Breaking News:

गौ माता : 5 हजार किमी साइकिल यात्रा से दो युवा पहुंचे कार्तिक स्वामी धाम -

Wednesday, June 3, 2026

जरा हटके : ‘कैरी मी बैक’ पॉलिसी से प्लास्टिक मुक्त बनेगा बाबा केदार का धाम -

Wednesday, June 3, 2026

भारत देश विश्व के फीफा वर्ल्ड कप मे 142 रेंकिंग पर है आखिर क्यों …????? -

Wednesday, June 3, 2026

देहरादून से छात्रों का ऐतिहासिक चयन, जानिए खबर -

Wednesday, June 3, 2026

कई बार असफल हुए, रील बनाने लगे पर पेपर नहीं छोड़े, आज इनकम टैक्स अफसर -

Sunday, May 31, 2026

उत्तराखंड से चार खिलाड़ी एक बार फिर एशियन पैरा गेम्स 2026 का बनेंगे हिस्सा -

Sunday, May 31, 2026

प्रो.ढींगरा ने किया साईं सृजन पटल पत्रिका के 22 वें अंक का विमोचन, जानिए खबर -

Sunday, May 31, 2026

उत्तराखंड : गर्मी से राहत के आसार, बारिश का अलर्ट -

Wednesday, May 27, 2026

सड़क पर दो साध्वियों की मौत पर गुस्से में जैन समाज -

Tuesday, May 26, 2026

शिक्षा अंकुर स्कूल में यातायात जागरूकता कार्यक्रम का हुआ आयोजन, जानिए खबर -

Monday, May 25, 2026

आधुनिक जीवन की अपरिहार्य अनिवार्यता है राम राज्य : साध्वी दीपिका भारती -

Sunday, May 24, 2026

बचपन से ही बच्चों में हो राष्ट्र सेवा की भावना : सुरेश दुबे -

Saturday, May 23, 2026

15वॉ समर फुटबाल कैंप 1 जून से 25 जून तक, जानिए खबर -

Saturday, May 23, 2026

मिड-डे मील बनाने वाली का बेटा बना आइएएस -

Wednesday, May 20, 2026

अमित का गरीबी से आईपीएल तक का सफर -

Wednesday, May 20, 2026

गरीबी, अकेलेपन और संघर्षों से रेसलर तक का सफर, जानिए खबर -

Wednesday, May 20, 2026

साईं सृजन पटल ने मेधावी छात्रा शांभवी लोहनी को किया सम्मानित -

Monday, May 18, 2026

श्री रामकथा के उपलक्ष्य में भव्य मंगल कलश यात्रा सफलतापूर्वक सम्पन्न, जानिए खबर -

Sunday, May 17, 2026

खिलाड़ी शेफाली रावत ने किया कमाल, जानिए खबर -

Sunday, April 19, 2026

पियूष गौड़ बने उत्तराखंड सर्व समाज महासंघ के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष -

Saturday, April 18, 2026



सम दृष्टि उत्तराखंड में गरीबों के लिए 1हज़ार घर का करेगी निर्माण

देहरादून। होप होम्स, देश की सबसे बड़ी गैर-सरकारी संस्थाओं में से एक सम दृष्टि एजुकेश सोसायटी ने सोमवार को कहा कि वो उत्तराखंड राज्य के जरूरतमंद लोगों के लिए 1,000 घर बनाने की योजना तैयार कर रही है। सम दृष्टि इन घरों का निर्माण गुड अर्थ ग्लोबल (अमेरिकी आधारित गैर-मुनाफा संस्था) के साथ मिलकर करेगी। गुड अर्थ ग्लोबल अर्थबैग तकनीक की मदद से वैश्विक स्तर पर आपदा रहित, कम कीमत में व इकोफ्रेंडली घर बनाने के लिए जानी जाती है। इन घरों का निर्माण आगामी 5 वर्षों में पूरा किया जाएगा, जो कि बेघर, कम इनकम वाले लोग और खराब स्तर के घर में रहने वाले लोगों के लिए होगा। इसमें उन महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी जिनके घर में कमाई के लिए कोई सदस्य नहीं है। वे अत्यंत गरीब हैं और सबसे अधिक जरूरतमंद हैं। कुछ चुनिंदा लोगों के लिए इन घरों का निर्माण फ्री ऑफ कॉस्ट होगा। दूसरे चरण में, इस प्रोजेक्ट को ओडिशा और गुजरात के बाद राष्ट्रीय स्तर पर विस्तृत किया जाएगा। उत्तराखंड सरकार में देहरादून के मेयर सुनील उनियाल गामा, ने कहा, ‘उत्तराखंड के जरूरतमंद लोगों की मदद करने के लिए सम दृष्टि द्वारा उठाया गया यह कदम सराहनी है। चूंकि यह प्राकृतिक आपदा संभावित क्षेत्र है। ऐसे में आधुनिकता के इस्तेमाल से मुफ्त में घर बनाने से लोगों के रहन-सहन के स्तर पर भी असर डालेगा। मैं कॉर्पोरेट क्षेत्र और व्यक्तिगत तौर पर लोगों से आह्वाहन करता हूं कि वो इस महान काम के लिए आगे आएं और जरूरतमंद लोगों की मदद करें।’ अर्थबैग तकनीक में लोगों के पैरों की मिट्टी का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे जरूरतमंद लोगों के लिए आपदा रहित घर बनाने में मदद मिलती है। इन घरों को बनाने की लागत कम होती है और साथ ही ये इकोफ्रेंडली भी होते हैं। होप होम्स उत्तराखंड के जिलों में सिस्मिक खतरे और बाढ़ आदि जैसे प्राकृतिक खतरे की वजह से आबादी और आर्थिक गतिविधियों से जुड़ी परेशानियों को कम करने की योजना बना रही है। इस वजह से वह अर्थबैग तकनीक से घर निर्माण करने की योजना बना रही है। उत्तरांचल प्रेस क्लब में आयोजित एक कार्यक्रम में सम दृष्टि के सीईओ, मिस सिया सेठ ने कहा, ‘हम भारत के उन जरूरतमंद लोगों मदद करने और आपदा रहित घर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जिनके सिर के ऊपर छत नहीं है। हम इन घरों का निर्माण कई कॉर्पोरेट्स और उत्तराखंड के सहायकों की मदद से करेंगे। दूसरे राज्यों में भी हम ऐसे ही प्रोजेक्ट्स लाने की योजना बना रहे हैं।’ अर्थबैग बिल्डिंग्स आम स्ट्रक्चर की तुलना में मजबूत होता है और इसे बहुत ही आसानी से बनाया जा सकता है, जिसे सीखना और निर्माण करना भी आसान होता है। यह पूरी प्रक्रिया इसलिए कम लागत वाली है क्योंकि इसमें निर्माण के लिए मैटेरियल और ट्रांसपोर्ट पर होने वाला खर्च बचता है। इसमें प्रदुषण और प्राकृतिक साधनों पर भी कम असर होता है। सम दृष्टि इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए गवर्नमेंट बॉडीज, कॉर्पोरेट और व्यक्तिगत श्रोतों के माध्यम से फंड एकत्रित करता है।

Leave A Comment