देहरादून में मनाया गया णमोकार दिवस, जानिए खबर
Posted by Pehchanexpress Admin on Thursday, April 9, 2026 · Leave a Comment

देहरादून | परम पूज्य कर्मयोगी गिरनार पीठाधीश क्षुल्लकरत्न श्री समर्पण सागर जी महाराज के प्रेरणा – आशीर्वाद से *“विश्व णमोकार दिवस”* के अवसर पर 60 गांधी रोड स्थित जैन धर्मशाला में भक्तिमय कार्यक्रम आयोजित किया गया । कार्यक्रम में सभी ने मिलकर सामूहिक रूप से महामंत्र का जाप एवं आराधना की जिसमें उपस्थित भक्त जनों ने आध्यात्मिक शांति व सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री खजानदास, विशिष्ट अतिथि दर्जाधारी, पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष अशोक वर्मा,बलजीत सोनी , अल्पसंख्यक आयोग ,विशाल गुप्ता , प्रदेश सह संयोजक निकाय प्रकोष्ठ रहे।कार्यक्रम की जानकारी देते हुए मीडिया समन्वयक मधु जैन ने बताया कि हमारे लिए बेहद गर्व का विषय है कि आज का दिन पूरे विश्व में णमोकार दिवस के रूप में मनाया गया जिसमें 108 देश एक साथ एक समय में आनलाइन के माध्यम से जुड़ें। जिसमें भारत देश की ओर से माननीय गृहमंत्री अमित शाह जी ने जैन समाज को संबोधित किया गत वर्ष यह दिवस माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा संबोधित किया गया था। इस अवसर पर क्षुल्लक रतन श्री समर्पण सागर जी ने नवकार मंत्र की महत्ता बताते हुए कहा कि नवकार मंत्र सर्व धर्म का सार है। इस मंत्र में किसी व्यक्ति विशेष को नमस्कार नहीं किया गया है इसमें हमारे पंच परमेष्ठी भगवंत को भाव सहित वंदन किया गया है।
णमोकार मंत्र (नमस्कार महामंत्र) जैन धर्म का मूल मंत्र है, जो अरिहंत, सिद्ध, आचार्य, उपाध्याय और साधु (पंच परमेष्ठी) को नमन करता है। यह मंत्र समस्त पापों का नाश करने वाला, आत्म-कल्याणकारी, नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने वाला और मोक्ष मार्ग प्रशस्त करने वाला माना जाता है, जिसमें 68 वर्णों की अद्भुत शक्ति निहित है।सर्व-पाप नाशक है मान्यता है कि इस मंत्र के पाठ से भयानक पाप कर्म कट जाते हैं और यह मंत्र संसार के सभी मंगल कार्यों में सबसे उत्तम है।निराकार और निष्काम है यह किसी व्यक्ति, देवता या बीजाक्षर (ॐ, ह्रीं) पर आधारित नहीं है, बल्कि ‘गुणों’ (अवस्था) को नमन करता है।इसमें अपार शक्ति और चमत्कार है इसके नियमित जाप से मानसिक शांति, रोगों से मुक्ति, भय का नाश और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। इसमें अरिहंत (ज्ञानी), सिद्ध (आत्मा), आचार्य (गुरु), उपाध्याय (शिक्षक), और साधु (मुनि) को नमस्कार किया गया है।यह अखंड फलदायी है इस मंत्र का उच्चारण करने से अटूट पुण्य का संचय होता है और यह मनोकामनाएं पूरी करने में सहायक माना जाता है।ज्ञान और यश की वृद्धि होती है इसके जाप से ज्ञान में वृद्धि होती है और यश-वैभव प्राप्त होता है।संक्षेप में, णमोकार मंत्र जीवन को सकारात्मकता से भरने वाला एक अत्यंत प्रभावशाली और कल्याणकारी महामंत्र है, जो व्यक्ति को सांसारिक दुखों से पार उतारकर मोक्ष की ओर ले जाता है। कार्यक्रम में सकल दिगंबर जैन समाज एवं संयोजक राजीव जैन (Foam House) माजरा ,उपाध्यक्ष, एवं समस्त कार्यकारिणी जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन (JITO) उत्तराखंड चैप्टर के सहयोग से
सकल दिगंबर जैन समाज के , जैन भवन के सभी आमनाओ ,संस्थाओं, प्रबुद्ध वर्ग के मिलन शाखाओं के प्रतिनिधि सदस्य मौजूद रहे।