देश प्यार और मोहब्बत से चलेगा, नफरत से नहींः मदनी
हरिद्वार। देश में बढ़ती नफरत की राजनीति, मदरसों और मस्जिदों पर हो रही बुल्डोजर कार्रवाई तथा मुसलमानों के खिलाफ बनाए जा रहे माहौल पर जमीअत उलेमा-ए-हिन्द के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना सैय्यद अरशद मदनी ने तीखा और बेबाक हमला बोला। उन्होंने कहा कि ‘कोई भी मुल्क नफरत से लंबे समय तक नहीं चल सकता। देश प्यार, मोहब्बत और इंसाफ से चलता है, नफरत से नहीं। सरकारें आती-जाती रहती हैं, लेकिन हमेशा रहने वाली हुकूमत सिर्फ अल्लाह, ओम और गॉड की है।’
देर रात पीरान कलियर शरीफ में आयोजित जमीयत उलेमा उत्तराखंड के प्रदेश कार्यकारिणी अधिवेशन को संबोधित करते हुए मौलाना मदनी ने देश के मौजूदा हालात पर खुलकर अपनी बात रखी। अधिवेशन में प्रदेश भर से हजारों उलेमा, सामाजिक कार्यकर्ता और जमीयत के पदाधिकारी मौजूद रहे।
जमीयत उलेमा उत्तराखंड के प्रदेश कार्यकारिणी अधिवेशन में संगठनात्मक और सामाजिक सरोकारों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी पारित किए गए। शिक्षा के प्रसार के लिए कोचिंग सेंटरों की स्थापना। मदरसों के आधुनिकीकरण एवं संरक्षण का संकल्प। मस्जिदों और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग। वक्फ संपत्तियों के संरक्षण और अवैध कब्जों से मुक्ति का प्रस्ताव। पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण अभियान को बढ़ावा देने का निर्णय। सामाजिक सौहार्द और हिंदू-मुस्लिम एकता को मजबूत करने का संकल्प लिया गया। अधिवेशन में विभिन्न मदरसों से आलिमियत की शिक्षा पूर्ण करने वाले छात्रों को सम्मानित किया गया। उलेमा ने उन्हें समाज और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश दिया। प्रदेश कार्यकारिणी अधिवेशन केवल संगठनात्मक बैठक नहीं बल्कि देश में बढ़ती सामाजिक दूरियों के बीच भाईचारे, इंसाफ और संवैधानिक मूल्यों की पैरवी का मंच बनकर उभरा। मौलाना अरशद मदनी के संबोधन ने जहां सरकार की नीतियों और नफरत की राजनीति पर तीखे सवाल खड़े किए, वहीं हिंदू-मुस्लिम एकता, प्रेम और सामाजिक सद्भाव का मजबूत संदेश भी दिया।





















