बिना किसी कोचिंग कड़ी मेहनत से सफलता प्राप्त कर बने अधिकारी
मुजफ्फरपुर | बिहार के यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा मुजफ्फरपुर निवासी सईम रजा ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2023 में 188वीं रैंक हासिल कर आईपीएस बनने का सपना पूरा किया है। सईम ने अपनी इस सफलता के लिए बेंगलुरु में डेटा साइंटिस्ट की 12 लाख रुपये सालाना पैकेज वाली नौकरी छोड़ दी थी। सईम के पिता एसबीआई से रिटायर्ड हैं और मां गृहणी हैं। कोविड के दौरान वर्क फ्रॉम होम करते हुए,सईम को महसूस हुआ कि वे समाज सेवा करना चाहते हैं, जिसके बाद उन्होंने सिविल सेवा की तैयारी का कठिन फैसला लिया । सबसे खास बात यह रही कि उन्होंने…
किसान की दोनों बेटियां बनी समाज के लिए प्रेरणास्रोत
राजस्थान : राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) ने वर्ष 2023 में आरएएस परीक्षा आयोजित करवाई थी, जिसका फाइनल रिजल्ट जारी किया गया था अक्टूबर में, इस रिजल्ट में डीडवाना जिले के मांगलोदी में किसान परिवार की दो बेटियों पूजा और कविता ने भी सफलता हासिल की है | पूजा ने आरएएस में 477 वीं रैंक हासिल की है, जबकि उनकी बहन कविता ने 350 वीं रैंक हासिल की है | दोनों बहनें किसान परिवार से ताल्लकु रखती हैं | दोनों बहनों के पिता तिलोकराम किसान है और खेती बाड़ी करके अपने परिवार का पालन पोषण करते हैं| सलेक्शन के बाद…
दोनों पैर नहीं एक हाथ नहीं, जज्बे ने बनाया ऑफिसर
मैनपुरी | उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले के कुरावली तहसील के गांव घर्नाजपुर के रहने वाले सूरज तिवारी ने 2022 की यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में 971वीं रैंक हासिल की | उन्होंने यह उपलब्धि अपने पहले ही प्रयास में हासिल की लेकिन किस्मत ने उनका सबसे बड़ा इम्तिहान पहले ही ले लिया था | सूरज का साल 2017 में एक भयानक ट्रेन एक्सीडेंट हो गया था. जिसमें सूरज ने अपने दोनों पैर, दाहिना हाथ और बाएं हाथ की दो उंगलियां खो दीं थी | हादसे के बाद 9 महीने हॉस्पिटल में बिताने पड़े | एक्सीडेंट ने सूरज तिवारी की पूरी…
संघर्ष : एसपी ऑफिस के बाहर सब्जी बेचने वाला बना डीएसपी
महाराष्ट्र | नितिन बगाटे का जन्म महाराष्ट्र के एक गरीब परिवार में हुआ | बचपन बहुत संघर्षों से भरा था | घर की आर्थिक स्थिति कमजोर थी | जिसके कारण उन्हें एसपी ऑफिस के बाहर सब्जी बेचनी पड़ी | लेकिन उनके अंदर कुछ अलग करने की चाह थी | बचपन से ही उन्होंने देखा कि पुलिस अधिकारी समाज में बदलाव लाने का काम करते हैं | यह दृश्य उनके मन में बस गया और उन्होंने तय कर लिया कि उन्हें भी समाज की सेवा करनी है | बस यहीं से उनकी आईपीएस बनने की यात्रा शुरू हुई | आईपीएस…
पहचान : जहां करते थे चपरासी की नौकरी, अब हैं असिस्टेंट कमिश्नर
छत्तीसगढ़ | छत्तीसगढ़ के 29 वर्षीय शैलेन्द्र कुमार बंधे की कहानी संघर्ष और सफलता की एक अद्भुत मिसाल है | शैलेन्द्र ने अपनी कड़ी मेहनत और अदम्य साहस से यह साबित कर दिया कि किसी भी परिस्थिति में अपने सपनों को पूरा किया जा सकता है | एनआईटी रायपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बावजूद शैलेन्द्र ने सरकारी सेवा का सपना देखा | इस सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की परीक्षा पास की और सहायक आयुक्त (राज्य कर) का पद हासिल किया | शैलेन्द्र ने रायपुर के CGPSC कार्यालय में चपरासी…
निशा 6 बार हुई असफल, नहीं हारी हिम्मत बनी आइएएस
देहरादून | आज हम आपको एक ऐसी ही आइएएस उम्मीदवार के बारे में बताएंगे, जिन्होंने 35 की उम्र में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की और 6 बार असफल होने के बाद IAS का पद हासिल किया | दरअसल, हम बात कर रहे हैं केरल की निशा उन्नीराजन की, जिन्होंने यह साबित कर दिया कि सच्चे सपनों की कोई उम्र नहीं होती | हालांकि, उनका रास्ता आसान नहीं था | जब उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की, तब वह दो छोटी बेटियों की मां थीं | साथ ही वह नौकरी भी करती थीं और अपने…
अंकित तिवारी ने अपने जन्मदिन पर दिया रक्तदान का संदेश, जानिए खबर
11 साल से कर रहे है रक्तदान डोईवाला | अंकित तिवारी ने अपने जीवन के एक महत्वपूर्ण पहलू को समाज सेवा के रूप में अपनाया है। वे अपने जन्मदिन को सिर्फ एक व्यक्तिगत उत्सव के रूप में नहीं, बल्कि समाज के लिए एक प्रेरणा के रूप में मनाते हैं। पिछले 11 वर्षों से लगातार, अंकित अपने जन्मदिन पर रक्तदान करते आ रहे हैं। उनका यह कदम न केवल उनके सामाजिक दायित्व को दिखाता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि कैसे छोटे-छोटे कदमों से हम समाज में बड़े बदलाव ला सकते हैं।यह उनका दूसरा महत्वपूर्ण योगदान है। इससे पहले, अंकित…
इनसे सीखे : गरीबी से लड़कर पवन बने आइएएस
बुलंदशहर | यूपीएससी को देश की सबसे मुश्किल परीक्षा में से एक माना जाता है। इस परीक्षा को पास करने करने के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ती है। उत्तरप्रदेश के बुलंदशहर के एक छोटे से कस्बे के रहने वाले पवन कुमार ने यूपीएससी परीक्षा पास कर आईएएस बने। पवन कुमार का बचपन छप्पर से बनी छत के कच्चे मकान में बीता। उनके जीवन की शुरुआत ही मुश्किलों से भरी थी और इन्हीं से गुजरकर वह एक आइएएस अधिकारी बने।पवन के पिता किसान थे और चाहते थे उनका बेटा कोई अच्छी नौकरी करके परिवार का सहारा बने। यूपीएससी की तैयारी करते…
राहुल की धूप, मिट्टी से सोशल मीडिया तक का सफर
महाराष्ट्र | महाराष्ट्र के राहुल रामदास तमनर जो अहिल्यानगर के नेवासे तालुका के छोटे से गाँव गोमलवाड़ी के रहने वाले हैं, ने अपनी मेहनत और कुछ तकनीकी जानकारी हासिल कर कुछ ऐसा किया जो आज की युवा पीढ़ी के लिए एक मिसाल है। खेती-किसानी से हुई जहां धूप, मिट्टी और रोज़ की मेहनत ही उनका बचपन था। बेहद कम उम्र में उन्हें मोबाइल मिला तो घरवालों को डर था कि कहीं वह पढ़ाई से भटक न जाए। लेकिन राहुल के मन में हमेशा एक ही विश्वास था – मोबाइल से कुछ अलग करने का! न पैसा था, न पहचान बस…
नौसेना दिवस-2025 : राज्यपाल ने किया डॉक्यूमेंट्री का विमोचन, नौसेना की भूमिका की सराहना की
देहरादून। भारतीय नौसेना के प्रतिष्ठित संस्थान नेशनल हाइड्रोग्राफिक ऑफिस (एन एच ओ) में इस वर्ष नौसेना दिवस-2025 विविध कार्यक्रमों के साथ अत्यंत गरिमामय वातावरण में मनाया गया। वर्ष 1954 में देहरादून में स्थापित यह कार्यालय भारतीय नौसेना का प्रमुख केंद्र है, जहाँ से इलेक्ट्रॉनिक नेविगेशन चार्ट, पेपर चार्ट और समुद्री जहाजों के लिए आवश्यक सभी नौवहन प्रकाशनों का निर्माण होता है। वर्तमान में इसका नेतृत्व चीफ हाइड्रोग्राफर वाइस एडमिरल लोचन सिंह पठानिया, एवीएसएम, मुख्य हाइड्रोग्राफर, भारत सरकार कर रहे हैं। हर वर्ष 4 दिसंबर को भारतीय नौसेना, 1971 के युद्ध में पाकिस्तान पर भारत की ऐतिहासिक विजय की स्मृति में…






























