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Monday, August 17, 2026

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Saturday, August 15, 2026

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Saturday, August 15, 2026

चातुर्मास के अवसर पर जैन धर्मशाला में स्वतंत्रता दिवस पर धार्मिक आयोजन, जानिए खबर -

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उत्तराखंड : 6 गोल्ड, 7 सिल्वर एवं 5 कांस्य पदक जीत शूटर्स वर्ल्ड शूटिंग एकेडमी ने किया कमाल, जानिए खबर -

Wednesday, August 12, 2026

फुटबॉल : द दून स्कूल ने सेलाकुई इंटरनेशनल स्कूल को 3-0 से हराकर जीता खिताब -

Wednesday, August 12, 2026

प्रत्येक व्यक्ति को अधिक से अधिक समय धर्म, साधना और आत्मकल्याण के लिए देना चाहिए : आर्यिका 105 पूर्णमति माताजी -

Thursday, July 30, 2026

दिव्य ज्योति जागृति संस्थान द्वारा आयोजित देवदुर्लभ श्री गुरु पूर्णिमा महोत्सव का आयोजन -

Wednesday, July 29, 2026

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Tuesday, July 28, 2026

मॉडल एवं अभिनेत्री वैष्णवी लोहनी बनीं ‘साईं सृजन पटल’ के सलाहकार मंडल की सदस्य -

Tuesday, July 28, 2026

इंडियन ब्लाइंड फुटबॉल प्रीमियर लीग : उत्तराखंड के खिलाड़ियों ने किया कमाल -

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शिक्षाविद एवं समाजसेवी जितेंद्र कुमार डंडोना विवेकानंद आदर्श रतन पुरस्कार से सम्मानित -

Tuesday, July 21, 2026

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Tuesday, July 21, 2026



अरुणाचल में भारत की गश्त को चीन ने बताया अतिक्रमण, भारत का इनकार

अरुणाचल में भारत की गश्त को चीन ने अतिक्रमण बताया जबकि भारतीय सेना ने इस शब्दावली पर आपत्ति प्रकट की हैं चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के प्रतिनिधिमंडल ने खास तौर पर भारतीय सैनिकों द्वारा असाफिला में सघन गश्त का जिक्र करते हुए कहा इस तरह के उल्लंघन से इलाके में दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ सकता है. हालांकि, चीनी ऐतराज को खारिज करते हुए भारतीय पक्ष ने कहा कि उसके सैनिक वास्तविक नियंत्रण रेखा के बारे में अवगत हैं और सेना एलएसी तक गश्त जारी रखेगी. इलाके में सीमा के बारे में भारत और चीन की अवधारणाएं अलग अलग हैं. सूत्रों ने बताया कि चीनी सेना ने विशेष रूप से पिछले साल 21,22 और 23 दिसंबर को असाफिला में फिशटेल- एक के निकट बड़े पैमाने पर भारतीय गश्त का जिक्र किया. भारतीय और चीनी सैनिकों ने सीमा पर तनाव बढ़ाने वाले मुद्दों के समाधान के लिए बीपीएम का आयोजन किया था. सूत्रों ने बताया कि भारतीय सेना ने आरोपों से इंकार किया. उन्होंने बताया कि भारतीय सेना ने डोकलाम गतिरोध के बाद एलएसी के पास किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए युद्धाभ्यास तेज कर दिया है. सेना के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘ हम किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं. मतभेद की एक और घटना में, चीनी सेना ने पिछले महीने विरोध जताते हुए कहा कि भारतीय सेना ने अरुणाचल प्रदेश में विवादित सीमा से लगे सामरिक रूप से संवेदनशील असाफिला इलाके में अतिक्रमण किया लेकिन भारतीय पक्ष ने पूरी तरह से शिकायत को खारिज कर दिया. आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी देते हुए बताया कि चीनी पक्ष ने यहां 15 मार्च को सीमा कर्मियों की बैठक में यह मुद्दा उठाया लेकिन भारतीय सेना ने इसे खारिज करते हुए कहा कि अरुणाचल प्रदेश के ऊपरी सुबनसिरी क्षेत्र का इलाका भारत का है और वह वहां नियमित गश्त करता है. सूत्रों ने बताया कि चीनी पक्ष ने इलाके में भारतीय गश्त को‘ अतिक्रमण’ बताया जबकि भारतीय सेना ने इस शब्दावली पर आपत्ति प्रकट की. एक सूत्र ने बताया, असाफिला में हमारी गश्त पर चीन की ओर से विरोध हैरान करने वाला है. साथ ही उन्होंने कहा कि अतीत में इलाके में चीनी घुसपैठ की कई घटनाएं हुयीं , जिन्हें भारतीय पक्ष ने गंभीरता से उठाया. बीपीएम तंत्र के तहत दोनों पक्ष अतिक्रमण की किसी भी घटना पर अपना विरोध दर्ज कर सकते हैं क्योंकि दोनों देशों के बीच एलएसी को लेकर अलग-अलग नजरिया है.

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