोगों की जान -

Saturday, December 6, 2025

मोनाल कप : मैच के अगले दौर में पहुँचे सचिवालय रॉयल स्ट्राइकर, सचिवालय ए , सचिवालय वॉरियर्स और सचिवालय पैंथर -

Saturday, December 6, 2025

नौसेना दिवस-2025 : राज्यपाल ने किया डॉक्यूमेंट्री का विमोचन, नौसेना की भूमिका की सराहना की -

Friday, December 5, 2025

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Friday, December 5, 2025



पहचान : 12वीं में हो गए फेल, टेंपो चलाया, नही हारी हिम्मत बन गए आईपीएस

 

मध्यप्रदेश | यह कहानी प्यार, हिम्मत, साथ और विश्वास की है. स्कूल के दिनों से असफल होने वाले इस लड़के ने कभी हार नहीं मानी | जिंदगी में आगे बढ़ने और अपनी मोहब्बत को हासिल करने के लिए इससे जो भी बन पड़ा, उसने किया | हम बात कर रहे हैं इन दिनों सुर्खियों में छाए हुए आईपीएस मनोज कुमार शर्मा की | इन पर बनी बॉलीवुड फिल्म “12वीं फेल” को काफी पसंद किया जा रहा है | इसमें इनकी रियल लाइफ स्ट्रगल, लव और सक्सेस स्टोरी दिखाई गई है | आईपीएस मनोज कुमार शर्मा ने बचपन में जिंदगी की आम जरूरतों के लिए भी काफी संघर्ष किया है | उनका जन्म 1977 में मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में स्थित एक छोटे से गांव बिलगांव में हुआ था | उनके पिता कृषि विभाग में कार्यरत थे | मनोज कुमार शर्मा के घर की आर्थिक स्थिति खराब थी. उनकी पढ़ाई में भी कोई खास दिलचस्पी नहीं थी और वह किसी तरह से स्कूली शिक्षा पूरी कर पाए थे | मनोज कुमार शर्मा 9वीं और 10वीं में थर्ड डिवीजन से पास हुए थे | कक्षा 11वीं में भी वह किसी तरह से पास हो पाए थे | फिर 12वीं में उन्हें पढ़ाई और करियर की कीमत समझ में आई थी | लेकिन 12वीं बोर्ड परीक्षा में भी मनोज हिंदी के अलावा अन्य सभी विषयों में फेल हो गए थे | उनकी लाइफ स्टोरी और स्ट्रगल पर विधु विनोद चोपड़ा ने फिल्म बनाई है ’12वीं फेल’ | इसके मुताबिक, जब मनोज 12वीं में थे, तब वहां के एसडीएम स्कूलों में हो रही नकल को लेकर सख्त हो गए थे | मनोज कुमार शर्मा के लिए दिल्ली में संघर्ष करना आसान नहीं था | फीस भरने और जीवनयापन करने के लिए उन्होंने टेंपो चलाया, फुटपाथ पर सोए, लाइब्रेरी में काम किया और अमीरों के कुत्ते तक टहलाए | यूपीएससी कोचिंग करते हुए उन्हें उत्तराखंड की रहने वाली श्रद्धा जोशी से प्यार हो गया | मनोज अपने 3 प्रयासों में असफल हो गए थे, जबकि क्षद्धा पीसीएस परीक्षा पास कर डिप्टी कलेक्टर बन गई थीं | जोशी के घरवाले इस रिश्ते के विरोध में थे | साथ ही श्रद्धा भी समझ चुकी थीं कि मनोज को आगे बढ़ाने के लिए उन्हें कोई बड़ी चुनौती देनी पड़ेगी | तभी मनोज ने श्रद्धा से कहा कि अगर वह हां कर देंगी तो वह दुनिया बदल देंगे | और सच में ऐसा ही हुआ भी | श्रद्धा ने मनोज को आई लव यू टू कहा और मनोज ने अपने चौथे प्रयास में 121वीं रैंक के साथ यूपीएससी परीक्षा पास कर ली | 2007 में श्रद्धा जोशी भी यूपीएससी परीक्षा पास कर आईआरएस ऑफिसर बन गईं |

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