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जरा हटके : 37254 अग्निकांडों में हुआ 545 करोड़ से अधिक का नुकसान

 

देहरादून। वर्ष 2001 से 2022 तक 22 वर्षों में उत्तराखंड में 37254 अग्नि काण्डो में 545 करोड़ 61 लाख 34 हजार 381 रू. की सम्पत्ति का नुकसान हुआ है वहीं इन अग्निकाण्डो में 2626 करोड़ 68 लाख 89 हजार 633 रू. की सम्पत्ति को बचाया गया है। 2016 से 2022 तक 33 अग्निकाण्डों की घटनायें असत्य भी पायी गयी है। यह खुलासा उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय द्वारा सूचना अधिकार के अन्तर्गत नदीम उद्दीन (एडवोकेट) को उपलब्ध करायी सूचना से हुआ। काशीपुर निवासी सूचना अधिकार कार्यकर्ता नदीम उद्दीन (एडवोकेट) ने उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय से उत्तराखंड में फायर की घटनाओं व उससे हुये अनुमानित नुकसान की वर्षवार सूचना मांगी थी। इसके उत्तर में लोक सूचना अधिकारी/उपनिदेशक (तकनीकी) अग्निशमन एवं आपात सेवा उत्तराखंड ने अपने पत्रांक 02/2022 के साथ 2001 से 2022 तक घटित अग्निकाण्डों का विवरण उपलब्ध कराया है। नदीम को उपलब्ध सूचना के अनुसार वर्ष 2001 से 2022 तक उत्तराखंड में कुल 37287 आग की घटनायें हुयी है जिसमें 2016 से 2022 तक 33 घटनायें असत्य पायी गयी तथा कुल आग की घटनायें 37254 हुई है। इसमें अनुमानित जोखिम सम्पत्ति रू. 545 करोड़ 61 लाख 34 हजार 381 रू. की थी जबकि 2626 करोड़ 68 लाख 89 हजार 633 रू. की सम्पत्ति बचाई गयी।
श्री नदीम को उपलब्ध वर्षवार आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2001 में 630 आग की घटनाओं में 4 करोड़ 12 लाख 18 हजार 334 की सम्पत्ति का नुकसान हुआ जबकि 20 करोड़ 7 लाख 60 हजार 665 की सम्पत्ति को बचाया गया जबकि 2002 में 620 घटनाओं में 2 करोड़ 31 लाख 65 हजार 150 की सम्पत्ति का नुकसान तथा 13 करोड़ 45 लाख 43 हजार 950 की सम्पत्ति को बचाया गया। 2003 मेें 694 घटनाओें में 2 करोड़ 53 लाख 91 हजार 950 की सम्पत्ति का नुकसान जबकि 55 करोड़ 73 लाख 98 हजार 300 की सम्पत्ति को बचाया गया। 2004 में 823 घटनाओं में 4 करोड़ 79 लाख 14 हजार 460 की सम्पत्ति का नुकसान हुआ जबकि 18 करोड़ 66 लाख 77 हजार 940 की सम्पत्ति को बचाया गया। 2005 में 301 घटनाओं में 12 करोड़ 87 लाख 91 हजार 20 की सम्पत्ति का नुकसान हुआ जबकि 57 करोड़ 21 लाख 40 हजार 92 की सम्पत्ति का बचाया गया। 2006 में 1008 घटनाओं में 17 करोड़ 92 लाख 75 हजार 181 की सम्पत्ति का नुकसान हुआ जबकि 62 करोड़ 27 लाख 75 हजार 19 की सम्पत्ति को बचाया गया। 2007 में 1318 घटनाओं में 11 करोड़ 22 लाख 98 हजार 650 की सम्पत्ति का नुकसान हुआ जबकि 89 करोड़ 41 लाख 94 हजार 50 की सम्पत्ति को बचाया गया। 2008 में 1492 घटनाओं में 12 करोड़ 66 लाख 96 हजार 755 की सम्पत्ति का नुकसान हुआ जबकि 63 करोड़ 86 लाख 21 हजार 795 की सम्पत्ति बचायी गयी। 2009 में 2244 घटनाओं में 39 करोड़ 76 लाख 33 हजार 628 की सम्पत्ति का नुकसान हुआ जबकि 127 करोड़ 22 लाख 98 हजार 136 की सम्पत्ति बचायी गयी। 2010 में 2135 घटनाओं में 36 करोड़ 53 लाख 23 हजार 942 की सम्पत्ति का नुकसान जबकि 122 करोड़ 4 लाख 34 हजार 766 की सम्पत्ति को बचाया गया। 2011 में 1580 घटनाओं में 33 करोड़ 73 लाख 15 हजार 419 की सम्पत्ति का नुकसान हुआ जबकि 183 करोड़ 52 लाख 70 हजार 334 की सम्पत्ति बचायी गयी। 2012 में 3314 घटनाओं में 53 करोड़ 5 लाख 15 हजार 745 की सम्पत्ति का नुकसान हुआ जबकि 214 करोड़ 74 लाख 83 हजार 647 की सम्पत्ति बचायी गयी। 2013 में 1701 घटनाओं में 46 करोड़ 54 लाख 44 हजार 117 की सम्पत्ति का नुकसान हुआ जबकि 200 करोड़ 19 लाख 16 हजार 174 की सम्पत्ति का बचाया गया। 2014 में 1821 घटनाओं में 49 करोड़ 9 लाख 20 हजार 881 सम्पत्ति का नुकसान हुआ जबकि 177 करोड़ 47 लाख 76 हजार 695 की सम्पत्ति का बचाया गया। 2015 में 1922 घटनाओं में 39 करोड़ 10 लाख 46 हजार 611 की सम्पत्ति का नुकसान हुआ जबकि 214 करोड़ 74 लाख 83 हजार 647 की सम्पत्ति का बचाया गया। 2016 में 2876 घटनाओं में 57 करोड़ 3 लाख 69 हजार 73 की सम्पत्ति का नुकसान हुआ जबकि 55 करोड़ 3 लाख 60 हजार 842 की सम्पत्ति को बचाया गया। 2017 में 2004 घटनाओं में 25 करोड़ 42 लाख 70 हजार 273 की सम्पत्ति का नुकसान जबकि 136 करोड़ 95 लाख 4 हजार 762 की सम्पत्ति को बचाया गया। 2018 में 2480 घटनाओं में 22 करोड़ 45 लाख 89 हजार 545 की सम्पत्ति का नुकसान हुआ जबकि 107 करोड़ 36 लाख 12 हजार 627 की सम्पत्ति को बचाया गया। 2019 में 2650 घटनाओं में 17 करोड़ 39 लाख 52 हजार 520 की सम्पत्ति का नुकसान हुआ जबकि 167 करोड़ 91 लाख 52 हजार 831 की सम्पत्ति को बचाया गया। 2020 में 1571 घटनाओं में 14 करोड़ 27 लाख 38 हजार 380 की सम्पत्ति का नुकसान हुआ जबकि 109 करोड़ 64 लाख 88 हजार 36 की सम्पत्ति को बचाया गया। 2021 में 2246 घटनाओं में 23 करोड़ 88 लाख 15 हजार 375 की सम्पत्ति का नुकसान हुआ जबकि 304 करोड़ 34 लाख 82 हजार 910 की सम्पत्ति को बचाया गया तथा 2022 में 1824 घटनाओं में 18 करोड़ 93 लाख 47 हजार 372 की सम्पत्ति का नुकसान हुआ जबकि 125 करोड़ 11 लाख 21 हजार 415 की सम्पत्ति को बचाया गया।

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