श्रद्धांजलि : पुण्य तिथि पर याद किए गए स्व. साईं दास तलवाड़
Posted by Pehchanexpress Admin on Saturday, July 18, 2026 · Leave a Comment

डोईवाला। स्व. साईं दास तलवाड़ की 37वीं पुण्यतिथि के अवसर पर साईं सृजन पटल कार्यालय, साईं कुटीर, जोगीवाला में श्रद्धांजलि सभा आयोजित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर उनके व्यक्तित्व एवं समाज, शिक्षा तथा धार्मिक क्षेत्र में दिए गए उल्लेखनीय योगदान को स्मरण किया गया।
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए उनके ज्येष्ठ पुत्र, सेवानिवृत्त प्राचार्य एवं साईं सृजन पटल के संयोजक प्रो. के. एल. तलवाड़ ने बताया कि स्व. साईं दास तलवाड़ को उनके उत्कृष्ट सामाजिक योगदान के लिए श्री आदर्श रामलीला समिति (रजि.), उत्तरकाशी द्वारा मरणोपरांत ‘उत्तरकाशी गौरव सम्मान–2017’ से सम्मानित किया गया। उन्होंने बताया कि स्व. तलवाड़ वर्ष 1952 से लगातार 25 वर्षों तक समिति के व्यवस्थापक एवं कोषाध्यक्ष रहे तथा उत्तरकाशी में आयोजित सामाजिक एवं धार्मिक आयोजनों में सदैव सक्रिय भूमिका निभाई। 18 जुलाई 1990 को 70 वर्ष की आयु में उत्तरकाशी में उनका निधन हुआ।प्रो. तलवाड़ ने कहा कि अपने पिता की स्मृति को जीवंत रखने के उद्देश्य से वे विभिन्न महाविद्यालयों के मेधावी विद्यार्थियों को ‘स्व. श्री साईं दास तलवाड़ मेधावी छात्रवृत्ति’ प्रदान करते हैं, जिसके अंतर्गत नकद छात्रवृत्ति, मेडल एवं प्रशस्ति-पत्र दिए जाते हैं।उन्होंने बताया कि स्व. साईं दास तलवाड़ की स्मृति में जोगीवाला, देहरादून स्थित साईं कुटीर में अगस्त 2024 में साईं सृजन पटल की स्थापना की गई। यहीं से “उत्तराखंड में लेखन और सृजन के लिए सदैव प्रतिबद्ध” सिद्धांत वाक्य के साथ साईं सृजन पटल मासिक पत्रिका का नियमित प्रकाशन किया जा रहा है। पत्रिका के अब तक 23 अंक प्रकाशित हो चुके हैं, जबकि 24वाँ विशेषांक 31 जुलाई को प्रकाशित किया जाएगा। साईं सृजन पटल के माध्यम से ‘लेखक श्री सम्मान’, समाचार लेखन प्रशिक्षण, 10 अगस्त को पटल स्थापना दिवस पर प्रतिभा सम्मान समारोह सहित साहित्य, पत्रकारिता और रचनात्मक गतिविधियों का निरंतर आयोजन किया जा रहा है।
श्रद्धांजलि सभा में पत्रिका के उप संपादक अंकित तिवारी, सह संपादक अमन तलवाड़, लेखिका नीलम तलवाड़ तथा इंसाइडी क्रिएटिव मीडिया के सीईओ अक्षत तलवाड़ ने स्व. साईं दास तलवाड़ के व्यक्तित्व एवं कृतित्व का स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।