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उत्तराखंड : छोटे-छोटे अपराधों में कारावास की सजा के बजाए अब सिर्फ अर्थ दंड का प्रावधान -

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मोनाल कप : सेमीफाइनल में पहुंची सचिवालय ए और सचिवालय डेंजर्स की टीम -

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रॉयल स्ट्राइकर्स और सचिवालय ए की टीम मोनाल कप प्रतियोगिता के अगले दौर में पहुंची -

Monday, December 8, 2025

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दुःखद : ट्रैक्टर-ट्रॉली व बाइक की जोरदार भिड़ंत से गई दो लोगों की जान -

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मोनाल कप : मैच के अगले दौर में पहुँचे सचिवालय रॉयल स्ट्राइकर, सचिवालय ए , सचिवालय वॉरियर्स और सचिवालय पैंथर -

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नौसेना दिवस-2025 : राज्यपाल ने किया डॉक्यूमेंट्री का विमोचन, नौसेना की भूमिका की सराहना की -

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Friday, December 5, 2025



सुप्रीम कोर्ट ने केजरीवाल सरकार के पक्ष में दिया बड़ा फैसला, उपराज्यपाल का कद घटा , जानिए खबर

 

नई दिल्ली | सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की संविधान पीठ ने आज गुरुवार को दिल्ली सरकार और केंद्र के बीच विवाद पर अपना अहम फैसला सुना दिया है | दिल्ली सरकार की वही शक्तियां हैं, जो दिल्ली विधानसभा को मिली हैं | दिल्ली सरकार को सर्विसेज पर विधायी और कार्यकारी अधिकार है | सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम 2019 में जस्टिस अशोक भूषण के फैसले से सहमत नहीं है | जस्टिस भूषण ने 2019 में पूरी तरह केंद्र के पक्ष में फैसला दिया था | संविधान पीठ ने कहा कि आदर्श स्थिति यही होगी कि दिल्ली सरकार को अधिकारियों पर नियंत्रण मिले, सिर्फ उन बातों को छोड़ कर जिन पर विधानसभा का अधिकार नहीं है | हम दोहराना चाहते हैं कि उपराज्यपाल दिल्ली सरकार की सलाह और सहायता से काम करेंगे. इसमें सर्विसेज भी शामिल है | यहां बता दें कि दिल्ली विधानसभा के पास पुलिस, कानून व्यवस्था और भूमि के मामले में अधिकार नहीं है | यानी इन मामलों को छोड़कर अन्य विभागों के अधिकारियों पर दिल्ली सरकार को नियंत्रण हासिल होगा |

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