शिमला यूनाइटेड एफसी ने जीता 48वें घूंगटुग टीसुलट्रिम मेमोरियल नेशनल फुटबॉल टूर्नामेंट का खिताब
फाइनल में डोंडूपलिंग एफसी उत्तराखंड को 1-0 से हराया
देहरादून। क्लेमेंटटाउन स्थित नेहरू तिब्बतन स्कूल फाउंडेशन के फुटबॉल ग्राउंड में आयोजित 48वें घूंगटुग टीसुलट्रिम मेमोरियल नेशनल फुटबॉल टूर्नामेंट का खिताब शिमला यूनाइटेड एफसी, हिमाचल प्रदेश ने अपने नाम कर लिया। रोमांचक फाइनल मुकाबले में शिमला यूनाइटेड एफसी ने डोंडूपलिंग एफसी, उत्तराखंड को 1-0 से पराजित कर विजेता ट्रॉफी पर कब्जा किया। फाइनल मुकाबले में दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने शानदार खेल का प्रदर्शन किया। मैच के 15वें मिनट में शिमला यूनाइटेड एफसी के ताशी ने बेहतरीन शॉट लगाकर गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचाया और अपनी टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई। इसके बाद डोंडूपलिंग एफसी ने बराबरी के लिए कई प्रयास किए, लेकिन शिमला यूनाइटेड की मजबूत रक्षापंक्ति को भेद नहीं सकी। निर्धारित समय तक स्कोर 1-0 रहा और शिमला यूनाइटेड एफसी विजेता बनी।
टूर्नामेंट के मैच कमिश्नर एवं चीफ रेफरी डॉ. वीरेन्द्र सिंह रावत रहे। फाइनल मुकाबले के बाद मुख्य अतिथि तिब्बती गुरु लामा जी ने विजेता एवं उपविजेता टीमों को ट्रॉफी, मेडल और नकद पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया।
आयोजक याशी ने बताया कि क्लेमेंटटाउन में तिब्बती समाज की नींव कई वर्ष पूर्व बुद्धा मंदिर के आसपास महान गुरु घूंगटुग टीसुलट्रिम के प्रयासों से रखी गई थी। उनकी स्मृति में प्रत्येक वर्ष इस फुटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है। प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों में निवास कर रहे तिब्बती समाज के फुटबॉल खिलाड़ियों को प्रतिभाग करने के लिए आमंत्रित किया जाता है। इस वर्ष प्रतियोगिता का आयोजन लीग-कम-नॉकआउट आधार पर किया गया, जिसमें कुल आठ टीमों ने प्रतिभाग किया। इनमें शिमला यूनाइटेड एफसी, डेक्यिलिंग स्पोर्टिंग क्लब, लिंगस्टग एफसी, टीसीएच/काइटसेलिंग एफसी, डोंडूपलिंग एफसी, क्लेमेंटटाउन एफसी, हर्बटपुर एससी और डोंडूपलिंग एफसी-बी शामिल रहीं। प्रतियोगिता का शुभारंभ 15 अगस्त 2026 को हुआ था। लीग चरण के मुकाबलों में खिलाड़ियों ने शानदार खेल प्रतिभा, अनुशासन और खेल भावना का परिचय दिया। फाइनल मुकाबले को लेकर खिलाड़ियों के साथ-साथ तिब्बती समाज के खेल प्रेमियों और दर्शकों में भी खासा उत्साह देखने को मिला। आयोजक याशी ने बताया कि डॉ. वीरेन्द्र सिंह रावत वर्ष 1998 से लगातार इस प्रतियोगिता सहित तिब्बती समाज द्वारा आयोजित विभिन्न फुटबॉल प्रतियोगिताओं में रेफरी के रूप में अपनी सेवाएं देते आ रहे हैं। तिब्बती समाज के खिलाड़ियों, खेल प्रेमियों और दर्शकों के बीच उनकी विशेष लोकप्रियता है। उनके व्यक्तित्व और हेयर स्टाइल की समानता के कारण दर्शक उन्हें प्यार से प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता शाहरुख खान के नाम से पुकारकर उनका उत्साह बढ़ाते हैं। डॉ. रावत अपनी उत्कृष्ट रेफरिंग, निष्पक्ष निर्णय और अनुशासनपूर्ण संचालन के लिए भी जाने जाते हैं।
इस वर्ष प्रतियोगिता में डॉ. वीरेन्द्र सिंह रावत को चीफ रेफरी एवं मैच कमिश्नर की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई। उनके साथ रोशन चंद, मनोज नेगी, हर्षित चौहान, उत्कर्ष, दोर्जी, विमल रावत और वरुण ने रेफरी के रूप में अपनी सेवाएं दीं।
फाइनल मुकाबले के दौरान मैदान पर खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन के साथ-साथ दर्शकों में भी जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। प्रतियोगिता के सफल आयोजन से तिब्बती समाज में फुटबॉल के प्रति उत्साह और खेल भावना को और बढ़ावा मिला।






















