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एक प्रवेश, एक परीक्षा, एक परिणाम और एक चुनाव योजना लागू करें विश्वविद्यालय

 

देहरादून । प्रदेश की उच्च शिक्षा में गुणवत्ता बनाये रखने एवं छात्र-छात्राओं में नैतिक मूल्यों के विकास के दृष्टिगत एनईपी के अंतर्गत विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में नैतिक शिक्षा संबंधी विषयों का समावेश किया जायेगा। इसके साथ ही प्रदेश की उच्च शिक्षा व्यवस्था में एकरूपता लाने के लिये सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में एक प्रवेश, एक परीक्षा, एक परिणाम और एक चुनाव कार्य योजना को लागू किया जायेगा। सभी शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की डिजीटल हेल्थ आईडी अनिवार्य रूप से बनाई जायेगी। इसके अलावा उच्च शिक्षण संस्थानों में नशा मुक्त अभियान, तम्बाकू मुक्त अभियान, टीबी मुक्त अभियान एवं रक्तदान अभियान चलाये जायेंगे। उच्च शिक्षा मंत्री डॉ0 धन सिंह रावत ने आज राष्ट्रीय दृष्टिबाधितार्थ संस्थान देहरादून के सभागार में श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय से सम्बद्ध अशासकीय एवं निजी शिक्षण संस्थानों के साथ विभिन्न बिन्दुओं को लेकर बैठक की। जिसमें डॉ0 रावत ने कहा कि प्रदेश में उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे सभी छात्र-छात्राओं की डिजिटल हेल्थ आईडी अनिवार्य रूप से बनाई जायेगी, ताकि छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य से संबंधित समस्त जानकारियां ऑनलाइन सुरक्षित रह सकेगी और जरूरत पड़ने पर उसका उपयोग कर सकेंगें। इसी प्रकार सभी छात्र-छात्राओं की आयुष्मान कार्ड भी बनाये जायेंगे, जिसके लिये राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण विश्वविद्यालयों के साथ क्यूआर कोड़ साझा करेगा, जिसे विश्वविद्यालय अपने संबद्ध संस्थानों को उपलब्ध करायेगा जिसके आधार पर सभी छात्र-छात्राएं डिजीटल हेल्थ आईडी के लिये अपना पंजीकरण करा सकेंगे। डॉ0 रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत प्रदेश को 2024 तक टीबी मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। जिसमें उच्च शिक्षण संस्थानों की भागीदारी भी अहम है। उन्होंने ने सभी शिक्षण संस्थानों से अपनी क्षमता के अनुसार एक से पांच तक टीबी मरीजों को गोद लेते हुये अपने सामाजिक दायित्वों को निभाने का आह्वान किया। इसी प्रकार सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में सुभाष चन्द्र बोस जयंती 23 जनवरी से लेकर एक माह तक रक्तदान शिविरों का आयोजन कराने को कहा, जिसमें स्वास्थ्य विभाग का भी सहयोग रहेगा। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत सभी छात्र-छात्राओं को स्वैच्छिक रक्तदान के लिये ई-रक्तकोश, आरोग्य सेतु ऐप और विभागीय पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा ताकि जरूरत पड़ने पर रक्तदान के लिये बुलाया जा सके। इसके अलावा उन्होंने शिक्षण संस्थानों में नशा मुक्त अभियान, तम्बाकू मुक्त अभियान संचालित करने को भी कहा। विभागीय मंत्री ने कहा कि उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापरक शिक्षा के साथ ही नैतिक शिक्षा आधारित ज्ञान का होना भी आवश्यक है। इसके लिये एनईपी-2020 के तहत विश्वद्यालयों के पाठ्यक्रम में भारतीय ज्ञान परम्परा आधारित नैतिक शिक्षा से संबंधित विषयों को भी शामिल किया जायेगा।

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