Breaking News:

उत्तराखंड के खिलाडी आदित्य सजवान पर गर्व, जानिए खबर -

Thursday, April 9, 2026

देहरादून में मनाया गया णमोकार दिवस, जानिए खबर -

Thursday, April 9, 2026

सचिवालय सुपर लीग 2026: ‘वॉरियर’ टीम का धमाकेदार जीत -

Thursday, April 9, 2026

“एशिया बुक ऑफ़ अचीवमेंट रिकॉर्ड 2026” से सम्मानित हुए डॉ विरेन्द्र सिंह रावत -

Monday, April 6, 2026

सचिवालय माइटीज की 8 विकेट से जीत, जानिए खबर -

Monday, April 6, 2026

सचिवालय सुपर लीग : उद्घाटन मैच में सचिवालय ए की शानदार जीत -

Friday, April 3, 2026

देहरादून में बढ़ते अपराध और नशे के खिलाफ कांग्रेस का हल्ला बोल, जानिए खबर -

Thursday, April 2, 2026

विदेशी शिक्षा का भरोसेमंद ब्रांड बना TIG, जानिए खबर -

Wednesday, April 1, 2026

विधिक जागरूकता रूपी कार्यशाला का आयोजन -

Wednesday, March 25, 2026

विज्ञान प्रतियोगिता के छात्रों को पुरस्कृत किया गया, जानिए खबर -

Wednesday, March 25, 2026

देहरादून में समिट फिनसर्व ने नए कार्यालय का किया शुभारंभ, जानिए खबर -

Tuesday, March 24, 2026

नन्हे-मुन्नों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने बांधा समां, जानिए खबर -

Tuesday, March 24, 2026

‘मिस टैलेंटेड’ बनीं उत्तराखंड की बेटी वैष्णवी लोहनी, जानिए खबर -

Monday, March 23, 2026

कालिख पोते जाने के विरोध में पुतला दहन, जानिए खबर -

Monday, March 23, 2026

समाजसेवी जितेंद्र कुमार डंडोना को मिला “राष्ट्रीय प्रतिष्ठा पुरस्कार” -

Monday, March 23, 2026

19 अप्रैल को दौड़ेगा उत्तराखंड, विजेताओं पर होगी 10 लाख की धनवर्षा -

Thursday, March 19, 2026

मालाबार गोल्ड एंड डायमंड्स द्वारा उत्तराखंड में ब्रांड का दूसरा शोरूम खुला -

Wednesday, March 18, 2026

“वैश्य एकता दिवस” पर हर्ष उल्लास, जानिए खबर -

Tuesday, March 17, 2026

सांख्य योग फाउंडेशन द्वारा देहरादून के विभिन्न विद्यालयों में अलमारी का किया वितरण -

Saturday, March 7, 2026

देहरादून : ओगल भट्टा में प्रेमी प्रेमिका ने एक दूसरे को चाकू मार किया घायल, जानिए खबर -

Saturday, March 7, 2026



पहचान : 31 वर्ष बाद उत्तराखंड लौटी “भावना”

प्रदेश के करीब दस हजार युवाओं को रोजगार देकर पलायन पर लगाएंगी अंकुश

देहरादून | जहाँ चाह है वही राह है इस कथन को सत्य किया है मूल रूप से हल्द्वानी (नैनीताल) निवासी भावना पांडे ने, भावना पांडे आज किसी परिचय की मोहताज नहीं है भावना पांडे का मानना है द ग्लोबल गॉड मदर फाउंडेशन की संचालिका भावना पांडे ने बताया कि महज 16 वर्ष की अल्पायु में उन्हें उत्तराखंड से पलायन को विवश होना पड़ा और 31 वर्ष संघर्ष करने के बाद उत्तराखंड लौटी । पलायन का दर्द समझती हैं, इसिलिये सवाल उठाती हैं कि आखिर क्यों स्थानीय लोगों को प्रदेश में रोजगार नहीं मिल पाता ? क्यों, पहाड़ में आज तक भी उचित शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाओं का अभाव बना हुआ है ? क्यों, दूर दराज के ग्रामीणों को आज भी कई मिल पैदल चलने को विवश होना पड़ता है ? शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अभाव में पलायन ही तो विकल्प बचता है।

उत्तराखंड में सुपर मार्केट की चैन भी शुरू करने का प्रयास

भावना पांडे का उद्देश्य, प्रदेश के करीब दस हजार युवाओं को रोजगार देने का है। जिसके लिये वह, तमाम योजनाओं पर काम रही हैं। हरिद्वार में तैयार फ्रोजन प्लांट के लिये, पर्वतीय जिलों के किसानों के उत्पादों को खेत से ही खरीदकर उन्हें बिचौलियों से भी बचाया जायेगा। इसके अलावा, उत्तराखंड में सुपर मार्केट की चैन भी शुरू करने के प्रयास कर रही हैं। भावना पांडे का दावा है कि यदि उत्तराखंड सरकार भूमि उपलब्ध कराए, तो वो यहां फ़िल्म सिटी बनाने को निवेशक ला सकती हैं। जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, रोजगार और आय के अवसर भी बढ़ेंगे। पहाड़ में प्राकृतिक सौंदर्य के साथ ही प्रतिभाओं की कमी नहीं, कमी है तो बस फ़िल्म नीति की। भावना द्वारा लॉक डाउन के दौरान देहरादून में नियमित रूप से जरूरतमंद लोगों को भोजन उपलब्ध कराने के साथ ही, कोरोना वारियर्स को भी मास्क, सेनिटाइजर आदि वितरित किया गया । समाज के प्रति समपर्ण भाव को देखते हुए भावना पांडे को कोरोना वॉरियर्स भी चुना गया है |

Leave A Comment