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बाबा केदार व बदरीविशाल के दर्शन किये पीएम मोदी , दिल्ली रवाना

केदारनाथ/बदरीनाथ । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को बदरीनाथ धाम पहुंचकर भगवान बदरीविशाल के दर्शन किए। उन्होंने मंदिर में पूजा-अर्चना की। पूजा-अर्चना करने के बाद प्रधानमंत्री सिंह द्वार से बाहर आए। यहां मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने उन्हें स्मृति चिह्न के साथ ही माणा के जनजाति के लोगों के जरिए बनाई गई ऊन की शॉल भेंट की। उसके पश्चात पीएम मोदी वहां से दिल्ली के लिए रवाना हो गए। केदारनाथ की ध्यान गुफा में करीब 17 घंटे से ज्यादा समय व्यतीत करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार की सुबह गुफा से बाहर निकले। इसके बाद उन्होंने केदारनाथ में पूजा अर्चना की। इस दौरान उन्होंने योग भी किया। इसके बाद वह केदारनाथ मंदिर के लिए पूजा अर्चना केे लिए पैदल चल दिए। इस दौरान प्रधानमंत्री ने प्रकृति के सौंदर्य का भी भरपूर आनंद लिया। ध्यान गुफा से मंदिर तक के करीब डेढ़ किलोमीटर के रास्ते पर वह कई स्थान पर रुके। उन्होंने आसपास की पहाड़ियों को निहारा। एक स्थान पर प्राकृतिक स्रोत से उन्होंने पानी भी पिया। साथ ही वह रास्ते में एक बैंच पर भी बैठे। केदारनाथ में पीएम की सुबह की पूजा की तैयारी के लिए मंदिर में यात्रियों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई थी। केदारनाथ धाम पहुंचकर पीएम ने मंदिर में पूजा के लिए प्रवेश किया। यहां उन्होंने भगवान भोले की पूजा अर्चना की। गृभगृह में पूजा के बाद वह बाहर आए और भगवान नंदी की पूजा के साथ ही मंदिर परिसर की परिक्रमा की। केदारनाथ में पूजा के बाद जब पीएम मंदिर से बाहर निकले तो पत्रकारों ने उन्हें घेर लिया। बाबा भोले से चुनाव में जीत की मन्नत के सवाल पर पीएम ने कहा कि मैं भगवान से कभी मांगता नहीं हूं। मांगना मेरी प्रवृति नहीं है। भगवान ने मांगने नहीं, देने योग्य बनाया है। ईश्वर ने देने योग्य जो क्षमता दी उसे समाज और देवता को देना चाहिए। समाज देवता और अध्यात्म मिलकर बना है। उन्होंने कहा कि मई व जून में चुनाव भी कड़ी परीक्षा रहती है। साथ ही उन्होंने चुनाव आयोग का भी आभार जताया कि आचार संहिता के कारण उन्हें दो दिन आध्यात्मिक भूमि में आने का सौभाग्य मिला।पीएम मोदी ने कहा कि जब वह मुख्यमंत्री थे, तब से ही आपदा के बाद केदारनाथ के लिए कुछ करना चाहते थे। प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्हें यह सौभाग्य मिला। उन्होंने कहा कि यहां बर्फबारी के कारण तीन माह तक निर्माण कार्यों में दिक्कत आती है। इसके बावजूद निरंतर काम चले। यहां के लिए मास्टर प्लान बनाया गया। मैं खुद कार्यों को रिव्यू करता हूं। वीडियो कांफ्रेसिंग से भी यहां की जानकारी लेता रहता हूं। उन्होंने कहा कि मेरी कोशिश यही रहती है कि यहां क्या अच्छा कर सकते हैं। इसके लिए मुझे अच्छी टीम भी मिली है। यहां के लिए प्रकृति, पर्यावण और पर्यटन ही मेरा मिशन है। पीएम मोदी ने कहा कि कल से ध्यान गुफा में बाहरी दुनियां से अलग भगवान की शरण में रहा। गुफा में एक छेद ऐसा है, जिससे भगवान केदारनाथ मंदिर के दर्शन होते रहते हैं। पीएम मोदी ने कहा कि कपाट खुलने से दो माह पहले ही यात्रा व्यवस्थाओं की तैयारी शुरू हो जाती है। इसमें सैकड़ों लोग जुटते हैं। जो विकट परिस्थितियों में कष्ट उठाकर कार्य करते हैं। इसकी जानकारी भी देश की जनता को होनी चाहिए। ताकि लोग भी इस कार्य से जुड़ें।

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