पहचान : रेल पटरियों की मरम्मत करने वाले प्रह्लाद बने आइपीएस
Posted by Pehchanexpress Admin on Wednesday, August 19, 2026 · Leave a Comment

राजस्थान | सफलता की राह अक्सर बाधाओं से भरी होती है लेकिन प्रह्लाद मीणा का सफर यह सिखाता है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो तो अभावों को भी सीढ़ी बनाया जा सकता है। राजस्थान के एक गरीब किसान परिवार से आने वाले प्रह्लाद का बचपन अभाव में बीता लेकिन उनका सपना आगे बढ़ना था। रेल पटरियों की मरम्मत करने वाले साधारण गैंगमैन से लेकर IPS अधिकारी बनने तक का उनका सफर साहस और लगातार मेहनत दास्तान है। बिना किसी कोचिंग के पढ़ाई, नौकरी और घर की जिम्मेदारियों को संभालते हुए उन्होंने यूपीएससी परीक्षा पास की और अधिकारी बने। उनकी सक्सेस स्टोरी लाखों युवाओं के लिए एक मशाल है, जो संसाधनों की कमी या आर्थिक तंगी के कारण अपने सपनों को अधूरा छोड़ देते हैं।
प्रह्लाद का जीवन राजस्थान के दौसा जिले के एक छोटे से गांव में बहुत अभावों के बीच शुरू हुआ। वह एक वीडियो में बताते हैं कि परिवार के पास केवल 2 बीघा जमीन थी, जिससे गुजारा करना मुश्किल था। गरीबी के बावजूद उन्होंने शिक्षा का महत्व समझा और स्कूली जीवन में भी मवेशी चराने के साथ-साथ पढ़ाई जारी रखी। उनकी यह शुरुआती मेहनत और परिस्थितियों से लड़ने की सीख ही उनके भविष्य के बड़े लक्ष्यों की आधारशिला बनी, जिसने उन्हें किसी भी बाधा से डरने के बजाय उसे स्वीकार करना सिखाया। पढ़ाई में होनहार प्रह्लाद ने गांव के एक लड़के से प्रेरित होकर गैंगमैन की नौकरी चुनी। गैंगमैन में नौकरी में पटरियों का रखरखाव और मरम्मत शामिल था। यह उनकी पहली सरकारी नौकरी थी, जो उन्हें उस समय सुरक्षा देने वाली लगी। भुवनेश्वर में रेलवे में काम करते हुए भी उनके मन में बड़े सपने पल रहे थे। उन्होंने अपनी सीमित आर्थिक स्थिति के बावजूद हार नहीं मानी और नौकरी को बोझ न बनाकर उसे एक सीढ़ी के रूप में इस्तेमाल किया। यहां से ही उन्होंने सरकारी सेवा में रहते हुए और ऊंचे मुकाम की ओर कदम बढ़ाना शुरू किया।