सांख्य योग फाउंडेशन द्वारा देहरादून के विभिन्न विद्यालयों में अलमारी का किया वितरण
स्व. धर्मवीर सिंह की स्मृति में विद्यालयों में किया गया अलमारी का वितरण देहरादून | सांख्य योग फाउंडेशन द्वारा देहरादून के सीमित संसाधनों वाले विद्यालयों में अलमारियों का वितरण किया गया। इस पहल के अंतर्गत आर्य समाज स्कूल तथा डॉ. अम्बेडकर मेमोरियल स्कूल, डी.एल. रोड सहित अन्य विद्यालयों को अलमारियाँ प्रदान की गईं, जिससे विद्यालयों में पुस्तकों, अभिलेखों और शैक्षणिक सामग्री के सुरक्षित रख-रखाव में सहायता मिल सके। यह पहल सांख्य योग फाउंडेशन के सदस्य स्व. श्री धर्मवीर सिंह जी की स्मृति में की गई, जो संगठन की विभिन्न पहलों के लिए निरंतर मार्गदर्शन और प्रेरणा का स्रोत रहे। कार्यक्रम…
मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय संगठन ने जरुरतमंद बच्चों के चेहरे पर लाई मुस्कान, जानिए खबर
हिमायलन ड्रग्स कंपनी के एम डी डॉ एस फारूक का रहा अहम सहयोग देहरादून | मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय संगठन द्वारा मालषी पुलिया बालवाला के राजकीय कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय नकरौंदा में अध्यनरत छात्रों को हिमायलन ड्रग्स कंपनी के एम डी डॉ एस फारूक के सहयोग से ट्रैकसूट एवं स्पोर्ट्स ड्रेस वितरित की गई। इस अवसर पर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन जैन ने कहा कि बच्चों को भविष्य अगर उज्जवल बनाना है तो एक हाथ हमें भी बढाना होगा बच्चे अपनी मेहनत करते हैं लेकिन उनके सुख सुविधाओं का ध्यान हम रखें तो वह अपने लक्ष्य तक पहुंचने में…
डिजिटल धोखाधड़ी से ग्राहकों को बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट के सुझाव स्वागत योग्य : जितेंद्र कुमार डंडोना
देहरादून | पूर्व निवेश सलाहकार भारतीय स्टेट बैंक के जितेंद्र कुमार डंडोना ने जानकारी दिये, डिजिटल धोखाधड़ी के लिए शीर्ष अदालत ने बैंकों को भी बहुत अधिक हद तक जिम्मेदार ठहराया है और कहा है कि वह अपनी जिम्मेदारियां भूल रहे हैं और ऐसे मामलों में ग्राहकों को ठगी से बचाने के लिए एक चेतावनी तंत्र विकसित करने के निर्देश दिए हैं। अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करके बैंक इस प्रकार के होने वाले आर्थिक अपराधों से कई प्रभावशाली कदम उठा सकते हैं। धोखाधड़ी के बहुत ही कम मामलों में ग्राहकों के डूबे पैसों को रिकवर किया जा सका है। कई…
देहरादून सिटीजन फोरम ने की नई पहल, जानिए खबर
शहर के मुद्दों पर “टाउनहॉल” का हुआ आयोजन देहरादून | देहरादून सिटीजन फोरम की ओर से आज दून लाइब्रेरी में शहर के अहम नागरिक मुद्दों पर एक महत्वपूर्ण टाउनहॉल का आयोजन किया गया। इस संवाद में प्रमुख विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। नागरिकों ने खुलकर सवाल पूछे और अधिकारियों ने सीधे जवाब दिए। यह संवाद शहर की रोज़मर्रा की व्यवस्थाओं और लोगों की चिंताओं पर केंद्रित रहा। एक नागरिक के रूप में मैं इस पहल के परिणाम से प्रसन्न हूँ कि 500 से अधिक नागरिकों वाला हमारा नागरिक मंच, देहरादून सिटीजन फोरम इस खुले संवाद को आगे लाया।…
बिना किसी कोचिंग कड़ी मेहनत से सफलता प्राप्त कर बने अधिकारी
मुजफ्फरपुर | बिहार के यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा मुजफ्फरपुर निवासी सईम रजा ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2023 में 188वीं रैंक हासिल कर आईपीएस बनने का सपना पूरा किया है। सईम ने अपनी इस सफलता के लिए बेंगलुरु में डेटा साइंटिस्ट की 12 लाख रुपये सालाना पैकेज वाली नौकरी छोड़ दी थी। सईम के पिता एसबीआई से रिटायर्ड हैं और मां गृहणी हैं। कोविड के दौरान वर्क फ्रॉम होम करते हुए,सईम को महसूस हुआ कि वे समाज सेवा करना चाहते हैं, जिसके बाद उन्होंने सिविल सेवा की तैयारी का कठिन फैसला लिया । सबसे खास बात यह रही कि उन्होंने…
किसान की दोनों बेटियां बनी समाज के लिए प्रेरणास्रोत
राजस्थान : राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) ने वर्ष 2023 में आरएएस परीक्षा आयोजित करवाई थी, जिसका फाइनल रिजल्ट जारी किया गया था अक्टूबर में, इस रिजल्ट में डीडवाना जिले के मांगलोदी में किसान परिवार की दो बेटियों पूजा और कविता ने भी सफलता हासिल की है | पूजा ने आरएएस में 477 वीं रैंक हासिल की है, जबकि उनकी बहन कविता ने 350 वीं रैंक हासिल की है | दोनों बहनें किसान परिवार से ताल्लकु रखती हैं | दोनों बहनों के पिता तिलोकराम किसान है और खेती बाड़ी करके अपने परिवार का पालन पोषण करते हैं| सलेक्शन के बाद…
दोनों पैर नहीं एक हाथ नहीं, जज्बे ने बनाया ऑफिसर
मैनपुरी | उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले के कुरावली तहसील के गांव घर्नाजपुर के रहने वाले सूरज तिवारी ने 2022 की यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में 971वीं रैंक हासिल की | उन्होंने यह उपलब्धि अपने पहले ही प्रयास में हासिल की लेकिन किस्मत ने उनका सबसे बड़ा इम्तिहान पहले ही ले लिया था | सूरज का साल 2017 में एक भयानक ट्रेन एक्सीडेंट हो गया था. जिसमें सूरज ने अपने दोनों पैर, दाहिना हाथ और बाएं हाथ की दो उंगलियां खो दीं थी | हादसे के बाद 9 महीने हॉस्पिटल में बिताने पड़े | एक्सीडेंट ने सूरज तिवारी की पूरी…
संघर्ष : एसपी ऑफिस के बाहर सब्जी बेचने वाला बना डीएसपी
महाराष्ट्र | नितिन बगाटे का जन्म महाराष्ट्र के एक गरीब परिवार में हुआ | बचपन बहुत संघर्षों से भरा था | घर की आर्थिक स्थिति कमजोर थी | जिसके कारण उन्हें एसपी ऑफिस के बाहर सब्जी बेचनी पड़ी | लेकिन उनके अंदर कुछ अलग करने की चाह थी | बचपन से ही उन्होंने देखा कि पुलिस अधिकारी समाज में बदलाव लाने का काम करते हैं | यह दृश्य उनके मन में बस गया और उन्होंने तय कर लिया कि उन्हें भी समाज की सेवा करनी है | बस यहीं से उनकी आईपीएस बनने की यात्रा शुरू हुई | आईपीएस…
देहरादून : ठाकुरपुर बस्ती में निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन
मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय संगठन द्वारा किया गया आयोजन देहरादून | मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय संगठन द्वारा प्रेम नगर से आगे ठाकुरपुर स्थित बस्ती में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन सुभारती अस्पताल के सहयोग से किया गया। जिसमें दून स्कूल के चंदन सिंह घुघत्याल सुभारती हॉस्पिटल के फील्ड मेडिकल ऑफिसर डॉ रवि कंसल मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर शाहरुख अख्तर , डॉ हर्षित भट्ट वेदांता डेंटल क्लीनिक पीआरओ रविंद्र शर्मा धर्मपाल चौधरी,भावी डॉ विधि डिमरी निवेदिता घुघत्याल, गोपाल घुघत्याल, पंकज, अक्षय, अभिषेक, रितेश, पूनम वाधवा , कैप्टन राजेश वाधवा आदि के अमूल्य सेवाओं द्वारा स्वास्थ्य शिविर में सहयोग प्राप्त हुआ । इसमें…
निशा 6 बार हुई असफल, नहीं हारी हिम्मत बनी आइएएस
देहरादून | आज हम आपको एक ऐसी ही आइएएस उम्मीदवार के बारे में बताएंगे, जिन्होंने 35 की उम्र में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की और 6 बार असफल होने के बाद IAS का पद हासिल किया | दरअसल, हम बात कर रहे हैं केरल की निशा उन्नीराजन की, जिन्होंने यह साबित कर दिया कि सच्चे सपनों की कोई उम्र नहीं होती | हालांकि, उनका रास्ता आसान नहीं था | जब उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की, तब वह दो छोटी बेटियों की मां थीं | साथ ही वह नौकरी भी करती थीं और अपने…






























