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माँ ने कपड़े सिलकर दूध बेचकर बेटी को पाला आज देश की है टॉपर एथलीट, जानिए खबर

pehchan 1

 

अमृतसर | दिल में जज्बा हो तो कोई भी कार्य आप की सफलता का गाथा लिखता जरूर है ऐसा ही खुश कर दिखाई है एशियाड पदक विजेता खुशबीर कौर की | कौर का परिवार आज भी उस दिन को याद करता है जब वे लोग गौशाला में रहा करते थे और देश की टॉप रेस वॉकर का परिवार एक टूटी चारपाई पर सोता था। 2014 एशियन गेम्स में रजत पदक जीतने वाली खुशबीर का परिवार तंगी के चलते दिन में एक या दो बार का खाना नहीं खाता था। गोशाला से वे किसी तरह एक टूटे-फूटे घर तक आए, जहां बारिश में छत टपकने लगती थी। 25 साल की खुशबीर अब पंजाब पुलिस में डीएसपी हैं और आज भी उस मुश्किल वक्त की यादें ताजा हैं। उनकी मां जसबीर कौर अमृतसर के रसूलपुर कलान गांव में रहती हैं। आने वाले एशियन गेम्स के लिए बेंगलुरु में एक कैंप का हिस्सा बनीं खुशबीर बताती हैं, ‘यह बहुत मुश्किल सफर रहा।’ खुशबीर ने छह साल की उम्र में ही अपने पिता बालकर सिंह को खो दिया था। इसके बाद उनकी मां ने पूरी हिम्मत से चार बेटियों और एक बेटे को कपड़े सिलकर और पास के गांवों में दूध बेचकर पाला।

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