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स्कूली बच्चे बने 400 लोगों को मिलेगा नया ‘सहारा’

pahal

मुंबई  | मुंबई के प्रतिष्ठित बॉम्बे स्कॉटिश स्कूल के बच्चों ने शिक्षा का सही मतलब साबित कर मिसाल कायम की है। 9वीं से लेकर 12वीं क्लास तक के करीब 165 बच्चों ने अभी तक ₹43 लाख से ज्यादा रुपए क्राउडफंडिंग के जरिए इकट्ठा कर लिए हैं। यहां के बच्चे पैसे जमा कर विदर्भ क्षेत्र के दूर-दराज इलाकों के लोगों तक आर्टिफिशल लिंब पहुंचाएंगे। हर प्रॉस्थटिक लिंब की कीमत करीब 10000 रुपए होती है। ये रुपए देशभर के 165 शहरों के करीब 1500 लोगों ने दिए हैं। इन रुपयों से न सिर्फ उन्हें सहारा बल्कि एक नई जिंदगी मिलने की उम्मीद है। हर बच्चे ने अपने लिए कम से कम 20,000 रुपए जुटाने का लक्ष्य रखा था। अभी तक करीब 100 बच्चे अपना टार्गेट पूरा कर चुके हैं और कई इससे भी आगे निकल गए हैं। यहां तक कि चार बच्चों ने 10 दिन में 1 लाख से ज्यादा रुपए जमा कर चुके हैं। बच्चों की कोशिश से 400 से ज्यादा लोगों की जिंदगियों संवर सकती हैं। यह अभियान 19 नवंबर तक चलेगा। बच्चों को उम्मीद है कि तब तक 50 लाख रुपए जमा हो जाएंगे। 9वीं क्लास में पढ़ने वाले अंश पटेल बताते हैं कि उन्होंने अपने पैरंट्स के कॉन्टैक्ट्स से बात की। पहले उन्हें डर था कि पता नहीं कोई उनकी बात सुनेगा भी या नहीं लेकिन एक बार उन्होंने बात करनी शुरू की तो उन्हें सकारात्मक जवाब मिलने लगे। 11वीं की दिया 1.43 लाख रुपए जुटा चुकी हैं। वह कहती हैं कि इसमें उनके पापा ने बड़ी मदद की। 11वीं की है साची ने भी 1.28 लाख रुपए इकट्ठा कर लिया हैं। वह बताती हैं कि करीब 80% राशि उन्हें ऐसे लोगों से मिली है जिन्हें वह जानती तक नहीं थीं। ‘फ्यूलअड्रीम’ नाम की जिस क्राउडफंडिंग साइट के जरिए पैसे जमा किए गए उसके फाउंडर रंगनाथ बताते हैं कि क्राउडफंडिंग से कहानी बेहतर बताई जा सकती है और सोशल मीडिया से इसका असर बेहतर होता है। 1.34 लाख रुपए जमा करने वाली मरयम बताती हैं कि उन्होंने यह काम इसलिए किया क्योंकि इससे उन्हें खुशी मिलती है। अभियान को कोऑर्डेनिट करने वाली NGO फ्रीडम के डॉ सुब्रमण्यम युवा बच्चों की इस मुहिम से बेहद खुश हैं। उन्होंने बताया कि उनके कैंप्स में आने वाले लोग अब अपने पैरों पर चलकर वापस जाया करेंगे।

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