मुझे बदनाम करने की साजिश : फुटबॉल कोच विरेन्द्र सिंह रावत
देहरादून | उत्तराखंड के प्रसिद्ध राष्ट्रीय कोच और क्लास वन रेफरी विरेन्द्र सिंह रावत अनगिनत अंतराष्ट्रीय, राष्ट्रीय और स्टेट अवार्ड से सम्मानित पूरे भारत और विश्व मे जिनका नाम विख्यात है कोरोना वायरस के दौर मे 78 दिन 15 मार्च से आज तक समस्त खेल प्रेमियों, समाज को, खिलाड़ी, कोच और रेफरी आदि को अपने अनुभव से फ्री जागरूक कर रहे है फेसबुक, वटसअप, ट्वीटर, इंसटाग्राम, अखबार आदि के द्वारा मदद किया जा रहा है | मेरा फिटनेस को लेकर यूट्यूब मे सही और सत्य वीडियो है जिसमें केवल रावत की पैर के दोड़ने की अवाज ने ना कि कोई…
मोदी 2.0 : पहले साल लिए गए कई ऐतिहासिक निर्णय
सीएम त्रिवेन्द्र सिंह रावत की स्काईप पर मीडिया से बात देहरादून | मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा है कि मोदी 2.0 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने बड़े ऐतिहासिक फैसले लिए। देश के रक्षा क्षेत्र को मजबूत किया। धारा 370 और 35 ए को खत्म कर नया इतिहास लिखा। तत्काल तीन तलाक को खत्म कर मुस्लिम बहनों को बड़ी राहत दी। नागरिकता संशोधन कानून को मंजूरी दी गई। राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया गया। कारपोरेट टैक्स और आयकर में रियायत दी गईं। सामाजिक सुरक्षा के दायरे को बढ़ाते हुए…
कोरोना से बचे : उत्तराखंड में कोरोना मरीजो की संख्या 1066 हुई
देहरादून | उत्तराखंड 3 जून को 2 बजे दोपहर के हेल्थ रिपोर्ट के अनुसार कोरोना मरीजो की संख्या 1066 हुई है | आज अभी आज अभी तक 23 नए मरीज मिले, अब तक 2 59 मरीज ठीक होकर घर जा चुके है |
सराहनीय पहल : एक ट्वीट से अपनों के बीच घर पहुंचा मानसिक दिव्यांग मनोज
देहरादून | दरअसल 30 मई को मैनपुरी निवासी के सी दुबे ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को टैग करते हुए ट्वीट किया था कि मैनपुरी में उनके घर के आसपास एक मानसिक रूप से दिव्यांग सड़कों पर भटक रहा है,लाॅकडाउन के चलते उनके द्वारा उसे खाना एवं हाथ में घाव हो जाने के कारण ईलाज भी कराया गया, उससे पूछताछ पर उसके द्वारा मजखाली, रानीखेत, द्वाराहाट आदि का नाम लिया जा रहा है। उत्तराखंड पुलिस ने सही मायनों में मित्र पुलिस की भूमिका निभाई यह ट्वीट मिलते ही फौरन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने उत्तराखंड पुलिस व महानिदेशक कानून व्यवस्था, अशोक कुमार…
कोरोना से बचे : उत्तराखंड में कोरोना मरीजो की संख्या हुई 1043
देहरादून | उत्तराखंड 2 जून को कोरोना मरीजो की संख्या 1043 हो गयी है आज 85 नए मरीज मिले, अब तक 252 मरीज ठीक होकर घर जा चुके है | देहरादून और नैनीताल में अधिक मरीज मिले आज |
उत्तराखंड : मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना में करें अब आनलाईन आवेदन
वेबसाईट msy.uk.gov.in हुई लांच 28 मई को मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने योजना का किया शुभारम्भ देहरादून | मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना में अब ऑनलाइन आवेदन भी किया जा सकता है। योजना की वेबसाइट msy.uk.gov.in को मंगलवार को लांच कर दिया गया है। मुख्यमंत्री के आईटी सलाहकार रवींद्र दत्त ने बताया मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना की वेबसाइट को उत्तराखंड सरकार के आईटी पार्क स्थित स्टेट डेटा सेंटर में होस्ट किया गया है। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना में ऑनलाईन आवेदन के लिए आवेदक को वेबसाईट पर पंजीकरण करते हुए लाॅग-इन आईडी बनानी होगी। इस आईडी से लाॅग-इन कर अपने नाम, पता, शैक्षिक योग्यता, मोबाईल नम्बर, पैन नम्बर…
उत्तराखंड में कोरोना मरीजो की संख्या 999 हुई, 243 मरीज हुए ठीक
देहरादून | उत्तराखंड 2 जून को हेल्थ रिपोर्ट के अनुसार कोरोना मरीजो की संख्या 999 हुई है| आज अभी तक 41 मरीज नए मिले, आज अभी देहरादून में 25 नए मरीज मिले, अब तक 243 मरीज ठीक होकर घर जा चुके है | 7 कोरोना मरीज की मौत भी हो चुकी है हलाकि इनमे कुछ पहले से किसी न किसी बीमारी से ग्रसित थे |
कोरोना से बचे : उत्तराखंड में आज कोरोना मरीजो की संख्या हुई 958
देहरादून | उत्तराखंड में 02 मई 2 बजे दोपहर की हेल्थ रिपोर्ट के अनुसार जहां राज्य में कोरोना मरीजो की संख्या 929 हुई थी इस हेल्थ रिपोर्ट में 23 मरीज मिले थे अब 8 बजे की रिपोर्ट में राज्य में कोरोना मरीजो की संख्या 958 हो गयी है | इस रिपोर्ट के अनुसार इसमे 22 और मरीज मिले , इस प्रकार आज 45 कोरोना मरीज मिले |
उत्तराखंड : कोरोना मरीजो की संख्या 929 हुई, चम्पावत में 15 नए मामले मिले
देहरादून | उत्तराखंड 1 जून को 2 बजे हेल्थ रिपोर्ट के अनुसार कोरोना मरीजो की संख्या 929 हो गयी है , चम्पावत में 15 नए मामले मिले आज अभी तक 23 नए मामले सामने आए है | अब तक 200 मरीज ठीक हो कर घर जा चुके है |
जागरूकता: तंबाकू छोड़ने की जागरूकता के लिए स्वयं तत्पर होना जरूरी
हरिद्वार । जागरूकता के सम्बंध में एक उक्ति बहुत पुरानी है जिसमे यह कहा जाता है कि जब जागो तभी सवेरा परन्तु इसके साथ यह तथ्य भी जुडा हुआ है कि जागरूकता के लिए स्वयं प्रयास किया जाना आवश्यक है। अर्थात स्वयं अन्तः मन के भाव से प्रेरित होकर किया गया कार्य स्वयं की जागरूकता का परिचायक होता है। इस कार्य मे किसी मार्गदर्शन की आवश्यकता नही होती है। कभी कभी व्यक्ति किसी लिखे हुए भाव को पढकर ही इतना प्रभावित हो जाता है कि वह बडी से बडी विसंगति को छोडकर उसके दुष्प्रभाव से समय रहते स्वयं को सुरक्षित…





























