Breaking News:

जौनपुर : पिंकी माली के शोक में केराकत तहसील का भैंसा गांव, जानिए खबर -

Thursday, January 29, 2026

देहरादून सिटीजन फोरम ने की नई पहल, जानिए खबर -

Wednesday, January 21, 2026

उत्तराखंड : विभिन्न विकास योजनाओं के लिये 183.71 करोड़ की धनराशि, जानिए खबर -

Tuesday, January 20, 2026

40 बीघा अवैध प्लॉटिंग पर चला एमडीडीए का ध्वस्तीकरण का बुलडोज़र -

Tuesday, January 20, 2026

गाड़ी में सवार एक व्यक्ति की दर्दनाक मौत -

Tuesday, January 20, 2026

जापान में चैंपियनशिप के लिए उत्तराखंड के चार ब्लाइंड फुटबॉल खिलाड़ियों का चयन -

Tuesday, January 20, 2026

बिना किसी कोचिंग कड़ी मेहनत से सफलता प्राप्त कर बने अधिकारी -

Tuesday, January 20, 2026

देहरादून फुटबाल एकेडमी का 15वां विंटर कैम्प सम्पन्न, जानिए खबर -

Friday, January 16, 2026

मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय संगठन द्वारा मकर संक्रांति सेवा भाव रूप में मनाया -

Friday, January 16, 2026

किसान की दोनों बेटियां बनी समाज के लिए प्रेरणास्रोत -

Thursday, January 15, 2026

दोनों पैर नहीं एक हाथ नहीं, जज्बे ने बनाया ऑफिसर -

Thursday, January 15, 2026

संघर्ष : एसपी ऑफिस के बाहर सब्जी बेचने वाला बना डीएसपी -

Thursday, January 15, 2026

केराकत (जौनपुर) में चाइनीज मांझे से डॉक्टर का गला कटा तड़प तड़पकर हुई मौत -

Thursday, January 15, 2026

देहरादून : ठाकुरपुर बस्ती में निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन -

Monday, December 22, 2025

उत्तराखंड : सचिवालय ए ने जीता मोनाल कप 2025 का खिताब -

Sunday, December 14, 2025

उत्तराखंड ब्लाइंड क्रिकेट : “NIEPVD” के 11 खिलाड़ियों का हुआ चयन -

Saturday, December 13, 2025

मोनाल कप के लिए सचिवालय ए और पैंथर्स के बीच होगा फाइनल मुकाबला -

Friday, December 12, 2025

पहचान : जहां करते थे चपरासी की नौकरी, अब हैं असिस्टेंट कमिश्नर -

Thursday, December 11, 2025

निशा 6 बार हुई असफल, नहीं हारी हिम्मत बनी आइएएस -

Thursday, December 11, 2025

उत्तराखंड : छोटे-छोटे अपराधों में कारावास की सजा के बजाए अब सिर्फ अर्थ दंड का प्रावधान -

Thursday, December 11, 2025



आज हैं महाराष्ट्र के ब्रांड एम्बेस्डर जो कभी चाय बेचने को थे मजबूर …

good

हम अपने बचपन के दिनों में अपनी दादा-दादी से किस्से-कहानियां सुना करते थे कि फलां के पास किस तरह एक भी पैसे नहीं थे | फलां ने किस प्रकार रात-रात भर जाग कर पढ़ाई की थी. उसे किस तरह पैसे के अभाव में मजदूरी करनी पड़ी. किस प्रकार रिक्शा खींचना पड़ा और चाय की रेहड़ी तक लगानी पड़ी | महाराष्ट्र राज्य के पुणे शहर में रहने वाले सोमनाथ गिरम के सफलता की कहानी भी कुछ ऐसी ही है | वे एक बेहद गरीब परिवार में जन्मे थे और कभी दो जून की रोटी के लिए भी संघर्ष किया करते थे…

Read More

पूर्व मुख्य्मंत्री का परिवार मजदूरी करने को मजबूर

EX BIHAR CM

पूर्णिया | बिहार के इस दलित मुख्यमंत्री के परिवार से मिलिए जिन्हें तीन बार मुख्यमंत्री बनने का मौका मिला. जी हाँ, यह भोला पासवान शास्त्री का परिवार है जो पूर्णिया जिले के काझा कोठी के पास बैरगाछी गांव में रहता है. तस्वीर में इनकी हालत साफ नजर आती है और बिहार के दूसरे पूर्व मुख्यमंत्रियों से इनकी तुलना करेंगे तो जमीन आसमान का फर्क साफ नजर आएगा. हाल हाल तक यह परिवार मनरेगा के लिए मजदूरी करता रहा है ! बैरगाछी वैसे तो समृद्ध गांव लगता है, मगर शास्त्री जी का घर गांव के पिछवाड़े में है. जैसा कि अमूमन…

Read More

दिव्यांग डिम्पी ने जीवन की दुश्वारियों को मजबूत इरादों से किया परास्त

dimpi

रुद्रप्रयाग | कौन कहता है कि आसमान में छेद नहीं हो सकता। एक पत्थर तो तबियत से उछालो यारो। कुछ ऐसा ही कारनामा कर दिखाया है अगस्त्यमुनि क्षेत्र की बालिकाओं ने। जिन्होंने विकट परिस्थितियों को मात देकर सफलता के झण्डे गाड़े हैं। उनकी इस सफलता पर उनके मां बाप तो गौरवान्वित महसूस कर ही रहे हैं, बल्कि पूरा क्षेत्र ही उनकी सफलता पर बधाई देते हुए गौरवान्वित हो रहा है। इसमें पहला नाम है डिम्पी बैंजवाल का, जिसने जीवन की दुश्वारियों को अपने मजबूत इरादों से परास्त किया है। उसने दिव्यांग होते हुए हाई स्कूल की बोर्ड परीक्षा 62 प्रतिशत…

Read More

18 साल पहले तब और अब …

jose

यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में जोसी एपोंटे ने अपना डिप्लोमा हासिल किया तो दर्शकों में तालियां बजाने वालों में एक खास मेहमान मौजूद थे। ये खास मेहमान थे वो पुलिस अफसर जिन्होंने जोसी को मौत के मुंह से सुरक्षित निकाला था। बीते हफ्ते ईस्टर्न कनेक्टिकट स्टेट यूनिवर्सिटी में जोसी ने डिप्लोमा हासिल किया तो पीटर गेट्ज भी पूरे जोश के साथ तालियां बजा रहे थे। जोसी ने कहा, जब मैं 5 साल की थी तो मौत के मुंह में करीब करीब जा चुकी थी। लेकिन ये पीटर और अथॉरिटी के दूसरे अधिकारी ही थे जिनकी वजह से आज मैं जीवित…

Read More

8 घंटे मजदूरी करने वाली मीरा 54 % से बोर्ड परीक्षा की पास

meera

रांची। सीबीएसई बोर्ड में जब 95 फीसदी मार्क्स भी कम लगने लगे तब 10वीं में किसी के 54 पर्सेंट लाने की बात से शायद ही किसी को हैरानी हो। लेकिन ये जानकर आप को हैरानी होगी कि हर दिन अपने 8 घंटे ईंट उठाने वाली छात्रा ये 54 पर्सेंट अंक हासिल की हुई है । जिजान से मेहनत के बाद घर के काम भी करने वाली मीरा गोया को मुश्किल से 2 ही घंटे पढ़ाई के लिए मिल पाते थे। झारखंड के नयातोली गांव की 16 साल की मीरा ने अब जब ये कामयाबी हासिल की है तो देशभर में…

Read More

बचपन में सड़कों पर मांगी है भीख, आज हैं करोड़ों की कंपनी के मालिक

pehchan

जब चाहत हो किसी चीज के पाने की वह पूरा जरूर होता है ऐसी ही एक कहानी हर उस शख्स की हो सकती है जो हालात के सामने घुटने टेकने के बजाय उनसे लड़ने की ठान लेते हैं | हिम्मते मर्दा तो मददे खुदा जैसी कहावतें भी इन्हीं शख्सियतों के लिए कही गई हैं | 50 वर्षीय रेणुका आराध्या घनघोर गरीबी से निकल कर आज अपना करोड़ों का साम्राज्य स्थापित करने वाले इस शख्स की जिंदगी हम सभी हताश-निराश लोगों के लिए प्रेरणा हो सकती है | रेणुका बंगलुरू के नजदीक एनेकल तालुक के गोपसांद्रा गांव से ताल्लुक रखते हैं…

Read More

बचपन में माँ के साथ चूड़िया बेचता था , आज है आईएएस

IAS

जज्बे रूपी उड़ान सिखना हो तो रमेश घोलप से सीखें | पारिवारिक हालातो ने जहां रमेश घोलप को अपनी माँ के साथ चूड़िया बेचने पर मजबूर होना पड़ा इतना ही नहीं बचपन में पोलियो होने पर भी उनके जज्बे को कोई डिगा नहीं सका | आईएएस बनकर ही डीएम लिया | यह स्टोरी उन लाखो युवाओं के लिए प्रेणना बन सकती है जो आईएएस बनकर देश और समाज की सेवा करना चाहते है | कहानी ऐसे शख्स की है जिसका बचपन विकलांगता और परिवारिक जिम्मेदारियों का बोझ तले दबा हो | लेकिन रमेश ने इन हालातो को अपना बैसाखी नहीं…

Read More

विभागीय लापरवाही के आगे बेबस हुआ छात्र

uk

देहरादून। जनता जन आंदोलन चेरिटेबल ट्रस्ट ने डाक विभाग और पासपोर्ट विभाग की लापरवाही के चलते विदेश में अपनी प्रतिभा दिखाने से सुभाष कोठियाल चूकने को लेकर शहीद स्मारक में धरना दिया। जनता जन आन्दोलन चेरिटेबल ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरुण खन्ना का कहना था कि नई टिहरी के कंडियाल गांव निवासी सुभाष कोठियाल जापान में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन नहीं कर पायेगा। केंद्र सरकार का विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय देश भर से लगभग 60 बच्चों को एक सप्ताह के स्टडी टूर पर जापान भेज रहा है। उत्तराखंड से इस टूर में जाने वाला सुभाष एकमात्र छात्र है। कंडियाल गांव…

Read More

97 साल के बुजुर्ग ने दी एमए की परीक्षा

raj-kumar-vaishya

पटना: शिक्षा की कोई उम्र नहीं होती और न ही शिक्षा उम्र की मोहताज है , इस बात को एक बार फिर साबित किया है 97 वर्ष की उम्र में स्नातकोत्तर (एमए) की परीक्षा दे रहे बुजुर्ग राजकुमार वैश्य ने । विदित हो की वैश्य ने वर्ष 1938 में स्नातक (बीए) की परीक्षा पास की थी और फिर नौकरी करने लगे। करीब 39 साल पहले वह नौकरी से रिटायर हुए। इस वक्त उनकी उम्र 97 साल है, लेकिन उच्च शिक्षा पाने की लगन के चलते उन्होंने अब एमए की परीक्षा दी है। जानकारी अनुसार राजकुमार वैश्य मूल रूप से बरेली…

Read More

अजब गजब : जज्बे की पहचान इनसे है ,देखे चित्र

pehchan 3

  जब हौसलों की उड़ान की बात होती है तो इन चित्रों को देख कर आप अनुमान नहीं लगा सकते की ऐसे भी पहचान देश और विदशों में है जो दूसरों को भी हौसलों की उड़ान भरने में सहायक होते है …..

Read More