Breaking News:

किसान की दोनों बेटियां बनी समाज के लिए प्रेरणास्रोत -

Thursday, January 15, 2026

दोनों पैर नहीं एक हाथ नहीं, जज्बे ने बनाया ऑफिसर -

Thursday, January 15, 2026

संघर्ष : एसपी ऑफिस के बाहर सब्जी बेचने वाला बना डीएसपी -

Thursday, January 15, 2026

केराकत (जौनपुर) में चाइनीज मांझे से डॉक्टर का गला कटा तड़प तड़पकर हुई मौत -

Thursday, January 15, 2026

देहरादून : ठाकुरपुर बस्ती में निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन -

Monday, December 22, 2025

उत्तराखंड : सचिवालय ए ने जीता मोनाल कप 2025 का खिताब -

Sunday, December 14, 2025

उत्तराखंड ब्लाइंड क्रिकेट : “NIEPVD” के 11 खिलाड़ियों का हुआ चयन -

Saturday, December 13, 2025

मोनाल कप के लिए सचिवालय ए और पैंथर्स के बीच होगा फाइनल मुकाबला -

Friday, December 12, 2025

पहचान : जहां करते थे चपरासी की नौकरी, अब हैं असिस्टेंट कमिश्नर -

Thursday, December 11, 2025

निशा 6 बार हुई असफल, नहीं हारी हिम्मत बनी आइएएस -

Thursday, December 11, 2025

उत्तराखंड : छोटे-छोटे अपराधों में कारावास की सजा के बजाए अब सिर्फ अर्थ दंड का प्रावधान -

Thursday, December 11, 2025

अंकित तिवारी ने अपने जन्मदिन पर दिया रक्तदान का संदेश, जानिए खबर -

Thursday, December 11, 2025

मोनाल कप : सेमीफाइनल में पहुंची सचिवालय ए और सचिवालय डेंजर्स की टीम -

Wednesday, December 10, 2025

इनसे सीखे : गरीबी से लड़कर पवन बने आइएएस -

Wednesday, December 10, 2025

राहुल की धूप, मिट्टी से सोशल मीडिया तक का सफर -

Wednesday, December 10, 2025

डॉ विरेन्द्र सिंह रावत को मिला लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड 2025 -

Tuesday, December 9, 2025

मोनाल कप 2025 : हरिकेन और सचिवालय ईगल्स टीम की बड़ी जीत -

Tuesday, December 9, 2025

रॉयल स्ट्राइकर्स और सचिवालय ए की टीम मोनाल कप प्रतियोगिता के अगले दौर में पहुंची -

Monday, December 8, 2025

पुष्प वर्षा योग समिति के द्वारा यूनीफॉर्म का हुआ वितरण -

Monday, December 8, 2025

इंडिगो फ्लाइट्स रद्द होने से शहर-शहर परेशान यात्री -

Saturday, December 6, 2025



संघर्ष : एसपी ऑफिस के बाहर सब्जी बेचने वाला बना डीएसपी

 

महाराष्ट्र | नितिन बगाटे का जन्म महाराष्ट्र के एक गरीब परिवार में हुआ | बचपन बहुत संघर्षों से भरा था | घर की आर्थिक स्थिति कमजोर थी | जिसके कारण उन्हें एसपी ऑफिस के बाहर सब्जी बेचनी पड़ी | लेकिन उनके अंदर कुछ अलग करने की चाह थी | बचपन से ही उन्होंने देखा कि पुलिस अधिकारी समाज में बदलाव लाने का काम करते हैं | यह दृश्य उनके मन में बस गया और उन्होंने तय कर लिया कि उन्हें भी समाज की सेवा करनी है | बस यहीं से उनकी आईपीएस बनने की यात्रा शुरू हुई | आईपीएस बनने का सफर नितिन बगाटे के लिए बिल्कुल आसान नहीं था | यूपीएससी परीक्षा की तैयारी में उन्होंने कई उतार-चढ़ाव देखे | उन्होंने तीन बार इंटरव्यू राउंड तक सफर तय किया, लेकिन हर बार फाइनल मेरिट लिस्ट में जगह नहीं बना पाए | हालांकि, इन असफलताओं ने उन्हें तोड़ने के बजाय और मजबूत कर दिया. उन्होंने अपनी गलतियों से सीखा और हर बार खुद को पहले से ज्यादा बेहतर बनाने की कोशिश की | लगातार मेहनत और कोशिशों के बाद आखिरकार 2016 में नितिन बगाटे ने यूपीएससी परीक्षा पास की. यह सिर्फ उनकी सफलता नहीं थी | बल्कि उन सभी युवाओं के लिए एक सबक था, जो कठिनाइयों के आगे हार मान लेते हैं | आज वे महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में डीएसपी के रूप में कार्यरत हैं और समाज की सेवा कर रहे हैं |

Leave A Comment