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देहरादून साइक्लिंग क्लब द्वारा “गड्ढों से आज़ादी” पर रिपोर्ट प्रशासन को भेजा गया

 

देहरादून 18 अगस्त 2026 | देहरादून साइक्लिंग क्लब ने आज शहर की विभिन्न सड़कों पर मौजूद गड्ढों और क्षतिग्रस्त सड़कों से संबंधित “गड्ढों से आज़ादी” रिपोर्ट ई-मेल के माध्यम से जिलाधिकारी देहरादून, MDDA, Dehradun Smart City, नगर निगम देहरादून, PWD विभाग तथा मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजी।यह रिपोर्ट क्लब की एक नागरिक-केंद्रित पहल है, जिसमें देहरादून के विभिन्न क्षेत्रों के नागरिकों द्वारा साझा की गई Geo-Tagged photographs को संकलित किया गया है। Geo-Tagged तस्वीरों के माध्यम से प्रत्येक गड्ढे और क्षतिग्रस्त सड़क की सटीक लोकेशन संबंधित प्रशासनिक संस्थाओं तक पहुंचाई गई है। क्लब का उद्देश्य केवल समस्या को उजागर करना नहीं, बल्कि देहरादून की जनता और प्रशासन के बीच एक प्रभावी पुल के रूप में कार्य करना है।

“देहरादून के लोग स्मार्ट हैं और स्मार्टफोन का स्मार्ट उपयोग कर रहे हैं”

देहरादून साइक्लिंग क्लब के अध्यक्ष हरिसिमरन सिंह ने कहा कि देहरादून के लोग जागरूक और स्मार्ट नागरिक हैं। आज जब लगभग हर व्यक्ति के पास स्मार्टफोन है, तो उसका उपयोग केवल व्यक्तिगत कार्यों के लिए नहीं, बल्कि अपने शहर की समस्याओं की पहचान और समाधान में सहयोग के लिए करना एक स्वागत योग्य कदम है।

उन्होंने कहा कि नागरिकों ने स्वयं गड्ढों की तस्वीरें खींचीं, उनकी Geo-Tagged location उपलब्ध कराई और क्लब ने इस नागरिक डेटा को व्यवस्थित कर संबंधित प्रशासनिक संस्थाओं तक पहुंचाने का कार्य किया।

उन्होंने कहा:

“हम देहरादून के नागरिकों और प्रशासन के बीच एक पुल की भूमिका निभा रहे हैं। प्रशासन को इस citizen-generated data का अवश्य उपयोग करना चाहिए। इससे विभागों का समय और संसाधन बचेंगे, क्योंकि नागरिकों ने स्वयं गड्ढों की पहचान कर उनकी सटीक Geo-Tagged photographs उपलब्ध कराई हैं। अब संबंधित विभाग इन locations पर सीधे जाकर निरीक्षण और आवश्यक कार्रवाई कर सकते हैं।”

देहरादून के प्रति क्लब की जिम्मेदारी

देहरादून साइक्लिंग क्लब ने कहा कि शहर और यहां के नागरिकों ने हमेशा क्लब की गतिविधियों को अपना सहयोग और समर्थन दिया है। इसलिए शहर के लोगों की समस्याओं को सामने लाना और उनके समाधान के प्रयासों में सहयोग करना क्लब की सामाजिक जिम्मेदारी है।

“गड्ढों से आज़ादी” अभियान इसी नागरिक जिम्मेदारी का हिस्सा है—समस्या की पहचान करना, उसका Geo-Tagged रिकॉर्ड तैयार करना और संबंधित प्रशासन तक पहुंचाना।

क्लब ने उम्मीद जताई कि प्रशासन और संबंधित विभाग इस रिपोर्ट को गंभीरता से लेते हुए चिन्हित स्थानों का निरीक्षण करेंगे और यथाशीघ्र आवश्यक मरम्मत एवं सुधार कार्य करेंगे।

“गड्ढों से आज़ादी” के बाद “गंदगी मुक्त देहरादून”

क्लब ने स्पष्ट किया कि यह अभियान यहीं समाप्त नहीं होगा। “गड्ढों से आज़ादी” अभियान को आगे भी जारी रखा जाएगा और नागरिक भागीदारी के माध्यम से शहर की अन्य समस्याओं को प्रशासन के सामने रखा जाएगा।

क्लब जल्द ही “गंदगी मुक्त देहरादून” नाम से एक नया नागरिक अभियान भी शुरू करेगा, जिसके माध्यम से शहर में कूड़ा, गंदगी और स्वच्छता से जुड़ी समस्याओं की पहचान कर उन्हें संबंधित विभागों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

मीडिया प्रभारी का संदेश

अशोक खंडूरी, मीडिया प्रभारी, देहरादून साइक्लिंग क्लब ने कहा:

“यह अभियान किसी विभाग या व्यक्ति के खिलाफ नहीं है। हमारा उद्देश्य समस्या को सामने लाकर उसके समाधान में सहयोग करना है। देहरादून हमारा शहर है और इसकी समस्याओं के समाधान में नागरिकों की भागीदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। हम नागरिकों द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी को प्रशासन तक पहुंचाकर एक constructive bridge की भूमिका निभाना चाहते हैं।” उन्होंने कहा कि क्लब भविष्य में भी Citizen Participation + Technology + Administration के माध्यम से देहरादून को बेहतर, स्वच्छ और सुरक्षित बनाने के लिए प्रयास करता रहेगा।

 

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