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Saturday, August 15, 2026

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Friday, August 14, 2026

उत्तराखंड : 6 गोल्ड, 7 सिल्वर एवं 5 कांस्य पदक जीत शूटर्स वर्ल्ड शूटिंग एकेडमी ने किया कमाल, जानिए खबर -

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Wednesday, August 12, 2026

प्रत्येक व्यक्ति को अधिक से अधिक समय धर्म, साधना और आत्मकल्याण के लिए देना चाहिए : आर्यिका 105 पूर्णमति माताजी -

Thursday, July 30, 2026

दिव्य ज्योति जागृति संस्थान द्वारा आयोजित देवदुर्लभ श्री गुरु पूर्णिमा महोत्सव का आयोजन -

Wednesday, July 29, 2026

पुल ध्वस्त होने की जवाबदेही किसकी ? : “आप” देहरादून कैंट -

Tuesday, July 28, 2026

भारत विकास परिषद द्रोणशाखा का बाल संस्कार शिविर का आयोजन -

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Tuesday, July 28, 2026

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Tuesday, July 28, 2026

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Tuesday, July 21, 2026

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Tuesday, July 21, 2026

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Tuesday, July 21, 2026

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बागेश्वर : बाबू ने चाकू से गोदकर की जीआईसी भटकोला के प्रधानाचार्य की हत्या -

Sunday, July 19, 2026

भनियावाला और ऋषिकेश मार्ग पर अब नहीं कटेंगे 3000 पेड़, सीएम धामी की रोक, आगे क्या… -

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Sunday, July 19, 2026



साईं सृजन पटल द्वारा डॉ. कीर्तिराम डंगवाल हुए सम्मानित

 

डोईवाला। साहित्य, संस्कृति और उत्तराखंड की लोक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन में उल्लेखनीय योगदान देने वाले डॉ. कीर्तिराम डंगवाल, असिस्टेंट प्रोफेसर, राजकीय महाविद्यालय कर्णप्रयाग को साईं सृजन पटल की ओर से पत्रिका में निरंतर एवं गुणवत्तापूर्ण लेखन के लिए सम्मानित किया गया। डॉ. डंगवाल ने साईं सृजन पटल के माध्यम से उत्तराखंड की संस्कृति, लोकजीवन, पर्यावरण, इतिहास, पर्यटन, कृषि तथा प्रेरणादायी व्यक्तित्वों पर आधारित अनेक शोधपरक एवं ज्ञानवर्धक लेख लिखे हैं, जिन्हें पाठकों ने भरपूर सराहना दी।पत्रिका में उनके प्रकाशित प्रमुख लेखों में सितम्बर 2024 में ‘हस्तशिल्प की विरासत को आगे बढ़ा रहे  राजेन्द्र बड़वाल’, नवम्बर 2024 में ‘रम्माण : एक पौराणिक विरासत’, दिसम्बर 2024 में ‘वातानुकूलित पहाड़ी “पठाल के मकान”‘, जनवरी 2025 में ‘पहाड़ी क्षेत्र में “फलों का राजा” कहलाता है : माल्टा’, मार्च 2025 में ‘पहाड़ी “जल पुरुष” मनोज सती’, अप्रैल 2025 में ‘पहाड़ों पर बहुउपयोगी “भीमल”‘, मई 2025 में ‘प्रोजेक्ट युक्तम् ऑनलाइन मोबाइल स्कूल – एक रचनात्मक पहल’, जून 2025 में ‘अंतर्राष्ट्रीय संसदीय अध्ययन, शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान, गोरसैंण-भराड़ीसैंण’, जुलाई 2025 में ‘पंचम केदार “कल्पेश्वर”‘, अगस्त 2025 में ‘जब जुनून बना रास्ता : अतुल की संघर्षगाथा’, सितम्बर 2025 में ‘”माटी के लाल” मोहन सिंह “पाल”‘, अक्टूबर 2025 में ‘पति-पत्नी सुधीर तिवारी व मीना तिवारी हर शुभ कार्य पर लगवाते हैं “एक पौधा”‘, नवम्बर 2025 में ‘वेस्ट को बेस्ट बनाने वाली लक्ष्मी नेगी – आधुनिकता में संस्कृति और परंपरा की नई पहचान’, दिसम्बर 2025 में ‘चलती छेनी, बोलती विरासत : दर्शन लाल की अद्भुत काष्ठ कला’, जनवरी 2026 में ‘पलायन के खिलाफ खेती : कीवी उगाकर आत्मनिर्भर बने सुरखेत पंचायत के किसान’, फरवरी 2026 में ‘बाल स्वर में गूंजती देववाणी : कार्तिक की कविता यात्रा’ तथा मई 2026 में ‘देवलगढ़, राजराजेश्वरी सिद्धपीठ – आस्था, इतिहास और संस्कृति का अद्भुत संगम’ जैसे महत्वपूर्ण लेख शामिल हैं।इस अवसर पर साईं सृजन पटल के संपादक प्रो. (डॉ.) के. एल. तलवाड़ ने कहा कि डॉ. कीर्तिराम डंगवाल ने अपने लेखन के माध्यम से उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं, पर्यावरण संरक्षण तथा समाज के प्रेरणास्रोत व्यक्तित्वों को पाठकों तक प्रभावी ढंग से पहुँचाने का सराहनीय कार्य किया है। उन्होंने कहा कि ऐसे रचनाकार समाज की अमूल्य धरोहर हैं और उनका लेखन नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। सम्मान प्राप्त करने के उपरांत डॉ. कीर्तिराम डंगवाल ने कहा कि साईं सृजन पटल ने उन्हें अपनी मातृभूमि, लोकसंस्कृति और समाज से जुड़े विषयों पर लिखने का सार्थक मंच प्रदान किया। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी वे उत्तराखंड की संस्कृति, लोकजीवन और प्रेरक व्यक्तित्वों पर नियमित रूप से लेखन करते रहेंगे।इस अवसर पर इंसाइडी क्रिएटिव मीडिया की निदेशक नीलम तलवाड़, सीईओ अक्षत और उनका स्टाफ उपस्थित रहा।

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