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मोटर पुलिया के निर्माण न होने से गदेरे से गुजर रहे वाहन

uk

रुद्रप्रयाग। ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने वाले लिंक मार्ग बदहाल हालत में है, जिन पर सफर करना जान को खतरे में डालने जैसा है। मजबूरी में ग्रामीण जनता उफनते गदेरों को पार कर गंतव्य को पहुंच रहे हैं, जबकि वाहन स्वामियों को सबसे अधिक समस्या से गुजरना पड़ रहा है। रोजगार का एकमात्र साधन भी बारिश के कारण ठप पड़ गया है। विकासखण्ड जखोली के घंघासू-बांगर में मूसलाधार बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों को मीलों का सफर पैदल तय करना पड़ रहा है। क्षेत्र को जोड़ने वाला एक मात्र छेनागाड़-बक्सीर 14 किमी मोटरमार्ग जगह-जगह क्षतिग्रस्त हालत में है। ग्रामीण जनता किसी तरह जान-जोखिम में डालकर सफर तय कर रही है। भटकंडी और मथ्यागांव के पास बनने वाली पुलिया का निर्माण भी डेढ़ साल बाद नहीं हो पाया है। मोटरमार्ग से पांच गांवों के बारह हजार से अधिक की जन संख्या जुड़ी हुई है। बावजूद इसके क्षेत्र की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उत्तराखण्ड राज्य बनने के बाद से लेकर आज तक क्षेत्र में दूर संचार की कोई सुविधा नहीं है। अपने चित-परिचतों से संपर्क साधने के लिए ग्रामीणों को दूसरे गांवों में आना पड़ता है। भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष मदन सिंह रावत ने कहा कि जखोली का घंघासू-बांगर क्षेत्र मूलभूत सुविधाआंे के लिए तरस रहा है। क्षेत्रीय जनता के लम्बे संघर्ष के बाद क्षेत्र को मोटरमार्ग से जोड़ा गया, मगर ठेकेदार और विभागीय अभियंताओं की लापरवाही के कारण मोटरमार्ग के कार्य में गुणवत्ता का कोई ध्यान नहीं रखा गया। मार्ग पर न तो पुश्तों का निर्माण किया गया है और न ही नालियों का निर्माण हुआ है। ऐसे में बरसात के दौरान मार्ग पर जगह-जगह पुश्ते ढह जाते हैं और बरसाती पानी सड़क में भर जाता है। जिस कारण सड़क दल-दल में तब्दील हो जाती है और वाहन स्वामियों को जान जोखिम में डालकर वाहनों का आवागमन करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि वैसे भी क्षेत्र के अधिकतर लोग वाहन चलाकर आजीविका चला रहे हैं और ऊपर से बारिश के कारण सड़क के बार-बार बंद होने से उनकी आजीविका को नुकसान पहुंच रहा है। ग्रामीण जनता में सड़क बंद होने के बाद दस किमी का सफर पैदल तय करती है। राजकीय इंटर काॅलेज घंघासू-बांगर पहुंचने के लिए छात्र-छात्राओं को उबड़-खाबड़ रास्तों तथा उफनते गदेरों को पार करना पड़ता है। जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। मोटरमार्ग पर निर्माणाधीन दो मोटरपुलों का निर्माण भी डेढ़ साल बाद पूरा नहीं हो पाया है। श्री रावत ने कहा कि घंघासू-बांगर की जनता मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रही है। बिजली, पानी की भी क्षेत्र में गंभीर समस्या बनी है। दूर संचार की सुविधा के लिए ग्रामीणों को दूसरे गांवों में जाना पड़ता है। उन्होंने क्षेत्रीय जनता की समस्याओं को देखते हुए त्वरित निराकरण की मांग की है।

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