पहचान : ऋषिकेश में घर-घर टिफिन पहुंचाने वाली बेटी बनी एसडीएम
Posted by Pehchanexpress Admin on Sunday, June 7, 2026 · Leave a Comment

ऋषिकेश। परिस्थिति कितनी भी विषम क्यों न हों, अगर दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर कड़ी मेहनत से लक्ष्य को पाने में जुटा जाए तो असंभव कुछ भी नहीं है।ऋषिकेश में बेहद निम्न परिवार में रहने वाली मीनाक्षी भाटिया ने उत्तराखंड पीसीएस परीक्षा में एसडीएम के पद पर चयनित होकर इस कथन को चरितार्थ कर दिखाया है।एक साल पहले मीनाक्षी की बड़ी बहन ने भी उत्तराखंड पीसीएस परीक्षा में सफलता हासिल कर सांख्यिकी अधिकारी बनी थी।ऐसे में मीनाक्षी की सफलता न सिर्फ युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा है, बल्कि पुत्र मोह की मानसिकता पालने वाले समाज के लिए भी बड़ी सीख बनेगी।प्रगति विहार निवासी मीनाक्षी भाटिया ने बताया कि वह दो साल पहले यूपीएससी की परीक्षा में इंटरव्यू दे चुकी हैं, लेकिन पांच अंक से चयन से चूक गई।उन्होंने उत्तराखंड पीसीएस परीक्षा पहली बार दी, जिसमें उनका चयन हो गया है। बताया कि उन्होंने 2020 में ऋषिकेश परिसर श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विवि से बीकॉम किया है जिसमें वह विवि में रैंक 1 गोल्ड मेडलिस्ट रह चुकी हैं।बताया कि दो वर्ष पहले उत्तराखंड पीसीएस में उनकी बड़ी बहन शिल्पा भाटिया का सांख्यिकी अधिकारी के पद पर चयन हुआ था, जिसके बाद वह भी उत्तराखंड पीसीएस की तैयारी के लिए प्रेरित हुईं।वर्तमान में शिल्पा भाटिया पौड़ी में तैनात हैं। नीलम भाटिया ने कहा कि उनकी दोनों बेटियों ने उत्तराखंड पीसीएस परीक्षा में सफलता हासिल की है। कहा कि उनकी दोनों बेटियों ने उनका सीना गर्व से चौड़ा कर दिया है। यह उन लोगों के लिए भी सीख है जो बेटी की तुलना में बेटों को अधिक महत्व देते हैं।