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Friday, September 25, 2026



दृष्टि दिव्यांग बालक श्रेयांश नेगी ने किया कमाल, जानिए खबर

देहरादून | जब इरादे बुलंद और अपनों का साथ हो तो कहाँ कोई मंजिल दूर होती है और ना ही कोई सपना अनदेखा सा रह जाता है।तब तो हर कदम और काम केवल मिसाल ही बनता है समाज के लिए। यों तो श्रेयांश जन्म से ही दृष्टि दिव्यांग बालक है परन्तु इस दिव्यांगता को बचपन से ही अंगूठा दिखा रखा है उसने।वह पढ़ाई लिखाई में भी तेज है।चतुर बुद्धि का धनी और स्फूर्ति का भंडार भी है।जिसे उसके माता पिता सकारात्मक ऊर्जा और सही दिशा में अग्रेषित कर रहे हैं।उसकी उम्र अभी केवल 5 साल ही है परन्तु हम हो में डलहौज़ी घूमने के दौरान उसने पैरा ग्लाइडिंग(सहायक संग) कर कमाल कर दिया।वह ऐसा कारनामा करने वाला सबसे छोटा दृष्टि दिव्यांग बालक है।उसके माता पिता ने बताया कि श्रेयांश ने वहाँ पैरा ग्लाइडिंग के साथ साथ और भी कई साहसिक खेल बड़ी तन्मयता और जोश के साथ किए।श्रेयांश के पिता यूनियन बैंक में कार्यरत हैं और माता स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया में।वे दोनों भी दृष्टि दिव्यांग हैं।पर दोनों सक्षम हैं और अपने दृष्टि दिव्यांग बेटे को दुनिया का हर काम करवाने का इरादा रखते हैं।श्रेयांश ने इसी सत्र में आदर्श विद्यालय के बाल वाटिका में दाखिला लिया है।यों तो अभी वह बच्चा है पर उससे पूछने पर अक्सर कहता है कि मुझे आगे चलकर भी खेलना है।विद्यालय में भी बच्चों के सर्वांगीण विकास को महत्ता दी जाती है।आदर्श विद्यालय के प्राचार्य श्री अमित कुमार शर्मा जी कहते हैं कि बच्चे तो कच्ची मिट्टी से होते हैं और यहाँ क्योंकि विशिष्ट विद्यार्थी आते हैं तो हमें भी उनका विशिष्ट रूप से ध्यान रखते हुए उनके भविष्य को संवारने की तरफ कदम उठाने पड़ते हैं।विद्यालय बच्चों को छोटी उम्र से ही हर प्रकार के अवसर प्रदान कराता रहता है |

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