Breaking News:

उत्तराखण्ड में पल्स पोलियो अभियान का आगाज -

Monday, June 29, 2026

अपराध : भांजे को मौत के घाट उतारने वाला मामा गिरफ्तार -

Monday, June 29, 2026

दुःखद : पिता ने मोबाइल फोन चलाने से किया मना 14 वर्षीय किशोरी ने लगाई फांसी -

Thursday, June 25, 2026

देश प्यार और मोहब्बत से चलेगा, नफरत से नहींः मदनी -

Thursday, June 25, 2026

धमकी देने वालों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाईः मुख्यमंत्री धामी -

Thursday, June 25, 2026

जूनून और साहस के आगे झुकी दिव्यांगता -

Thursday, June 25, 2026

आईपीएस अमित सिन्हा को डॉ विरेन्द्र सिंह रावत ने दी बधाई, जानिए खबर -

Thursday, June 25, 2026

जरा हटके : लैंड-लव-थूक जिहाद के बाद अब विकेश नेगी ने उठाया ‘नौकरी जिहाद’ का मुद्दा -

Sunday, June 21, 2026

हेमकुंड यात्रा से जुड़े प्रकरण को सांप्रदायिक रंग देने वालों पर होगी कार्रवाईः गृह सचिव उत्तराखंड -

Sunday, June 21, 2026

कुलपति द्वारा एक वर्ष में गढ़वाल विवि ने नए आयाम स्थापित किए, जानिए खबर -

Sunday, June 21, 2026

जैन धर्म : श्रुत पंचमी के पावन अवसर पर भव्य कार्यक्रम आयोजित -

Saturday, June 20, 2026

जैन कुल उपनिति संस्कार का आयोजन, जानिए खबर -

Saturday, June 20, 2026

लोहाघाट में कार खाई में गिरने से लगी आग में दो लोगों की मौत, तीन घायल -

Saturday, June 20, 2026

भूमि खरीद घोटाले में धामी सरकार का बड़ा एक्शन, जानिए खबर -

Saturday, June 20, 2026

युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, जानिए खबर -

Saturday, June 20, 2026

पहचान : डीआईटी यूनिवर्सिटी की एनसीसी गर्ल्स कैडेट्स ने संस्थान और राष्ट्र का नाम किया रोशन -

Wednesday, June 17, 2026

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय संघ की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी को दिलाई शपथ -

Wednesday, June 17, 2026

मोदीपुरम से ऋषिकेश तक हाई स्पीड नमो भारत ट्रेन का सपना होने जा रहा सच -

Wednesday, June 17, 2026

दोषियों को कड़ा सबक सिखाए सरकारः अनुप पांडेय -

Monday, June 15, 2026

देहरादून साइक्लिंग क्लब द्वारा श्रद्धांजलि साइकिल रैली आयोजित -

Sunday, June 14, 2026



उत्तराखण्ड के लिए राज्य पुलिस आधुनिकीकरण राशि को बढ़ाया जाए : सीएम त्रिवेंद्र

देहरादून/ छत्तीसगढ़ | मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने केंद्र सरकार से अनुरोध किया है कि केन्द्र पोषित, बाह्य सहायतित और राज्य पोषित सभी योजनाओं में क्षतिपूर्ति वनीकरण के लिए डिग्रेडेड फाॅरेस्ट लैंड की अनुमति दी जाए। उत्तराखण्ड के लिए राज्य पुलिस आधुनिकीकरण राशि को बढ़ाया जाए। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत खाद्यान्न के परिवहन का सम्पूर्ण व्यय का वहन भारत सरकार द्वारा किया जाए। दाल पर दी जाने वाली सब्सिडी को जारी रखा जाए। पर्वतीय क्षेत्रों में भण्डारण क्षमता के विस्तार में सहायता उपलब्ध कराई जाए।


केंद्रीय गृहमंत्री की अध्यक्षता में मध्य क्षेत्रीय परिषद की 22 वीं बैठक

छत्तीसगढ़ के रायपुर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में मध्य क्षेत्रीय परिषद की 22 वीं बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि प्रत्येक गाँव के 5 किमी के दायरे में बैंक की सुविधा सुनिश्चित की जाएगी।  मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने विभिन्न बिंदुओं पर राज्य के पक्ष को रखते हुए अनेक महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए। बैठक में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी उपस्थित थे।


केंद्र सरकार से दाल पर सब्सिडी जारी रखने का अनुरोध

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने केंद्र से दाल पर 15 रूपए प्रति किलोग्राम सब्सिडी को जारी रखने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में ‘मुख्यमंत्री दाल पोषित योजना’ शुरू की गई है जिससे राज्य के 23 लाख राशनकार्ड धारकों के लिए प्रतिमाह 2 किलोग्राम दाल सस्ती दरों पर उपलब्ध कराई जा रही है।


राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा में खाद्यान्न परिवहन का पूरा भार वहन करे केंद्र सरकार

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत प्राथमिक परिवार और अन्त्योदय अन्न योजना में आवंटित खाद्यान्नों के परिवहन के लिए 100 रूपए प्रति क्विंटल की राशि दी जा रही है। उत्तराखण्ड एक पर्वतीय प्रदेश है। यहां परिवहन लागत, मैदानी राज्यों की तुलना में कहीं अधिक आती है। वर्तमान में राज्य में खाद्यान्नों के परिवहन पर 237 रूपए प्रति क्विंटल लागत आ रही है। इसके कारण राज्य सरकार को इस पर प्रति वर्ष 65 करोड़ रूपए का अतिरिक्त व्यय करना पड़ रहा है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत खाद्यान्न के परिवहन का सम्पूर्ण व्यय का वहन भारत सरकार द्वारा किया जाना चाहिए।


पर्वतीय क्षेत्रों में भण्डारण क्षमता विस्तार में केंद्र से सहायता का अनुरोध

मुख्यमंत्री ने राज्य के सुदूर पर्वतीय क्षेत्रों में 55 हजार मीट्रिक टन की भण्डारण क्षमता के विस्तार के लिए भारत सरकार से वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि हर साल अति वृष्टि, बर्फबारी, भूस्खलन को देखते हुए बरसात और सर्दियों के मौसम में पर्वतीय क्षेत्रों में 3 माह के लिए खाद्यान्नों का अग्रिम भण्डारण किया जाना बहुत जरूरी है। राज्य में लगभग 2.5 (ढ़ाई) लाख मीट्रिक टन भण्डारण की आवश्यकता है परंतु वर्तमान में केवल 1.94 लाख मीट्रिक टन की ही भण्डारण क्षमता है।


क्षतिपूर्ति वनीकरण के लिए डिग्रेडेड फाॅरेस्ट लैंड की अनुमति

मुख्यमंत्री ने केन्द्र पोषित, बाह्य सहायतित और राज्य पोषित सभी योजनाओं में क्षतिपूर्ति वनीकरण के लिए डिग्रेडेड फाॅरेस्ट लैंड की अनुमति प्रदान किए जाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा बी.आर.ओ. की सड़क योजनाओं और केंद्र सरकारध् केन्द्रीय सार्वजनिक उपक्रमों की परियोजनाओं में क्षतिपूर्ति वृक्षारोपण के लिए डिग्रेडेड फाॅरेस्ट लैंड की अनुमति प्रदान की गई है। परंतु राज्य सरकार की वित्त पोषित योजनाओं में ऐसी अनुमति नहीं दी गई है। एक ही राज्य में मानकों की भिन्नता औचित्यपूर्ण प्रतीत नहीं होती है।

भूमि व जलसंरक्षण में टेरिटोरियल आर्मी के उपयोग के लिए कैम्पा में हो प्रावधान

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में टेरिटोरियल आर्मी की दो इकाईयां वृक्षारोपण और नमामि गंगे में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। इनका सदुपयोग भूमि और जल संरक्षण के कार्यों में किया जा सकता है। इन कामों के लिए राज्य सरकार के पास कैम्पा निधि में धनराशि उपलब्ध है। परंतु प्रतिकरात्मक वन रोपण निधि अधिनियम 2016 के नियमों के अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा कैम्पा निधि से टेरिटोरियल आर्मी की इन इकाईयों का वित्त पोषण नहीं किया जा सकता है। इसलिए केंद्र सरकार से अनुरोध है कि या तो संबंधित नियमों में आवश्यक परिवर्तन करते हुए राज्य सरकार को यह अधिकार दिया जाए। अथवा केंद्र सरकार के स्तर से राष्ट्रीय कैम्पा निधि से कराने की व्यवस्था की जाए।  
राज्य पुलिस आधुनिकीकरण में सहायता राशि बढ़ाई जाए

मुख्यमंत्री ने गृह मंत्रालय, भारत सरकार से राज्य पुलिस आधुनिकीकरण में सहायता राशि बढ़ाए जाने और इस राशि का उपयोग भवन व वाहन में किए जाने की अनुमति देने का अनुरोध किया। केंद्र सरकार द्वारा बी.ए.डी.पी. (सीमावर्ती क्षेत्र विकास योजना) में राज्य पुलिस के लिए भी प्रावधान किए जाने पर विचार किया जाना चाहिए। दैवीय आपदा की स्थिति में सहायता के लिए निर्धारित मानकों को पर्वतीय क्षेत्रों के अनुकूल बनाए जाने की आवश्यकता है।

Leave A Comment