जरूरतमंद बच्चों के सपने पूरा कर रहा है अपने सपने संस्था
देहरादून | अपने सपने वेलफेयर सोसायटी (अपने सपने एनजीओ) विगत पाँच वर्षों से देहरादून में असहाय एवम जरूरतमंद बच्चों के जीवन शैली एवम उनके शिक्षा पर कार्य करता आ रहा है | अपने सपने एन. जी. ओ. के अध्यक्ष अरुण कुमार यादव ने बताया कि संस्था वर्तमान समय में 140 से अधिक बच्चो की पढाई और सामाजिक उत्थान में कार्यरत है. विदित हो कि अपने सपने एनजीओ द्वारा बहुत से बच्चो के लिए अधिकाधिक प्रसंशनीय कार्य किये गए | अजय नामक बच्चा जो आज से पाँच साल पहले सड़को पर कूड़ा बीनता था संस्था द्वारा उसको स्कूल में दाखिला दिलवाया…
आईएमए में कमान्डेंट परेड आयोजित, जानिये खबर
देहरादून। भारतीय सैन्य अकादमी (आइएमए) से शनिवार को 459 कैडेट पास आउट होंगे, जिसमें 382 भारतीय सेना का हिस्सा बनेंगे, जबकि अन्य 77 विदेशी कैडेट हैं। इन कैडेट्स ने गुरुवार को कमान्डेंट परेड में कदमताल की। कमान्डेंट लेफ्टिनेंट जनरल एसके झा ने कैडेट्स में जोश भरते कहा कि सेना की प्रतिष्ठा अब उनके कंधों पर है। सैन्य अफसर बनने की राह पर अग्रसर कैडेट्स ने कड़ी मेहनत के बूते यह सम्मान हासिल किया है। वह सेना के मूल सिद्धांत चरित्र, सामघ्र्थ्य, प्रतिबद्धता और करुणा के जरिये इसे बनाए रखें। उच्च आदर्श व उत्कृष्टता उनके कार्यो में प्रतिबिंबित होने चाहिए। उन्होंने…
नौकरी छोड़ किसान बनीं इंजीनियर, जानिए खबर
छत्तीसगढ़ | खेती भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ रही है। लेकिन उन्नत तकनीकें किसानों तक पहुंच नहीं पा रही हैं जिससे कुछ सालों में किसानों की दुर्दशा, जड़ किसान नीतियों और कम सुविधाओं ने लोगों को किसानी से मोहभंग कर दिया है। और वो परंपरागत तरीके से खेती करके पर्याप्त कमाई नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में 27 वर्षीय छत्तीसगढ़ लड़की वल्लरी चंद्राकर ने खेती करने के लिए अपनी अच्छी सैलरी वाली इंजीनियरिंग नौकरी छोड़ दी। वल्लरी कंप्यूटर साइंस के क्षेत्र में एमटेक करने के बाद ने दुर्गा कॉलेज में सहायक प्रोफेसर के रूप में नौकरी कर रही थीं। उन्होंने…
हिमानी के जज्बे को सलाम…
डोईवाला (अंकित तिवारी) | आर्यन विद्या मंदिर डांडी में 94 प्रतिशत अंक लेकर हिमानी भट्ट टॉपर रही | हिमानी का मानना है कि लक्ष्य प्राप्ति के लिए सतत प्रयास करना चाहिए | उत्तराखंड विद्यालय शिक्षा परिषद के परीक्षा परिणाम घोषित होने से पूर्व हिमानी भट्ट का स्वास्थ्य अचानक से खराब हो गया | उनके परिजन उन्हें जौलीग्रांट स्थित हिमालयन अस्पताल में ले आए |अस्पताल में ही उन्होंने अपना परीक्षा परिणाम मोबाइल में चेक किया.. परिजनों सहित अस्पताल में कार्यरत कर्मचारियों के चेहरे हिमानी का परीक्षा परिणाम देखकर खिल खिलाए |हिमानी ने 500 में से 470 अंक पाकर विद्यालय में सर्वोच्च…
62 बच्चों के ‘पिता’ हैं भोजपुरी कलाकार खेसारी लाल , जानिए ख़बर
गरीबी क्या होती है खेसारी ने उसको करीब से महसूस किया है। यही कारण है कि आज भोजपुरी सुपरस्टार खेसारी लाल यादव बन जाने के बाद भी वह जरूरतमंद लोगों की मदद करना नहीं भूलते। फर्श से अर्श तक पहुंचे खेसारी लाल आज भी अपने गुरबत के दिनों को भुला नहीं पाए हैं। जानकारी हो कि खेसारी का शुरुआती जीवन काफी गरीबी में गुजरा है। वह छपरा (बिहार) के रसूलपुर चट्टी धनाड़ी गांव के साधारण से परिवार में जन्मे। वह करीब 10 सालों तक दूध ही नहीं बेचे बल्कि दिल्ली आकर पत्नी के साथ लिट्टी चोखा की रेहड़ी भी लगाई।…
सुविधा से वंचित बच्चों को पढ़ाने के लिये लोकल ट्रेन में भीख मांगते है प्रोफेसर, जानिए खबर
अपनी गुज़र बसर के लिये भारत की ट्रेनों में भीख मांगते लोग आप को आसानी से दिख जाते होंगे और यह बहुत ही आम नज़ारा है। लेकिन एक पढ़ा लिखा आदमी जो पेशे से प्रोफेसर हो ट्रेन में भीख मांगे यह जरूर हम सब के लिये थोड़ी अटपटी बात है। ये एक ऐसे इंसान है जिसका मकसद हर गरीब बच्चे को शिक्षा दिलाना और उन्हें अपने जीवन में स्वावलम्बी तथा आत्मनिर्भर बनाना है जिसके लिए वह ट्रेनों में भीख माँग कर पैसे इकट्ठा करने में भी नहीं हिचकता। सुविधा से वंचित बच्चों को पढ़ाने के लिये मुंबई की लोकल ट्रेन…
इनसे सीखें : फूल बेचकर 200 करोड़ की कमाई करने वाले विकास
ताजे फूलों में खुशी को दोगुना और गम को हल्का करने की ताकत होती है। गम हो या खुशी के पल हो फूल हर अंदाज को बयां करने का सबसे आसान और खुबसूरत जरिया होते हैं। इन्हीं फूलों के छोटे से गुलदस्ते में कारोबारी संभावनाओं को देखा बिहार के विकास गुटगुटिया ने। आज हम बात कर रहे हैं एक छोटे फ्लोरिस्ट से अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहचान बना चुके बड़े ब्रांड फर्न्स एन पेटल्स की आधारशिला रखने वाले विकास गुटगुटिया की सफलता के बारे में। पूर्वी बिहार के एक छोटे से गांव विद्यासागर में एक मध्यम-वर्गीय परिवार में जन्मे विकास ने…
मिसाल : 4 अनाथ बच्चे को दंपती ने लिए गोद , जानिए ख़बर
गुवाहाटी | असम के जोरहाट में पति देवव्रत और पत्नी संतना शर्मा ने अपने जीवन का बड़ा हिस्सा युवाओं को पढ़ाने और बच्चों के साथ समय व्यतीत करने में बिताया। इस दंपती ने मानवता की मिसाल पेश की है। लेकिन जब इस दंपती के निजी जीवन की बात आई, तो वे 25 साल तक अपनी स्वेच्छा से निःसंतान रहे। हाल ही में उत्तरी असम में चाय बागानों में हुई एक त्रासदी ने उनका जीवन बदल दिया। उन्होंने चार अनाथ बच्चों को गोद लिया है। असम के गोलाघाट और जोरहाट में इस फरवरी में अवैध शराब पीने से 150 से अधिक…
मॉडलिंग के क्षेत्र में अपने सपने को साकार कर रही मीना
देहरादून। जीवन में हौसला और जज्बा हो तो कोई भी कार्य असंभव नहीं है बल्कि वह संभव में परिवर्तित हो जाता है इस लाइन को सच कर दिखाया है मॉडलिंग की दुनिया में कदम रखने वाली देहरादून की मॉडल मीना गुप्ता ने | जो अपनी जिंदगी में एक लक्ष्य बनाकर चलते हैं और उसे हासिल करने के लिए दिन रात एक करते हैं एक दिन मेहनत जरूर रंग लाती है और सफलता उनके कदम चूमती है। ऐसी ही एक प्रसिद्ध मॉडल से हम आपको रूबरू कराने जा रहे हैं। देहरादून के क्लेमेंटटाउन क्षेत्र में जन्मी मीना गुप्ता की परवरिश उनके…
जानवरों का खाना खाया पिता ने, ताकि मैं ट्रेनिंग कर सकूं: पदक विजेता गोमती
कामयाबी तो बहुत से लोगो की देखे होंगे किस तरह से मुश्किलों से लड़ कर आगे बढ़ते है , जी हां अब हम बात करने जा रहे है ऐसे ही एक कामयाबी का जो गरीबी को इतना निचे दिखा दिया अपने कामयाबी से की लोगो के लिए आधरश बन गयी | बात कर रहे है एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 800 मीटर रेस में गोल्ड मेडल दिलाने वाली गोमती मरिमुथु का . तमिलनाडु की इस महिला एथलीट ने शुक्रवार को चेन्नई में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान अपनी अब तक की यात्रा और आगे की तैयारी के बारे में बताया. उन्होंने बताया…






























