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भगवान पार्श्वनाथ का 2 दिवसीय निर्वाण कल्याणक महोत्सव बड़े हर्षोल्लास से मनाया गया, जानिए खबर -

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देहरादून साइक्लिंग क्लब द्वारा “गड्ढों से आज़ादी” पर रिपोर्ट प्रशासन को भेजा गया -

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Tuesday, August 18, 2026

देहरादून में आर्यिका श्री पूर्णमति माताजी का 38वां दीक्षोत्सव धूमधाम से शुरू, जानिए खबर -

Monday, August 17, 2026

क्रिकेट : छोटी उम्र में ही खिलाडी अश्वनी शाह को मिली बड़ी जिम्मेदारी, जानिए खबर -

Saturday, August 15, 2026

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Saturday, August 15, 2026

चातुर्मास के अवसर पर जैन धर्मशाला में स्वतंत्रता दिवस पर धार्मिक आयोजन, जानिए खबर -

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Wednesday, August 12, 2026

फुटबॉल : द दून स्कूल ने सेलाकुई इंटरनेशनल स्कूल को 3-0 से हराकर जीता खिताब -

Wednesday, August 12, 2026

प्रत्येक व्यक्ति को अधिक से अधिक समय धर्म, साधना और आत्मकल्याण के लिए देना चाहिए : आर्यिका 105 पूर्णमति माताजी -

Thursday, July 30, 2026

दिव्य ज्योति जागृति संस्थान द्वारा आयोजित देवदुर्लभ श्री गुरु पूर्णिमा महोत्सव का आयोजन -

Wednesday, July 29, 2026

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Tuesday, July 28, 2026

मॉडल एवं अभिनेत्री वैष्णवी लोहनी बनीं ‘साईं सृजन पटल’ के सलाहकार मंडल की सदस्य -

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Tuesday, July 28, 2026

शिक्षाविद एवं समाजसेवी जितेंद्र कुमार डंडोना विवेकानंद आदर्श रतन पुरस्कार से सम्मानित -

Tuesday, July 21, 2026

दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में देहरादून में उठी आवाज: ‘सांख्य योग फाउंडेशन’ ने दिया समर्थन -

Tuesday, July 21, 2026



पहचान : 12वीं में हो गए फेल, टेंपो चलाया, नही हारी हिम्मत बन गए आईपीएस

 

मध्यप्रदेश | यह कहानी प्यार, हिम्मत, साथ और विश्वास की है. स्कूल के दिनों से असफल होने वाले इस लड़के ने कभी हार नहीं मानी | जिंदगी में आगे बढ़ने और अपनी मोहब्बत को हासिल करने के लिए इससे जो भी बन पड़ा, उसने किया | हम बात कर रहे हैं इन दिनों सुर्खियों में छाए हुए आईपीएस मनोज कुमार शर्मा की | इन पर बनी बॉलीवुड फिल्म “12वीं फेल” को काफी पसंद किया जा रहा है | इसमें इनकी रियल लाइफ स्ट्रगल, लव और सक्सेस स्टोरी दिखाई गई है | आईपीएस मनोज कुमार शर्मा ने बचपन में जिंदगी की आम जरूरतों के लिए भी काफी संघर्ष किया है | उनका जन्म 1977 में मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में स्थित एक छोटे से गांव बिलगांव में हुआ था | उनके पिता कृषि विभाग में कार्यरत थे | मनोज कुमार शर्मा के घर की आर्थिक स्थिति खराब थी. उनकी पढ़ाई में भी कोई खास दिलचस्पी नहीं थी और वह किसी तरह से स्कूली शिक्षा पूरी कर पाए थे | मनोज कुमार शर्मा 9वीं और 10वीं में थर्ड डिवीजन से पास हुए थे | कक्षा 11वीं में भी वह किसी तरह से पास हो पाए थे | फिर 12वीं में उन्हें पढ़ाई और करियर की कीमत समझ में आई थी | लेकिन 12वीं बोर्ड परीक्षा में भी मनोज हिंदी के अलावा अन्य सभी विषयों में फेल हो गए थे | उनकी लाइफ स्टोरी और स्ट्रगल पर विधु विनोद चोपड़ा ने फिल्म बनाई है ’12वीं फेल’ | इसके मुताबिक, जब मनोज 12वीं में थे, तब वहां के एसडीएम स्कूलों में हो रही नकल को लेकर सख्त हो गए थे | मनोज कुमार शर्मा के लिए दिल्ली में संघर्ष करना आसान नहीं था | फीस भरने और जीवनयापन करने के लिए उन्होंने टेंपो चलाया, फुटपाथ पर सोए, लाइब्रेरी में काम किया और अमीरों के कुत्ते तक टहलाए | यूपीएससी कोचिंग करते हुए उन्हें उत्तराखंड की रहने वाली श्रद्धा जोशी से प्यार हो गया | मनोज अपने 3 प्रयासों में असफल हो गए थे, जबकि क्षद्धा पीसीएस परीक्षा पास कर डिप्टी कलेक्टर बन गई थीं | जोशी के घरवाले इस रिश्ते के विरोध में थे | साथ ही श्रद्धा भी समझ चुकी थीं कि मनोज को आगे बढ़ाने के लिए उन्हें कोई बड़ी चुनौती देनी पड़ेगी | तभी मनोज ने श्रद्धा से कहा कि अगर वह हां कर देंगी तो वह दुनिया बदल देंगे | और सच में ऐसा ही हुआ भी | श्रद्धा ने मनोज को आई लव यू टू कहा और मनोज ने अपने चौथे प्रयास में 121वीं रैंक के साथ यूपीएससी परीक्षा पास कर ली | 2007 में श्रद्धा जोशी भी यूपीएससी परीक्षा पास कर आईआरएस ऑफिसर बन गईं |

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