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संघर्ष : एसपी ऑफिस के बाहर सब्जी बेचने वाला बना डीएसपी

 

महाराष्ट्र | नितिन बगाटे का जन्म महाराष्ट्र के एक गरीब परिवार में हुआ | बचपन बहुत संघर्षों से भरा था | घर की आर्थिक स्थिति कमजोर थी | जिसके कारण उन्हें एसपी ऑफिस के बाहर सब्जी बेचनी पड़ी | लेकिन उनके अंदर कुछ अलग करने की चाह थी | बचपन से ही उन्होंने देखा कि पुलिस अधिकारी समाज में बदलाव लाने का काम करते हैं | यह दृश्य उनके मन में बस गया और उन्होंने तय कर लिया कि उन्हें भी समाज की सेवा करनी है | बस यहीं से उनकी आईपीएस बनने की यात्रा शुरू हुई | आईपीएस बनने का सफर नितिन बगाटे के लिए बिल्कुल आसान नहीं था | यूपीएससी परीक्षा की तैयारी में उन्होंने कई उतार-चढ़ाव देखे | उन्होंने तीन बार इंटरव्यू राउंड तक सफर तय किया, लेकिन हर बार फाइनल मेरिट लिस्ट में जगह नहीं बना पाए | हालांकि, इन असफलताओं ने उन्हें तोड़ने के बजाय और मजबूत कर दिया. उन्होंने अपनी गलतियों से सीखा और हर बार खुद को पहले से ज्यादा बेहतर बनाने की कोशिश की | लगातार मेहनत और कोशिशों के बाद आखिरकार 2016 में नितिन बगाटे ने यूपीएससी परीक्षा पास की. यह सिर्फ उनकी सफलता नहीं थी | बल्कि उन सभी युवाओं के लिए एक सबक था, जो कठिनाइयों के आगे हार मान लेते हैं | आज वे महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में डीएसपी के रूप में कार्यरत हैं और समाज की सेवा कर रहे हैं |

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